October 20, 2021
Breaking News

रतनपुर,पल्स पोलियो अभियान के तहत पोलियो -ड्राप-पिलाने से नवजात शिशुओं की हालत गंभीर।

पल्स पोलियो अभियान के तहत पोलियो -ड्राप-पिलाने से नवजात शिशुओं की हालत गंभीर।


सभी नवजात शिशुओं की उम्र 2वर्ष के अंदर कि 30 जनवरी को पिलाया गया था पोलियो ड्रॉप।

उल्टी-दस्त-बुखार से पीड़ित सभी शिशु रतनपुर के वार्ड नंबर 5 पहाड़ी पारा के रहने वाले हैं।

दिनाँक:–01-02-2018

संवाददाता:–मोहम्मद जावेद खान हरित छत्तीसगढ़।

रतनपुर:——-पल्स पोलियो अभियान के तहत 30 जनवरी को रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 1-साल के अंदर के और 1-साल के ऊपर के नवजात शिशुओं को पोलियो से बचाव हेतु पोलियो-ड्राप पिलाया गया 31-जनवरी के रात से ही रतनपुर नगरपालिका के अंतर्गत आने वाला वार्ड नंबर-5 पहाड़ी पारा के रहने वाले परिवार के बच्चों की तबीयत उल्टी,दस्त और बुखार से नवजात शिशुओं की हालत काफी गंभीर बनी हुई है परिवार वालों द्वारा इस बारे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर में नवजात शिशुओं को इलाज के लिए ले जाया गया पर उल्टी, दस्त,बुखार में कोई सुधार नहीं हुआ।


नवजात शिशु के माता-पिता परिवार वाले बच्चों के हालात को देखकर चिंतित हैं,व घबराये हुये है,पिछले दिनों कोरबा जिला में एक 13-दिन के दुधमुंहे बच्चे की मौत होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ था,पोलियो ड्राप पिलाएं जाने से अब बिलासपुर जिले के रतनपुर से ये खबर आ रही है,कुछ दिनों पहले ही रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया गया था, पीड़ित परिवार वालों का कहना है,कि नवजात शिशुओं की हालत के बारे में रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चाइल्ड स्पेशलिस्ट को दिखाया गया उनके द्वारा दवाइयां भी दी गई पर उसमें अब तक कोई सुधार नहीं दिख रहा है,गौर करने वाली बात यह है,यह घटना होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से इस बारे में बात करने पर उन्होंने कहा कि अभी मौसम ऊपर नीचे चल रहा है,ठंड के वजह से ऐसे हो सकता है। पोलियो ड्राप पिलाने की वजह से उल्टी दस्त और बुखार नहीं हुआ है,उनसे जब पूछा गया कि 1-दिन पहले वही सभी बच्चे स्वस्थ थे पोलियो ड्राप पिलाने के बाद अचानक उनकी तबीयत अगर खराब हो गई है,और आपको इसके बारे में जानकारी दी जा रही है,तो आपके द्वारा पीड़ित परिवार के नवजात शिशुओं के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं,इस पर उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं कहा और मौसम का दोष बताने लगे।

स्वास्थ विभाग के सीएमएचओ जो कि बिलासपुर में रहते हैं,उनसे बात करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं हुई है,आपके द्वारा संज्ञान दिलाने पर मैं रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जानकारी लेकर पीड़ित परिवारों के नवजात शिशुओं की हालातों की जानकारी लेता हूं।

रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों को इस बात की जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को देने की आवश्यकता नहीं पड़ी,उनके द्वारा यह जानने के बाद कि पीड़ित परिवार के नवजात शिशु की हालत गंभीर बनी हुई है,तो पीड़ित परिवार के यहां जाकर नवजात शिशुओं के हालात को ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर या फिर सीएमएचओ बिलासपुर को बताएं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अधिकारियों के यही रवैया से मरीजों की हालत गंभीर बनी रहती है,जब हालात काबू करने की बात होती है,तब ध्यान नहीं दिया जाता जब किसी मरीज की मौत हो जाती है,तब ठीकरा फोड़ने के लिए व्यक्ति देखा जाता है,की फलाने कर्मचारी की लापरवाही के वजह से ऐसा हुआ वैसा हुआ।

फिलहाल पहाड़ी पारा वार्ड नंबर 5 निवासी नीलू उम्र-18माह/ पिता-ताराचंद उल्टी-दस्त-बुखार से पीड़ित है,अरनव सरवंश उम्र-9माह /पिता सत्यप्रकाश उल्टी-दस्त-बुखार से पीड़ित है, शैलेश कुमार उम्र-13माह पिता/ भगतराम उल्टी-दस्त-बुखार से पीड़ित है,अंशकुमार उम्र-3माह/ पिता कृष्णा सुनहले उल्टी-दस्त बुखार से पीड़ित सभी के सभी रतनपुर के वार्ड नंबर 5 पहाड़ी पारा निवासी हैं,पीड़ित परिवार वालों के कथनानुसार अब तक स्वास्थ्य विभाग या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया ना ही पीड़ित नवजात शिशुओं की हालात जस की तस है, कोई सुधार नही दिख रहा है, इलाज के लिए कोई तत्कालिक व्यवस्था नहीं की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *