January 20, 2022
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दो नाव को आपस जोड़कर नदी पार करा रहे नाविक बड़े हादसे की संभावना

harit chhattisgarh kondagaon.
कोंडागांव । जनपद पंचायत फरस गांव के ग्रामपंचायत बोकराबेडा पुरी तरह नक्सल प्रभावित क्षेत्र मे बहने वाली बारदा नदी इन दिना लबालब स्थिति मे है पूल के आभाव मे उफनती नदी को एकमाख् नाव के सहारे पार करना लोगों की मजबूरी बन गई है। यही वजह है कि नाव में क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाकर नदी पार कराया जा रहा है इतना ही नही भीड़ को देखते हुए नाविक ने दो नाव को आपस मे जोड़कर क्षमता से अधिक यात्रियों के साथ बाइक व साइकिले लादकर नदी पार कराते नजर आ रहे हैं, ऐसे में नदी के बीच जाने पर हादसे का भय बना रहता है।
गौरतलब हो कि इस नदी मे हल्की सी बारिश होने से भी यहां बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है वहीं नदी के तट पर बसे गांव बोकरा बेड़ा के साथ ही कोंनगुड, कोडपखाना ,भोगपाल के ग्रामीणों को जलभराव के चलते कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है नदी उफान पर आ गयी और हल्की सी भी बारिश के बाद लोग पानी उतारने इंतजार करते देखे जा सकते है। नदी पार करने के लिए ग्रामीणों के लिए नाव ही मुख्य सहारा बनी हुई है। लंबे समय से पुल बनने की राह देख रहे ग्रामीण के लिये जान जोखिम में डालकर नदी पार करना मजबूरी बन गई है।
वहीं इन दिनों अधिकांश समय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करते दिखाई दे सकते है,ये ही हाल रहा तो कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है सोमवार को भी नदी में उफान आ जाने से आसपास के लोगों जनपद मुख्यालय तक पहुंचने अपनी जान जोखिम मे डालनी पड़ी स्कूली बच्चे व मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए नाव ही सहारा बनती नजर आ रही है। इन दिनों नाव की उपयोगिता बढ़ी हुई है। सुबह होते ही भारी संख्या में विद्यार्थी तथा अन्य ग्रामीण घाट पर नाव के इंतजार में एकत्र हो जाते हैं। एकमात्र नाव चलाए जाने से घंटे भर से अधिक समय नदी के उस पार जाकर वापस लौटने में लगता है। नाव पर ही साइकिल, मोटर साइकिल व अन्य सामान भी लादकर दूसरी तरफ ले जाया जाता है। नाविक सियाराम सूरी ने बताया कि बाजार वाले दिन तो दिन नदी के दोनों और मेले जैसा माहौल होता है दोनों ओर लोगों की भीड़ और उसके सामान की वजह से नाव ठसाठस भर जाती है।
सब कुछ नाव पर ही
नदी पार करने के लिए नाव ही एक सहारा होता है ऐसे समय में नदी के पार रहने वाले कर्मचारी स्कूली बच्चे सहित ग्रामीण अपने साथ लेकर अपने वाले सामान व अपनी वाहन वह साइकल को भी ना में लादकर एक साथ बात करते हैं नाविक ने नदी के बहाव को देखते हुए भले ही दो नावों को एक साथ जोड़ लिया हो पर यह किसी खतरे से खाली नहीं है उसके बावजूद भी इसी लाख के ग्रामीणों मजबूरी लोक को नाव टुसकर नदी पार करते देखा जा रहा है।

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