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विराट कोहली को जिस तरह पूजते हैं बीसीसीआई के अधिकारी,वैसे नरेंद्र मोदी को उनके मंत्री भी नहीं पूजते: रामचंद्र गुहा

बीसीसीआई कोहली को जैसे पूजता है, वैसे नरेंद्र मोदी को उनके मंत्री भी नहीं पूजते: रामचंद्र गुहानई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) के पूर्व सदस्य और इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने बीसीसीआई के अधिकारियों व सदस्यों पर निशाना साधा। गुहा ने कहा कि बीसीसीआई के अधिकारी व सदस्य कोहली को जितना पूजते हैं, उतना तो केंद्र सरकार के मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नहीं पूजते होंगे।

गुहा सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीसीसीआई का संचालन देखने के लिए गठित प्रशासकों की समिति में शामिल थे, लेकिन उन्होंने भारतीय क्रिकेट में सुपरस्टार संस्कृति का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था।

गुहा ने एक अंग्रेजी अखबार में अपने कॉलम में बीसीसीआई पर निशाना साधा। उन्होंने सीओए प्रमुख विनोद राय के साथ क्रिकेट सलाहकार ‍समिति सचिन तेंडुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा, अनिल कुंबले को हटाकर रवि शास्त्री जैसे साधारण क्रिकेटर को टीम इंडिया का चीफ कोच इसलिए बना गया क्योंकि इन सभी ने कोहली के रुतबे के आगे समर्पण कर दिया।

उन्होंने लिखा, जिन मामलों में कप्तान की कोई भूमिका नहीं होती है उसमें भी विराट की दखलंदाजी थी। बोर्ड अधिकारी उन मुद्दों पर भी विराट की राय लेते थे जो भारतीय कप्तान के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। गुहा ने लिखा, जब फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम पर विचार-विमर्श के लिए सीओए की बैठक हुई तो बीसीसीआई के कानूनी सलाहकार ने कहा कि विराट की सहमति जरूरी है। जब नेशनल क्रिकेट अकादमी की बैठक हुई तो बोड के सीईओने सुझाव दिया कि विराट की सलाह को अंतिम माना जाए।

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