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दक्षिण अफ्रीका में जैकब जुमा को भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देना पड़ा है. असल में इस पूरे विवाद के पीछे एक भारतीय कारोबारियों का परिवार है. ये परिवार दक्षिण अफ्रीका में गुप्ता ब्रदर्स के नाम से चर्चित है. कहा जा रहा है जुमा के भ्रष्टाचार की असली जड़ गुप्ता ब्रदर्स के साथ उनके रिश्तों में है.

गुप्ता ब्रदर्स करीब 24 साल पहले सहारनपुर से बिजनेस अवसर की तलाश में दक्षिण अफ्रीका गए थे. फिर वहां उनका कारोबार ऐसा फैला कि वो अब उस देश के टॉप टेन धनी कारोबारी परिवारों में शुमार हो गए. लेकिन उन पर हमेशा जुमा के नजदीकी होने और सियासी फायदे से कारोबार में आगे बढ़ाने का आरोप लगता रहा है. आइए जानते हैं इन गुप्ता ब्रदर्स और सहारनपुर में उनकी जड़ों के बारे में.

गुप्ता ब्रदर्स का मतलब

ये तीन भाई हैं. अजय (50 साल), अतुल (47 साल) और राजेश (44 साल). इन सभी का जन्म उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुआ. तीनों की पढाई लिखाई सहारनपुर में ही हुई. तीनों ने वहां के जेवी जैन कॉलेज से डिग्री ली. बड़े भाई अजय ने बी कॉम किया और फिर सीए का कोर्स कंपलीट किया. अतुल ने बीएससी की और कंप्युटर हार्डवेयर और असेंबलिंग का कोर्स किया. छोटे भाई राजेश ने बीएससी की. उन्होंने शुरू में पिता के कारोबार में हाथ बंटाया और फिर दक्षिण अफ्रीका चले गए.

पिता का था सहारनपुर में कारोबार

पिता शिवकुमार की सहारनपुर में राशन की दुकानें थीं. साथ ही वो दिल्ली में खोली गई अपनी कंपनी एसकेजी मार्केटिंग के जरिए मेडागास्कर और जंजीबार से मसालों का निर्यात करते थे. साथ ही उनकी एक और कंपनी गुप्ता एंड कंपनी टेलकम पाउडर में इस्तेमाल होने वाले सोपस्टोर पाउडर का वितरण करती थी. उनके पास सहारनपुर के रानी बाजार में एक बड़ा मकान था. वह अपने जमाने में सहारनपुर में उन चुनिंदा लोगों में थे, जिनके पास कार थी.

कैसे दक्षिण अफ्रीका पहुंचे

जब दक्षिण अफ्रीका ने विदेशी निवेश के लिए दरवाजे खोले तो बीच का भाई अतुल गुप्ता को पिता शिवकुमार ने वहां भेजा. उन्हें लगता था कि आने वाले समय में दक्षिण अफ्रीका काफी अवसर बनने वाले हैं. अतुल ने कंप्युटर का कोर्स किया था. उन्होंने वहां एक कंपनी खोली, जिसने कंप्युटर की असेंबलिंग और मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और ब्रांडिंग शुरू की. इस कंप्युटर को उन्होंने सहारा कंप्युटर के नाम से बाजार में उतारा. ये कंपनी चल निकली. जल्दी ही सीए का कोर्स पूरा करके बड़े अजय भी वहां पहुंच गए. जब अतुल वहां बिजनेस की शुरुआत कर रहे थे तो पिता ने उनके दक्षिण अफ्रीकी खाते में भारत से 1.2 मिलियन रेंड ट्रांसफर किए. बाद में कुछ और पैसे भेजे गए

कैसे बढ़ा बिजनेस

94 में गुप्ता ब्रदर्स ने 1.4 मिलियन रेंड से जो कंपनी करेक्ट मार्केटिंग शुरू की थी. वो महज तीन साल में 97 मिलियन रेंड की कंपनी में बदल गई. जिसके 10 हजार कर्मचारी थे. इसके बाद उनका बिजनेस बढता ही चला गया. 1994 में ही पिता के निधन के बाद करीब करीब पूरा परिवार दक्षिण अफ्रीका आ गया. मां अंगूरी को छोड़कर सभी ने दक्षिण अफ्रीका की नागरिकता ले ली.

अब क्या है स्थिति

अब तीनों गुप्ता भाई दक्षिण अफ्रीका में छाए रहते हैं. बड़ा कारोबार है. कई कंपनियां हैं. जोहांसबर्ग और केपटाउन में सैकड़ों एकड़ में फैला आलीशान विला है. वो अब कंप्युटिंग, माइनिंग, एयर ट्रेवल, एनर्जी, टैक्नॉलॉजी और मीडिया के बिजनेस में हैं. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुूमा की एक बीवी, बेटा और कई रिश्तेदार उनकी कंपनी अहम पदों पर हैं. इसके अलावा जुमा सरकार के कई मंत्रियों के रिश्तेदार भी उनकी कंपनियों में आला पोजिशंस में हैं.

क्यों गुप्ता ब्रदर्स के खिलाफ बना माहौल

गुप्ता बंधुओं के खिलाफ मार्च में अचानक तब हवा बहने लगी, जब करीब तीन साल पहले देश के उप वित्त मंत्री ने मसोबीसी जोनास ने दावा किया कि गुप्ता बंधुओं ने ही मौजूदा पहले फाइनेंस मिनिस्टर नेने पद से हटाकर उन्हें इस पद पर बिठाने का भरोसा दिया था. इसके बाद जुमा सरकार संकट में आ गई. देश में गुप्ता ब्रदर्स के खिलाफ हवा बहने लगी. अजय पर ऐसे ही आरोप पहले भी लग चुके हैं. उन्होंने 2010 में भी एक सांसद को मंत्री बनवाने का आश्वासन दिया था. गुप्ता फैमिली पर दक्षिण अफ्रीका में बिजनेस हितों के लिए सरकार के अंदर मन मुताबिक भर्तियां करने का आरोप लगता रहा है.

उन पर क्या है आरोप

गुप्ता ब्रदर्स पर आरोप है कि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जुमा से उनकी यारी है. ये परिवार दक्षिण अफ्रीकी की जुमा सरकार को ऊंगलियों पर नचाकर मनचाहे फायदे हासिल करता है. मनचाही नीतियां बनवाता रहा है. ताजा विवाद एक डेयरी प्रोजेक्ट को लेकर है. जो गरीबों के कल्याण के लिए थी लेकिन उन्होंने इसके जरिए बड़े पैमाने पर घालमेल करके फंड को इधर से उधर किया है.

जैकब जुमा से पारिवारिक संबंध

जब गुप्ता बंधुओं ने कंप्युटर कंपनी शुरू की तब उनके दक्षिण अफ्रीका के पूर्व प्रेसिडेंट जैकब जुमा से पारिवारिक संबंध हो गए थे. ये संबंध तब प्रगाढ़ हुए जब जुमा राष्ट्रपति नहीं थे. उनके एक कंप्युटर शो-रूम के उद्घाटन के लिए आए थे. जुमा की पत्नी बोगी नगमा जुमा गुप्ता परिवार की माइनिंग कंपनी में डायरेक्टर, बेटी दुदुजेल जुमा सहारा कंप्यूटर में डायरेक्टर और बेटा दुदुजेन जुमा गुप्ता परिवार की ओकबे इनवेस्टमेंट में डायरेक्टर थे.

जुमा क्यों फंसे

गुप्ता ब्रदर्स के साथ भ्रष्टाचार के साथ और कई मामलों में जुमा के खिलाफ माहौल बनता रहा है. उनके खिलाफ लगातार आंदोलन चल रहे हैं. उन पर आर्थिक भ्रष्टाचार के जो कई आरोप हैं, उनमें मुख्य आरोप गुप्ता भाइयों को अनर्गल तरीके से मदद पहुंचाने के अलावा निजी घर की खूबसूरती के लिए सरकारी खजाने में लाखों डॉलर का घपला है. संसद में उनके खिलाफ जब महाभियोग लाया गया था, तब तो वह बच गए लेकिन अब उनकी पार्टी ने आखिरकार उन्हें पद से हटाने में सफलता हासिल कर ली. जुमा के साथ गुप्ता परिवार को लेकर आमलोगों में इस कदर गुस्सा है कि जोहान्सबर्ग की सडक़ों पर गुप्ता मस्ट फाल के नारे लगाए जा रहे हैं.

क्या गुप्ता ब्रदर्स अफ्रीका से भागने वाले हैं

दक्षिण अफ्रीका में तो यही चर्चा है कि गुप्ता ब्रदर्स देश छोड़कर भाग सकते हैं, क्योंकि जुमा के पद से हटने के बाद उन पर कई मामलों में शिकंजा कस सकता है. वैसे पिछले साल अप्रैल में वो जब बड़े बड़े सूटकेसों के साथ अपने प्राइवेट विमान से रवाना हुए तो यही माना गया था कि वो शायद ही वापस लौटें. तब वो दुबई गए थे. फिर यहां से तुर्की, जहां अजय गुप्ता के बड़े बेटे की काफी शानोशौकत के साथ शादी हुई थी. हालांकि लड़की दिल्ली की थी लेकिन उन्होंने तुर्की जाकर शानदार तरीके से शादी की. हालांकि उन्होंने अपने एक भाई राजेश और कुछ भतीजों को दुबई में शिफ्ट कर दिया है, जहां वो एक बड़ा बिजनेस आधार तैयार कर रहे हैं.

दुनियाभर में प्रापर्टी

गुप्ता ब्रदर्स के पास अगर दुबई के सबसे महंगे इलाके में आलीशान आशियाना है तो कई देशों में भी प्रापर्टी. पिछले कुछ सालों में उन्होंने दुबई, आस्ट्रेलिया, तुर्की और कई अन्य देशों में अपने व्यवसाय को जबरदस्त ढंग से फैलाया है.

अजय गुप्ता ने कहा-उनका एक भाई राजेश दुबई में कई सालों से कारोबार कर रहा है। उनके साथ सहारनपुर से ही संजय खट्टर भी कारोबार कर रहे हैं। दुबई में बेटे से मिलने जाने का मतलब ये नहीं कि मैने दक्षिण अफ्रीका छोड़ दिया है। दुबई, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में हमारा सालों से कारोबार है।

सहारनपुर से जुड़ाव बरकरार

तीनों गुप्ता बंधु बेशक दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट हो गए हों, लेकिन पुराने शहर से जुड़ाव बरकरार है. सहारनपुर के एक पत्रकार बताते हैं कि एक महीना पहले ही तीनों भाई सहारनपुर आए थे. इस दौरान वो वहां कांग्रेस के एक बड़े नेता के साथ रहे. सहारनपुर आने पर वो वहां बड़ी पार्टियों का आयोजन करते हैं, जिसमें इस शहर के उनके सभी परिचित शिरकत करते हैं. सहारनपुर में उनके दो मकान हैं-एक रानी बाजार में और दूसरा मिशन कंपाउंड में. उनमें कोई रहता तो नहीं लेकिन गार्ड्स का पहरा लगातार रहता है.

सहारनपुर में बनवा रहे हैं भव्य मंदिर

गुप्ता ब्रदर्स पिता की याद में सहारनपुर में अक्षरधाम की तर्ज पर भव्य मंदिर शिवधाम बनवा रहे हैं. इसके निर्माण पर 250 करोड़ रुपए खर्च होने की उ्म्मीद है. मंदिर के साथ ही लड़कियों के लिए इंटर कालेज और शहर वासियों के लिए साइकिल ट्रैक बनवाया जा रहा है. स्टेट बैंक कालोनी में उन्होंने एक वृद्धाश्रम शुरू किया था, जो बदस्तूर चल रहा है. अजय गुप्ता ने शहर में कूड़े से बिजली बनाने का संयत्र लगाने की योजना भी बना रखी है. कुछ साल पहले तक उनके पिता शिव कुमार गुप्ता के नाम पर सहारनपुर में एक जूनियर क्रिकेट टूर्नामेंट भी हुआ करता था.

साल 2002 में तो गुप्ता बंधुओं ने भारत दौरे पर आई पूरी दक्षिण अफ्रीका टीम को विशेष तौर पर सहारनपुर बुलवा लिया था. साल 2009 में जब ललित मोदी इंडियन क्रिकेट की सबसे ग्लैमरस लीग आईपीएल को दक्षिण अफ्रीका ले गए थे तो उसकी काफी हद तक व्यवस्था गुप्ता बंधुओं ने ही की थी.

दक्षिण अफ्रीका में गुप्ता बंधुओं की प्रमुख कंपनियां -ओकबे रिसोर्स एंड एनर्जी

-टिगेटा एक्सप्लोरेशन एंड रिसोर्सेस

-शिवा यूरेनियम माइन

-वेस्टडॉन इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड

-जेआईसी माइनिंग सर्विसेज एंड ब्लैक एज एक्सप्लोरेशन

-दि न्यूज एज न्यूजपेपर(टीएनए मीडिया प्राइवेट लिमिटेड)

-अफ्रीकन न्यूज नेटवर्क

(न्यूज़ 18 से साभार )

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