October 20, 2021
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50 छात्र-छात्राओं का भार सिर्फ एक शिक्षक के कंधे पर

एक शिक्षक के भरोसे 50 छात्र छात्राये 

हरितछत्तीसगढ़, विवेक तिवारी,पत्थलगांव

पत्थलगांव। शिक्षा विभाग स्कूलों एवं छात्रों के प्रति कितना सजग है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत बालाझर में स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत संचालित इस स्कूल में पिछले एक वर्ष से केवल एक ही शिक्षक पदस्थ है। 50 छात्र-छात्राओं का भार सिर्फ एक शिक्षक के कंधे पर है। जिसे लेकर अभिभावकों में भारी आक्रोश है। एक शिक्षक के हेने से स्कूल की शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अभिभावकों ने इसके लिए पूर्व विकासखंड शिक्षाधिकारी के गैरजिम्मेदाराना रवैये को जिम्मेदार ठहराया है।
ग्राम पंचायत बालाझर के असड़ियो पारा मोहल्ले में प्राथमिक शाला असड़ियो पारा संचालित है। कहने को तो यहां दो शिक्षक जागेश्वर यादव तथा भगवती बाज पदस्थ हैं परंतु अध्यापन का कार्य केवल एकमात्र शिक्षक जागेश्वर यादव द्वारा किया जा रहा है। यहां पदस्थ शिक्षिका भगवती बाज जनवरी 2017 से चिकित्सकीय अवकाश पर बताई जा रही है। इससे स्कूली विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक की कक्षाएं संचालित हैं जिनमें 50 बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में एक शिक्षक द्वारा स्कूल का संचालन किस प्रकार किया जा रहा होगा इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। और स्कूल केवल मध्यान्ह भोजन का केंद्र बन कर रह गया है। लोगों ने इसके लिए पूर्व विकासखंड शिक्षाधिकारी राधेश्याम दिवाकर को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का कहना है कि शिक्षिका के चिकित्सकीय अवकाश को विकासखंड शिक्षाधिकारी द्वारा स्वीकृत किए जाने से मामला उनके संज्ञान में भी था। परंतु इसके बावजूद उनके द्वारा शिक्षण व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए कोई पहल नहीं की गई। स्कूल में अव्यवस्था का यह आलम है कि शिक्षक के बीमार पड़ने पर शाला नहीं खुलती। ऐसी ही स्थिति के कारण सोमवार को भी स्कूल नहीं खुल सका। बताया जाता है कि यहां पदस्थ शिक्षक जागेश्वर यादव शनिवार को एक दुर्घटना में घायल हो गए। दुर्घटना में उन्हें कंधे के पास फ्रैक्चर हुआ है। जिसके बाद परिजनों द्वारा उपचार के लिए उन्हें बाहर ले जाया गया है। एक भी शिक्षक के उपस्थित नहीं रहने के कारण शाला में सोमवार को अध्यापन कार्य नहीं हो सका। लोगों ने इसे लेकर भी सवाल उठाए हैं। इस मामले में पक्ष जानने के लिए विकासखंड शिक्षाधिकारी श्रीमती एस मिंज से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया वहीं बीआरसीसी लक्ष्मण शर्मा ने इसे अपने कार्यक्षेत्र से बाहर का विषय बताया है।
लोगों में नाराजगी
मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई है। बालाझर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इसे विभागीय अधिकारियों की लापरवाही बताया है। उनका कहना है कि शिक्षिका के चिकित्सकीय अवकाश पर जाने की अधिकारियों को जानकारी थी परंतु इसके बावजूद अधिकारियों ने व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए कोई पहल नहीं की। यहां तक कि शिक्षिका के 1 वर्ष तक अवकाश पर रहने के दौरान विभाग द्वारा स्कूल की सुध नहीं ली गई। इससे शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर शिक्षा विभाग के रवैये का पता चलता है। उन्हांेने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है परंतु विभागीय अधिकारियों के इस रवैये से सरकार के प्रयासों पर पानी फिर रहा है। उन्हांेने इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी को अवगत कराने के साथ ही उच्चाधिकारियों को भी पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराने की बात कही है।

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