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क्या गांधी जी के सत्य -अहिंसा,बिना खड्ग और ढाल के हमे आज़ादी मिल गई?
और यदि आज़ादी इन सब चीजों से मिली तो भारत माँ को खंडित क्यों किया गया?यदि यह भी मजबूरी थी तो जब धर्म के आधार पर एक देश पाकिस्तान बना तो दूसरे को धर्म निरपेक्ष क्यों बना दिया गया,केवल इसलिए कि एक बड़ा वर्ग तत्कालीन पार्टी को वोट करता रहे जिन्हें यहाँ शरण दिया जा रहा है, और सत्ता की बागडोर हमेशा इस पार्टी के हाथों में रहे।हिन्दू जनमानस जिन्हें पाकिस्तान से गाजर मूली की तरह काटते हुए भारत भेजा गया उनके लिए कोई संवेदना नही थी,सर्द रातों में खाली पड़ी मस्जिदों में उन्होंने शरण ली तो उन्हें केवल इसलिए वहाँ से मरने के लिए बाहर निकाल दिया गया कि धर्म विशेष की भावना आहत न हो।
हम तो यह सुनते और पढ़ते हैं कि उस समय तत्कालिक ब्रिटिश प्रधानमंत्री Sir Clement Etlee ने एक साक्षात्कार में कहा था कि भारत की आजादी गांघी जी के कारण नही बल्कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद ब्रिटेन की कमजोर अर्थब्यवस्था, भारत के क्रांतिकारी,1857 के क्रांति जैसे वातावरण का भय तथा सुभाष चंद्र बोस की INA थी।ब्रिटिश शासन अपने उपनिवेशकों और फौज का खर्च उठाने में असक्षम होता जा रहा था।श्रीलंका, जॉर्डन,इजराइल को भी आज़ाद कर दिया गया था तथा 1965 तक 15-20 देश को भी ब्रिटेन ने मुक्त कर दिया था जहाँ गांधी जी का आंदोलन नही था।
विश्वदिनी पांडेय
हिन्दू स्वाभिमान संगठन रायपुर छग

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