July 25, 2021
Breaking News

11 आईएफएस अफसरों पर कार्रवाई की अनुशंसा

रायपुर । छत्तीसगढ़ कैडर के भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के 11 अफसरों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकती है। राज्य सरकार ने इसकी अनुशंसा की है, कार्रवाई केंद्र सरकार को करना है। दरअसल भ्रष्टाचार, अनियमितता, लापरवाही के मामलों में विभागीय जांच (डीई) में इन अफसरों को दोषी पाया गया है। बताया गया है कि इनकी फाइल जल्द ही केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को भेजी जाएगी।

हेमंत कुमार पांडेय- उदंती वनमंडल में क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर आरा मशीनों और काष्ठागारों के भौतिक सत्यापन में अनियमितता का दोष सिद्ध।

– वीएस लकड़ा- कांकेर में नरेगा के तहत सड़क किनारे पौधरोपण में पौधे क्रय में अनियमितता।

– एसएसडी बड़गैया-रायपुर वन मंडल में 204 फर्जी प्रमाणक और महासमुंद वनमंडल में 14 फर्जी प्रमाणक पाए गए।

– सीएल अग्रवाल- अंबिकापुर में सेमरसोत अभयारण्य में अवैध कटाई पर अंकुश लगाने में विफल।

– वीएस ध्रुव- पूर्वी सरगुजा वनमंडल के रामानुजगंज समिति में अवैधानिक साल बीज संग्रहण का आरोप सिद्ध।

– आरके तिवारी– खैरागढ़ वनमंडल में प्रमाणकों के विरुद्ध अग्रिम धनादेश जारी करने का आरोप सिद्ध।

– एम गोविंद- नारायणपुर वनमंडल में खरीदी में अनियमितता।

वीपी सिंह-अचानकमार अभयारण्य में मनरेगा के काम में अनियमितता का आरोप सिद्ध।

– राकेश चतुर्वेदी- रायपुर में 52 आरा मशीनों व 28 काष्ठागारों के भौतिक सत्यापन में अनियमितता।

– एससी रहटगांवकर- वन विद्यालय अमरकंटक में बिना अनुमति सामग्री क्रय मामले में हाईकोर्ट से स्टे, लेकिन भानुप्रतापपुर में खरीदी में गड़बड़ी मामले में कार्रवाई की अनुशंसा।

– एसपी रजक– मनेंद्रगढ़ वनमंडल में भौतिक सत्यापन और प्रमाणकों में अनियमितता। जांच रिपोर्ट मांगी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *