September 24, 2021
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अमित जोगी ने भाजपा सरकार की तुलना कुत्ते की पूँछ से की तुलना कहा भाजपा सरकार कुत्ते की पूँछ

आजकल सामाजिक व राजनीतिक स्तरों पर अभद्र भाषा का प्रयोग एक प्रचलन बनता जा रहा है। कमेंटों में प्रयुक्त भाषा का स्तर  कभी कभी अभद्र शब्द  से भी  अधिक स्तरीय जान पड़ता है। अब अमित जोगी ने भाजपा सरकार को ही कुत्ते की पूंछ कह दिया है अब इसके क्या मायने निकल कर आते है यह तो राजनेता ही जाने  क्या किसी पार्टी को कुत्ते की पूंछ तक कह देना कही  लोकप्रियता हासिल करने की शार्टकट महत्वाकांक्षा है  बहरहाल  यह सब बाते  राजनेता ही जाने आईये देखते है अमित जोगी ने क्या क्या  कहा भाजपा सरकार के बारे में 

भाजपा सरकार कुत्ते की पूँछ: अमित जोगी भाजपा सरकार कुत्ते की पूँछ:

— गौहत्या नवजातों की मौत व नसबंदी काण्ड सभी घटनाओं की पुनर्वृत्ति होना इस बात का प्रमाण।

– गौहत्या के विरुद्ध 23 अगस्त से शुरू होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन।
harit chhattisgarh raipur..अमित जोगी ने प्रेस विज्ञप्ति जाहिर करते हुए बताया की छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुई हृदय विदारक घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक अमित जोगी ने भाजपा सरकार की तुलना कुत्ते की पूँछ से करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार देश की पहली सरकार होगी जिसने पूर्व में घटित गंभीर घटनाओं से न सबक लिया और न ही ऐसी घटनाओं की भविष्य में पुनर्वृत्ति रोकने कोई कदम उठाया। लाख चेताने और समझाने के बाद भी यह सरकार टेढ़ी की टेढ़ी है। इसी लापरवाही और अनदेखी के कारण आज प्रदेश में गौहत्या नवजात शिशुओं के इलाज में लापरवाहीए व नसबंदी काण्ड जैसी घटनाओं की पुनर्वृत्ति हुई है।
अमित जोगी ने कहा कि दुर्ग और बेमेतरा जिले के राजपुर और गोडमर्रा गाँवों में 200 से जयादा गायों की मौत नहीं हुई होती अगर सरकार   पिछले वर्ष 13 अगस्त को कांकेर के कर्रामाड़ में कामधेनु गौसेवा केंद्र में हुई 200 से अधिक गायों की भूख के कारण हुई मौत की दर्दनाक घटना से सबक लेकर प्रदेश के सभी गौ शालाओं की जांच करती और भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं के विरुद्ध कार्यवाही करती।
वहीँ मेकाहारा में आज ऑक्सीजन की कमी से हुई नवजातों की मौत पर अमित जोगी ने गहरा दुःख प्रकट करते हुए कहा कि इस सरकार में मानवता बची ही नहीं है। गोरखपुर की बड़ी घटना से छत्तीसगढ़ सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। और न ही छत्तीसगढ़ में जनहित को देखते हुए शराबबंदी की। सरकार की नाकामी के कारण आज मेकाहारा में मासूम नवजातों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। छत्तीसगढ़ में शिशु मृत्यु दर 54 राष्ट्रीय औसत 29 से बहुत अधिक है। कुपोषण में छत्तीसगढ़ पहले ही देश के टॉप पांच राज्यों में गिना जाता है। इसी वर्ष कबीरधाम जिले का भयावाह मामला सामने आया था जहाँ आठ महीनों में 500 से ज्यादा नवजात बच्चों की मौत हुई थ। इतने शर्मसार कर देने वाले आंकड़ों के बाद भी भाजपा सरकार ने सबक नहीं लिया । राज्य के बाकी क्षेत्रों की दुर्दशा का क्या कहनाए जब स्वयं मुख्यमंत्री के गृह और चुनावी क्षेत्र राजनांदगांव और कबीरधाम कुपोषण और शिशु मृत्यु दर में सबसे आगे हों। जोगी ने पुछा आखिर किस मुंह से मुख्यमंत्री दिल्ली गए हैं।     जोगी ने कहा कि मस्तुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते 2 अगस्त को नसबंदी शिविर के दौरान एक बार फिर लापरवाही हुई जिससे ऑपरेशन के बाद पांच महिलाओं की हालत गंभीर हो गयी। वर्ष 2014 में छत्तीसगढ़ को शर्मसार कर देने वाले बहुचर्चित नसबंदी कांड की लापरवाहियों से सरकार ने कुछ नहीं सिखा। मंत्री अधिकारी केवल भ्रष्टाचार में मग्न है।
अमित जोगी ने राजपुर और गोडमर्रा की घटना को गौवध करार देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुख्यमंत्रीए पशुपालन मंत्री दोषी विभागीय अधिकारियों सहित गौसेवा आयोग के सदस्यों एवं गौसेवा केंद्र के संचालक के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया जाना चाहिए। जोगी ने कहा कि इस संबंध में 23 अगस्त से प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। सरकार जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकती।

वर्तमान में भारतीय राजनीति में चल रहे अमर्यादित अभद्र भाषा के प्रयोजन के खेलों में जनता भी लुत्फ उठाती नजर आ रही है अब देखना होगा की छत्तीसगढ़ में  क्योंकि दिनोदिन अभद्र भासा के बढ़ते प्रहार और  प्रयोग ने प्रदेश की राजनीति को पहले से कहीं अधिक सस्ता बना दिया है।     

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