October 22, 2021
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तीज त्यौहार को लेकर , बाजारों में बढ़ी चहल-पहल, पत्नियां, शिव-महागौरी से मांगेंगी पति की लंबी आयु

खरीदारी के लिए जुट रही महिलाओं की भीड़
विवेक तिवारी हरित छत्तीसगढ़ पत्थलगांव : पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं तीज पर्व करती हैं. इस वर्ष तीज 24 अगस्त को मनाया जायेगा. भगवान शिव आैर महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है. इसको लेकर चहल पहल बढ़ गयी है. तीज के बाजार में महिलाओं की भीड़ जुटने लगी है़  तीज पर्व में सोलह शृंगार का काफी महत्व है.
साथ ही डिजाइनर साड़ियां और मेहंदी भी व्रतियों के लिए खास महत्व रखता है. यह व्रत निर्जला किया जाता है. हरितालिका तीज का व्रत सुहागिन  महिलाएं और कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर के लिए करती है़ं   मान्यता है कि तीज  करने से व्रती की हर मनोकामना पूरी होती है. सुहागिन महिलाओं का सौभाग्य अखंड बना रहता है और  उसे सात जन्मों तक पति का साथ मिलता है.
पूजा का उपयुक्त समय
24 अगस्त को दिन के 3.57 बजे से हस्ता  नक्षत्र शुरू हो रहा है. इस दिन रात 9:16 बजे तक तृतीया है. इसके बाद चतुर्थी की शुरुआत होगी. इस कारण 3.57 से  9.16 के बीच तीज पूजन  के लिए  अति उत्तम है.
तृतीया तिथि 23 की रात  9:40 बजे से शुरू हो रही  है. तीज की पूजा के लिए प्रदोष काल का समय  सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस बार  प्रदोष काल में पूजा के लिए काफी प्रयुक्त समय मिल रहा है, जो व्रत  धारियों के लिए  शुभ है. वहीं 25 को गणेश चतुर्थी है. यह रात 9:23 बजे  तक है. इस दिन शाम में भगवान की पूजा के लिए काफी समय मिल रहा है. 25 को ही मिथिला का लोकपर्व चौठचंद्र भी है.  इस दिन शाम 6:21 बजे चंद्रोदय  होगा. रात 8:57 बजे तक चंद्रमा का दर्शन होगा. 25 अगस्त की शाम चंद्रमा  के उदय के बाद अर्घ्य दिया जायेगा़
यह है मान्यता
भाद्रपद शुक्ल तृतीया को हरितालिका तीज का त्योहार शिव और पार्वती के पुनर्मिलन  के अवसर पर मनाया जाता है़   मान्यता है कि  भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए मां पार्वती 107  जन्म ली थी़  अंततः मां  पार्वती के कठोर तप के कारण उनके 108वें जन्म में भगवान शिव ने पार्वती को  अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था. उसी समय से ऐसी मान्यता है  कि इस व्रत को करने से मां पार्वती प्रसन्न होकर पति की दीर्घायु होने  का आशीर्वाद देती है.
तीज का बाजार भी सजकर तैयार
तीज के बाजार में महिलाओं की भीड़ जुट रही है. महिलाएं साड़ियाें की खरीदारी कर रही हैं. साथ ही सुहाग सामग्री का सेट भी  खूब बिक रहा है. इसमें मेहंदी, चूड़ी, बिछिया, काजल, बिंदी, कुमकुम, सिंदूर,  कंघी, माहौर आदि चीजें शामिल है़ं   इसे पूजन के बाद मंदिर में दान किया जाता  है़   कई महिलाएं सेट के अलावा अलग अलग से भी सामग्री की खरीदारी करती है़ं

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