October 26, 2021
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हाथियों का उत्पात जारी,एक की मौत,स्कुल भवन समेत कई घरों मे तोड़फोड़,पत्थलगांव शहर में भी दंतैल हाथियों का खतरा बढ़ा

हाथियों का उत्पात जारी,एक की मौत स्कुल भवन समेत कई घरों मे तोड़फोड़
हरित छत्तीसगढ़ विवेक तिवारी/संजय तिवारी  पत्थलगांव अब पत्थलगांव शहर में भी हाथियों का खतरा बढ़ गया है यह से महज तिन किलोमीटर की दुरी पर जंगली हाथियों द्वारा जमकर उत्पात मचाने से शहर में भी उनका खतरा मंडराने  लगा है बिती रात हाथियों के दल ने पत्थलगांव के नजदीकी ग्रामों मे मे जमकर उत्पात मचाते हुए एक ग्रामीण को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया वहीं कई घरो समेत पाकरगांव मुड़ापारा स्थित कार्तिक उरांव स्कूल भवन को भी तोड़ दिया। 

मिली जानकारी के मुताबिक इन दिनों पत्थलगांव क्षेत्र मे बारह से तेरह हाथियों का दल विचरण करते हुए लोगों के जानमाल को नुकसान पहुंचा रहा है।यहां के कंटंगजोर,पतरापाली,मुड़ापारा पाकरगांव पंचायत मे हाथियों ने दो दिन के अतराल मे जमकर उत्पात मचाते हुए ग्रामीणों मे दहशत फैला दी है। जहां  एक ग्रामीण की मौत ओर दर्जनों घरों मे तोड़फोड़ के बाद भी वन विभाग हाथियों को भगा पाने मे असर्मथ नजर आ रहा है वहीं ग्रामीणों के सामने रतगजा

कर रात गुजारने की मजबुरी आ गई हैं।बताया जाता है कि पतरापाली विचरण के दौरान हाथियों का द लमे से तीन नर हाथी भटक गए है वहीं बाकी के हाथी छिंदबहरी जंगल की ओर रूख कर दिए है भटके हुए हाथियों ने खुतेां मे लगे फसल को नुकसान पहुचाना शरू कर दिया है वहीं मुड़ापारा स्थित स्कूल कात्रिक उरांव स्कुल मे तोड़फोड़ मचाते हुए यहां राजु तिर्की ,अविल कुजुर समेत कई लोगों के घरों को नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के दल से तीन हाथी बिछड़कर मुड़ापारा पंचायत मे अभी भी आंतक फैलाए हुए है वहीं बाकी के नौ हाथी छींदबहरी जंगल की ओर निकल गए है जहा से बह्नाटांगर होते हुवे अभी इंजको के समीप मुरब्बा बाड़ी में डेरा जमाये हुवे है /

जिससे उस छेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों मे दहशत व्याप्त है। विकासखण्ड के वनवासियों के लिए जंगली हाथियों का झुंड बड़ी चुनौती बन गई है। जंगली हाथी तैयार फसल को रौंदकर बर्बाद कर रहे हैं। किसान फसल को बचाने हाथियों को भगाने का प्रयास करते हैं लेकिन हाथियों के झुंड को देख असमर्थ हो जाते हैं। हाथियों के झुंड को भगाने में असमर्थ और परेशान कई ग्रामीण अब गांव छोड़कर अन्यत्र बसने का मन बना रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है की उनके पास हाथी भगाने के लिए न टार्च है और न ही किरासन। संसाधन के अभाव में वे हाथी भगाने में असमर्थ हैं। उन्होंने  कहा कि वन विभाग की लापरवाही का यह नतीजा है।झुंड से बिछड़े हाथी ने लोगों के घरों को तोड़ दिया है. हाथी को काबू में करने में वन विभाग पूरी तरह से नाकाम रहा है. 

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