July 26, 2021
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सहारा कंपनी के कैशियर प्रदीप बडोले से 3 करोड़ की ठगी करने वाले इंटरनेशनल नाइजीरियाई गिरोह का पर्दाफाश

फर्जी ई मेल से लाखों डालर का कमीशन मिलने का झांसा देकर तीन करोड़ की ठगी करने वाले नाइजीरियन गेंग के तीन विदेशी  समेत  6 आरोपी गिरफतार
हरित छत्तीगसढ़ रायपुर। बीते दिनो सहारा कर्मी प्रदीप बड़ोलें से अमरीकन सैनिक बनकर तीन करोड़ की ठगी करने वाले मामले मे पुलिस ने बड़ी सफलता पाई है इस मामले मे रायपुर पुलिस और का्रईम बांच की टीम ने विभिन्न खाते मोबाईल मय सिम व चेक बुक सेमत लेपटाप की भी जब्ती बनाई है। इस संबध मे रायपुर पुलिस अधिक्षक संजीव शुक्ला ने प्रेस कांफ्रेस कर बताया कि क्राईम ब्रांच रायपुर से जितेंद्र वर्मा,मौदहापारा एसआई उत्तम साहु,की टीम एक महिने से दिल्ली मे रहकर आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए मोबाईल सिम और बैंक खातों की विवरण लेना शुरू कर दिया काफी मसक्कत के बाद एक खाता लक्ष्मी विलाश बैंक से प्राप्त जानकारी पर पुलिस ने विनय उर्फ विनोद पासवान को दिल्ली मे हिरासत कर पुछताछ करने पर उसने फिरोज अहमद के साथ मिलकर लक्ष्मी विलास बैंक मे विनय कुमार,राज ट्रेंडग, विनय ट्रेंडग कंपनी के नाम से चार खाता खोलना स्वीकार किया।जिनमे प्रर्थी प्रदीप बड़ोले ने लाखों रूपए डाले थे।पुछताछ मे विनोद ने बताया कि फिरोज अहमद उफ्र दिपक अनवर उर्फ खुस्तर परवेज और कुछ नाइजीरियन जिनका नाम बेन व ड्रे है ने साथ मिलकर इस अपराध को किया है विनोद ने लक्ष्मी विलास बैंक मे जमा किए गए दस्तावेजों को फर्जी बताया है। आरोपियों के पास से तीस नग मोबाईल,12 नग सीम कार्ड,बैंक मे सीज्ड 24 लाख रूपए,चार नग बैंक पासबुक,पांच नग लैपटाप आइ नग चेक बुक की भी जब्ती बनाई है। पुलिस ने बताया कि गिरफतार हुए तीनो नाईजीरियन नागरिकों के भारत निवास की वैधता की भी जाच की जा रही है वहीं इस गेंग द्वारा देश के विजयवाड़ा ,नोयडा, जयपुर,मैसूर, समेत कई हिस्सों मे बड़े वारदात की भी संभावना जताई जा रही है पुछताछ मे और भी कई मामले सामने आने की उम्मीद है।गौरतलब हो कि सहारा कंपनी के कैशियर प्रदीप बडोले से 3 करोड़ की ठगी करने वाले इंटरनेशनल नाइजीरियाई गिरोह की तलाश में पुलिस की टीम ने एक महिने तक दिल्ली कैंप कर संदेहियों के मासेबाईल सिम व बेक खाते की जांच करते हुए आखिरकार ठगों के गिरोह के मास्टर माइंड तक पहुंचने सफलता पाई है।
यह था मामला
सहारा कंपनी में प्रदीप बडोले कैशियर थे। उन्हें पिछले साल दिसंबर में एक मेल आया। मेल करने वाले ने खुद को अमेरिकी महिला बताया। उसी जालसाज ने मेल के जरिये बताया कि उसके पास अघोषित 35 लाख डॉलर है। डॉलर से भरे बॉक्स को छुड़ाने के लिए खाते में पैसा जमा करने के लिए कहा। उसने डॉलर का दस प्रतिशत कमीशन देने का झांसा दिया। कमीशन करोड़ों में था। इस वजह कैशियर झांसे में आ गए। उन्होंने अलग-अलग किश्तों में आठ महीने में 3 करोड़ 9 लाख रुपए जमा कर दिए। उसके बाद उन्हें ठगी का पता चला।

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