October 21, 2021
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शिक्षाकर्मियो के संघर्ष व आंदोलन की कहानी अब जन जन की जुबानी,छात्रो ने दबाव समूह पर विषय कार्य में किया शिक्षाकर्मी संघ व आंदोलन का उल्लेख‼

शिक्षाकर्मियो के संघर्ष व आंदोलन की कहानी अब जन जन की जुबानी,छात्रो ने दबाव समूह पर विषय कार्य में किया शिक्षाकर्मी संघ व आंदोलन का उल्लेख‼

छत्तीसगढ़ पंचायत न नि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि शिक्षाकर्मियो के संघर्ष व आंदोलन की कहानी अब जन जन की जुबानी बन गई है।सत्र 13-14 के 38 दिवसीय आंदोलन तथा वर्तमान सत्र के 15 दिवसीय आंदोलन व विगत 20-22 वर्षो के संघर्ष की दास्तान अब छत्तीसगढ के हर वर्ग के जेहन मे गूंज रही है प्रदेश के सबसे बडे कर्मचारी संगठन को अब सभी वर्ग पहचान चुके है,,यही कारण है कि अब छात्र समूह भी हमारे आंदोलन व संघर्ष की दास्तान लिखने लगे है उन्होंने कहा कि अपने शिक्षक के संघर्ष की पीडा बहुत कुछ इनको भी विचलित कर देती है।,,इसलिए पिछले आंदोलन मे कई जगह छात्र समूह भी अपने शिक्षको के मांगो के समर्थन मे सड़क पर उतर आंदोलन को समर्थन दिया था।केवल यही नही,,अब यही वर्ग अपने पाठ्यक्रम गत परियोजना कार्य मे दबाव समूह पर किए गए अपने कार्य मे छ ग शिक्षा कर्मी संघ को दबाव समूह मे सम्मिलित कर पिछले आंदोलन का उल्लेख भी कर रहे है,,,इसका ताजा उदाहरण एक संस्था के कक्षा दसवी के छात्र ने अपने सामाजिक विज्ञान अंतर्गत राजनीति शास्त्र खंड के प्रायोजना कार्य मे उक्त विषय व आंदोलन का उल्लेख कर प्रायोजना तैयार किया है,,जो चर्चा का विषय बना हुआ है ।उक्त प्रयोजना मे छात्र ने एक तस्वीर संघ द्वारा अधिकारियो से चर्चा का भी लगाया है ।जिसमे पिछले आंदोलन के 9 सूत्रीय मांग को लेकर संघर्ष का उल्लेख हुआ है। छात्र ने छ ग शिक्षा कर्मी संघ को छत्तीसगढ का दबाव समूह बताते हुए नियमित कर्मचारियो की तुलना मे वेतन भत्ते सहित अन्य सुविधाओ से वंचित,वेतन भुगतान की समस्या, सेवा शर्तो मे सुधार आदि विषय व संविलियन की मांग का जिक्र भी किया है* ।इस पर छ ग पं न नि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, बालोद के जिलाध्यक्ष दिलीप साहू व प्रदेश सहसचिव प्रदीप साहू तथा गुरूर ब्लाकाध्यक्ष सूरज गोपाल गंगबेर तथा जिले के समस्त शिक्षा कर्मियो ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए व सभी की भावनाओ को समझते हुए शीघ्र मांगो पर निर्णय कर संविलियन करने की मांग शासन से की है।

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