October 21, 2021
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सीमा पर युद्ध जैसे हालात, सीमा रहवासियों का जीना हुआ मुहाल, ३०००० लोगों का पलायन 

सीमा पर युद्ध जैसे हालात, सीमा रहवासियों का जीना हुआ मुहाल, ३०००० लोगों का पलायन 

जम्मू & कश्मीर।  भारत और पाकिस्‍तान की अंतरराष्‍ट्रीय सीमा और एलओसी पर इस समय युद्ध जैसे हालात बन चुके हैं. नियंत्रण रेखा हो या फिर अंतरराष्‍ट्रीय सीमा, आलम ये है कि पाकिस्‍तान की तरफ से पिछले 7 दिन से भारी मात्र में हैवी मशीनगन फायर किया जा रहा है. ऐसे में लाखों सीमावासियों का जीना मुहाल हो चुका है। वे दहशत के साए में हैं। उनके लिए स्थिति न निगलने और न उगलने वाली है। सप्ताह से सीमा पर हो रही पाक गोलाबारी से युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। सांबा के रामगढ़ सेक्टर में मंगलवार को भारी गोलाबारी के बाद हीरानगर से सटे सीमांत गांव वासियों के लिए यहां रहना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। लोग दहशत में हैं।

पाकिस्‍तान रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहा है. जिसके कारण लगभग 35 हजार लोग पलायन कर चुके हैं और शरणार्थी शिविरों में ठहरे हुए हैं. अंतरराष्‍ट्रीय सीमा की अगर हम बात करें तो कठुआ से लेकर अखनूर तक लगभग 60 से ज्‍यादा बीएसएफ की पोस्‍टों को निशाना बनाया जा रहा है और इस फायरिंग के चलते 200 से ज्‍यादा गांव प्रभावित हुए हैं.

अखनूर से लेकर एलओसी भारतीय सीमा पर बीएसएफ की 50 से ज्‍यादा चौकियों को निशाना बनाया जा रहा है और 200 से ज्‍यादा गांव वहां भी प्रभावित हुए हैं. ऐसे में सवाल ये है कि इन दिनों ही ज्‍यादा फायरिंग क्‍यों हो रही है? तो सीधा-सीधा इसका मकसद है पाकिस्‍तान का कि किसी भी तरीके से ज्‍यादा से ज्‍यादा आतंकियों की घुसपैठ कराई जा सके. दरअसल कश्‍मीर में सेना की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन ऑल आउट के तहत काफी संख्‍या में उनके कमांडर्स और उनके कैडर मारे गए हैं. कई लोग अंडरग्राउंड हो चुके हैं. वहां पर कोई भी ऐसी कार्रवाई नहीं हो रही है, यही वजह है कि पाकिस्‍तान चाहता है किसी न किसी तरीके से आतंकियों की घुसपैठ कराकर कैडर को कश्‍मीर घाटी भेजा जाए और वहां पर हमले कराए जाएं.

सूत्रों के अनुसार खबर यह भी है कि पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई बड़ी संख्‍या में आतंकियों को लेकर अंतरराष्‍ट्रीय सीमा और एलओसी के पास बने लांचिंग पैड पर पहुंच चुकी है और वो चाहती है किसी न किसी तरह से आतंकी जम्‍मू कश्‍मीर की सीमा के भीतर दाखिल हों और सेना, पुलिस व सुरक्षाबलों के ठिकानों पर हमले करें क्‍योंकि पाकिस्‍तान का बहुत ज्‍यादा नुकसान हो चुका है.

एक आंकड़े के अनुसार जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने क्रॉस बॉर्डर रेड भी की थी जिसमें उनके चार सैनिेक मारे गए थे. जिसमें एक अधिकारी शामिल था. वहीं मेंढर में जवाबी कार्रवाई में सात जवान मारे गए थे, जिनमें एक अधिकारी भी शामिल था. बीएसएफ ने हीरानगर और सांभा सेक्‍टर में जो जवाबी कार्रवाई की थी, उसमें उनके 10 से 12 रेंजर मारे गए थे. अर्निया सेक्‍टर और आरएसपुरा के उस पार जवाबी कार्रवाई में पाकिस्‍तानी रैंजर्स के मरने वालों की संख्‍या एक दर्जन से ज्‍यादा हो चुकी है. बहुत सी पोस्‍ट उनकी तबाह हुई हैं, कई घर उनके भी टूटे हैं, यही वजह है कि पाकिस्‍तान बौखलाहट के चलते लगातार इस इलाके में फायरिंग कर रहा है.

एक आंकड़े के अनुसार अखनूर से लेकर कठुआ तक जो अंतरराष्‍ट्रीय सीमा है, वहां पर 20 के करीब ऐसे नाले और नदियां हैं, जहां से घुसपैठ की आशंका बनी रहती है. यही हालत अगर देखें तो अखनूर से लेकर पुंछ तक का जो इलाका है एलओसी का, वहां पर भी ऐसे नाले-नदियां, जंगल, पहाडि़यां और झरने हैं जहां से घुसपैठ हो सकती है.

अभी तक के आंकड़ों में बीएसएफ के 5 जवान शहीद हो चुके हैं और 7 नागरिक मारे गए हैं. 50-60 के करीब लोग घायल हुए हैं. करीब 35 हजार लोगों ने पलायन किया है. एक हजार से ज्‍यादा घरों को नुकसान हुआ है. News 18 india

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