October 19, 2021
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जाने सूर्य ग्रहण 2018 तारीख और समय, भारत मे नही दिखेंगे ये तीनो सूर्यग्रहण

सूर्य ग्रहण 2018 तारीख और समय

भारत मे नही दिखाई देंगे ये सूर्यग्रहण

16 फरवरी 2018 को साल का पहला सूर्य ग्रहण पड़ रहा है. साल 2018 में कुल तीन सूर्य ग्रहण घटित होंगे. ये तीनों आंशिक सूर्य ग्रहण होंगे. भारत में ये तीनों ग्रहण दिखाई नहीं देंगे लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप पर इस ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ेगा. ये तीनों सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक और अंटार्कटिका के क्षेत्रों में दिखाई देंगे. फाल्गुन अमावस्या को सूर्य पर खण्डग्रास सूर्य ग्रहण पड़ गया है.
कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?
यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा लेकिन आधी दुनिया में दिखाई देगा. यह ग्रहण प्रशांत और हिन्द महासागर दक्षिण अफ्रीका , नामीबिया , मोजांबिक, ज़िम्बाब्वे, मैडागास्कर, दक्षिणी अमेरिका, चिली, अर्जैंटीना ब्राजील और अंटार्टिका में दिखाई देगा. संयोग से गुरुवार को अमावस्या को सूर्य ग्रहण पड़ गया है इसलिए इसका बहुत बड़ा महत्व हो गया है.
कैसे होता है सूर्य ग्रहण?
वैज्ञानिकों के अनुसार, किसी खगोलीय पिण्ड का पूर्ण अथवा आंशिक रुप से किसी अन्य पिण्ड से ढक जाना ग्रहण कहलाता हैं. सूर्य ग्रहण तब कहा जाता है, जब पृथ्वी और सूर्य के बीच में चन्द्रमा आ जाता है. इसकी वजह से पृथ्वी के कुछ हिस्सों पर से सूर्य नजर नहीं आता. जब सूर्य पूर्ण रूप से या आंशि‍क रूप से चन्द्र द्वारा ढक जाता है तो उसे सूर्य ग्रहण अथवा आंशिक सूर्य ग्रहण कहा जाता हैं.
सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं- पूर्ण सूर्यग्रहण, आंशिक सूर्यग्रहण और वलय सूर्यग्रहण।
सूर्य ग्रहण काल की अवधि-
15 फरवरी रात को और 16 फरवरी की सुबह अमावस्या को खण्डग्रास सूर्य ग्रहण का समय
ग्रहण आरम्भ- 15 फरवरी गुरुवार मध्यरात्रि 0 0 :25 मिनट
परम ग्रास 16 फरवरी सुबह -0 2 :24 मिनट
ग्रहण समाप्ति 16 फरवरी सुबह- 04 :17 मिनट
सूर्य ग्रहण के कारण सतर्कता बरतें-
फाल्गुन की अमावस पर सूर्य ग्रहण लगा है. सूर्य, बुध, शुक्र और चंद्र साथ बैठे हैं. गुरु का बल इनको मिला है लेकिन बाकी सारे ग्रह मंगल, शनि, राहु केतु यानी पृथ्वी के एक तरफ आ गए हैं. इससे पृथ्वी पर इन ग्रहों का गुरूत्वाकर्षण बल बहुत ज़्यादा ही काम करेगा. ऐसे में भूकम्प , या धरती के हिलने या कोई अन्य प्राकृतिक खतरा होने की आशंका व्यक्त की जा रही है तो हमें सतर्कता और सावधानी बरतनी चाहिए. 15 फरवरी की रात को सतर्क रहें. वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहण शतभिषा नक्षत्र और कुंभ राशि में लगने के कारण इससे संबंधित लोगों को ज्यादा प्रभावित करेगा.
सूर्य ग्रहण के दौरान ना करें ये गलतियां-
शास्त्र में कुछ ऐसे काम बताए गए है जो ग्रहण के समय नहीं करना चाहिए. अगर आपने ये काम किए तो आपको कई परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है.
सूर्य ग्रहण के दौरान पृथ्वी के उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव प्रभावित होते हैं. इसलिए यह अवधि ऋणात्मक मानी जाती है. सूर्य से अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं, जो एंजाइम सिस्टम को प्रभावित करती हैं, इसलिए सूर्यग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए.

इसको देखने के लिए वैज्ञानिक प्रमाणित टेलिस्‍टकोप का ही इस्‍तेमाल करना चाहिए. सूर्य ग्रहण को देखने के लिए वैसे चश्‍में का भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है, जिनमें अल्‍ट्रावॉयलेट किरणों को रोकने की क्षमता हो.
ग्रहण काल में क्या करें?

– सूतक समय के बाद स्वयं भी स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें, तथा देवमूर्तियोम को स्नान करा कर, गंगाजल छिडक कर, नवीन वस्त्र पहनाकर, देवों का श्रंगार करना चाहिए.
– सूर्य ग्रहण काल शुरू होने से समाप्ति के मध्य की अवधि में मंत्र ग्रहण, मंत्रदीक्षा, जप, उपासना, पाठ, हवन, मानसिक जाप, चिन्तन करना कल्याणकारी होता है.
– सूर्य ग्रहण के बाद इन तुलसी और शमी पर भी गंगाजल छिड़क इन्हें शुद्ध किया जाता है.
– सूर्य ग्रहण में अपने इष्ट देव, मंत्र, गुरु मंत्र, गायत्री मंत्र आदि का जप दीपक जला कर करना चाहिए.
– मंत्रों की सिद्धि के लिये यह समय सर्वथा शुभ होता है.
भारत में ऐसे देख सकते हैं सूर्य ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए अगर आप सूर्य ग्रहण देखना चाहते हैं तो आप नासा का लाइव स्ट्रीम देख सकते हैं. नासा की वेबसाइट, यूट्यूब चैनल और periscope @NASA पर प्रसारित किया जाएगा.
इस सूर्य ग्रहण के बाद अगला सूर्य ग्रहण 18 जुलाई 2018 को होगा औऱ इसके बाद 11 अगस्त 2018 को तीसरा सूर्य ग्रहण पड़ेगा लेकिन तीनों ही सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे. नासा की सलाह है कि सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से नहीं देखें क्योंकि इससे आंखों को नुकसान पहुंच सकता है. सूर्य ग्रहण देखने के लिए ग्रहण के लिए बनाए गए स्पेशल ग्लास पहनने चाहिए। 

स्रोत- आजतक

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