October 21, 2021
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लमकेना घुमा में कोटा पुलिस वन विभाग कि संयुक्त कार्रवाई। सागौन सराई सहित आरा मशीन जप्त किया गया वन अधिनियम के तहत।

लमकेना घुमा में कोटा पुलिस वन विभाग कि संयुक्त कार्रवाई।

सागौन सराई सहित आरा मशीन जप्त किया गया वन अधिनियम के तहत।

इमरती लकड़ी की कीमत लाखों में।

दिनांक:–29–01-2018

संवाददाता:– मोहम्मद जावेद खान कोटा।

करगीरोड कोटा:- कोटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पढ़ने वाले ग्राम पंचायत लमकेना में आज मुखबिर की सूचना पर कोटा पुलिस व वन विभाग की टीम के द्वारा और उनकी सक्रियता पर ग्राम लमकेना में सागोन-सराई कि इमारती लकड़ी जप्त की गई जिसमें की जंगलों से अवैध रूप से कटाई कर वहां के ग्रामीणों द्वारा अपने घरों में छिपा करके रखा गया था कई जगह तो पैरावट,घर के पटाव में भी उस लकड़ी को रखे हुय थे जहां पर वन विभाग की टीम व कोटा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सभी जगह छिपाए हुए लकड़ी को निकाल कर अपने कब्जे में ले लिया गया इमारती लकड़ियों की तस्करी लमकेना, धूमा, शांतिपुर क्षेत्र तरफ अवैध सालों से चला आ रहा है ।
सागौन की इमारती लकड़ी को छिपाकर अवैध कारोबार किये जा रहे थे ना जाने यह अवैध कारोबार कर रहे है उसकी जानकारी अगर नहीं मिलती तो शायद शासन को लाखों का नुकसान हो रहे थे जप्त की गई सगोंन की इमारती लकड़ी 5 लाख से ऊपर की बताई जा रही है जिसमें की लकड़ी चीरने वाले 4 आरा मशीन व सिलपट चिरान 70 नग लगभग जप्त की गई कोटा थाना प्रभारी कृष्णकांत सिंह व वन विभाग के रेंजर शैलेश बघेल की टीम के द्वारा आज लमकेना ग्राम में पहली कार्यवाही की गई है, सुबह से ही कार्यवाही चलती रही जप्त की गई लकड़ी को सेल डिपो कोटा में रखा गया
वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को जब इसकी सूचना दी गई तो मौके पर नहीं पहुंचे इतनी बड़ी कार्यवाही के दौरान एसडीओ डी एन त्रिपाठी का ना पहुंचना एसडीओ डी एन त्रिपाठी की भूमिका संदिग्ध दिखाई पड़ता है लाखों की इमारती लकड़ी की तस्करी की जा रही है इस बात की जानकारी क्या रेंज के एसडीओ को नहीं थी एसडीओ डी एन त्रिपाठी शुरू से ही कोटा रेंज में ही पदस्थ रहे हैं और शुरू से ही मामलों में कार्यवाही ना कर ने ने इनकी भूमिका संदिग्ध रही है पूर्व में बेलगहना रेंज के रेंजर द्वारा मजदूरी भुगतान में 55 लाख रुपए की गड़बड़ी का मामला सामने आया था जिसमें कि एसडीओ डी एन त्रिपाठी की भूमिका संदिग्ध थी उसकी जांच अब तक नहीं हो पाई है, साथ ही कुछ दिनों पहले कोटा नगर व बेलगहना रोड में बहुत सारे पेड़ों की कटाई की गई थी इस तरह की जानकारी होने के बावजूद भी एसडीओ डी एन त्रिपाठी व कोटा रेंज के रेंजर जो भी वर्तमान में मुंगेली में पदस्थ हैं पेड़ों की कटाई पर इनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई थी,सूत्रों के अनुसार पेड़ों की कटाई के मामले में कार्यवाही ना करने के लिए लंबा लेनदेन किया गया था,लेन देन कर पेड़ों की कटाई के मामले को दबा दिया गया था।कोटा एसडीओ डीएन त्रिपाठी का अक्सर मुख्यालय में न होने के कारण लकड़ी तसकर के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं,ग्राम लमकेना विवादित इलाका होने के कारण से वन विभाग को और ज्यादा टीम की आवश्यकता थी लेकिन वहां पर उनकी टीम ज्यादा तौर पर दिखाई नहीं दी खास तौर पर पुलिस की टीम की ही सक्रियता नजर आई एसडीओ डी एन त्रिपाठी वन विभाग कोटा को बोला गया कि ज्यादा से ज्यादा वन विभाग की टीम मौके पर उपलब्ध नहीं करा पाए, क्या कारण हो सकता है और जिम्मेदार अधिकारी वहां नहीं पहुंचे यह समझ से परे है अब देखना यह होगा कि लमकेना ग्राम में सागौन की इमारती लकड़ी पकड़ाई है उन चार आरोपियों के ऊपर क्या कार्यवाही की जाती है।

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