October 18, 2021
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान‘‘ कार्यक्रम में शामिल हुए कलेक्टर

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान‘‘ कार्यक्रम में शामिल हुए कलेक्टर
महिलाएं आत्मनिर्भर बन, अन्य पंचायतों के सामने मिशाल पेश करे – कलेक्टर
ग्राम कोनगुड़ के विकास के लिए महिलाओं-पुरुषों के साथ-साथ युवा कृषकों के बनाये जायेंगे समूह
कोण्डागांव, 23 फरवरी
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की गरीबी उन्मूलन एवं महिला सशक्तिकरण हेतु एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस संदर्भ में दिनांक 22 फरवरी को विकासखण्ड फरसगांव के सीमावर्ती दूरस्थ ग्राम कोनगुड़ में ‘‘बिहान‘‘ के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर उपस्थित जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम ने ग्रामीण महिलाओं से बिहान योजना​
में शामिल होकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि पिछड़े क्षेत्रों में स्व-रोजगार के नए तौर-तरीके सिखाने में बिहान कार्यक्रम के प्रशिक्षण वरदान साबित हो रहे है। राज्य के अन्य जिलों में ‘‘बिहान‘‘ के माध्यम से महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाईयों को छूआ है। अब सुदूर ग्राम पंचायत कोनगुड़ की महिलाओं की बारी है। वे भी आजीविका मिशन के माध्यम से पूरे उत्साह के साथ सहभागी बने और अन्य पंचायतों के समक्ष मिशाल पेश करें। इसके लिए जिला प्रशासन की पूरी टीम उनके सहयोग हेतु तत्पर रहेगी। कोनगुड़ एवं उसके आस-पास के ग्रामों में ‘‘नवा-बिहान‘‘ नाम के अनुरुप विकास की नई सुबह का आगाज हो चुका है। कोनगुड़ से मुख्यालय कोण्डागांव के साथ-साथ नारायणपुर जिले को जोड़ने वाली पक्की सड़को का निर्माण के साथ-साथ इस ग्राम पंचायत अंतर्गत नए अस्पताल एवं नए शाला भवन का निर्माण होगा। इसके साथ ही ग्राम कोनगुड़ में महिला, पुरुष एवं युवा कृषकों का समूह बनाकर कृषि की नई तकनीको की जानकारी दी जायेगी। इसके अलावा यह दल ग्राम के विकास में सभी वर्गो की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्राम के मौसम के अनुरुप रोजगार की मांग एवं ग्रामीणों की आजीविका की जरुरतों का आकलन करेगा। अतः आने वाले पीढ़ियों के सुखद भविष्य के लिए वर्तमान पीढ़ी नई ऊर्जा के साथ शासन की योजना में भागीदारी दर्शाये।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान‘‘ की कार्ययोजना के विषय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, पशुपालन, शिक्षा, वन प्रबंधन एवं कुपोषण जैसे मुद्दे शामिल है। इनमें स्व-सहायता समूह को सम्मिलित कर उन्हें आवश्यकता अनुरुप प्रशिक्षण वित्तीय सहायता, बैंक में ऋण लेने की प्रक्रिया संबंधी मदद दी जायेगी। इसके साथ ही स्व-सहायता समूह को दोना-पत्तल निर्माण, मशरुम उत्पादन प्रशिक्षण, बड़ी-पापड़-आचार, वाशिंग पाउडर, अगरबत्ती निर्माण प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है। अपने संबोधन के दौरान जिला कलेक्टर ने बार-बार उपस्थित जनसमुदाय से उनकी मांगो एवं समस्याओं पर बेबाकी से बोलने को आग्रह किया। इस पर एक ओर ग्रामीणों ने जहां पुल-पुलियाँ, रोड की मांग रखी वहीं छात्र-छात्राओं ने खेल मैदान में बाउण्ड्री एवं प्रसाधन कक्ष की मांग से अवगत कराया जिसे जिला कलेक्टर ने पूरी गंभीरतापूर्वक सुनते हुए पूरा करने का आश्वासन दिया।
इस आयोजन में जिला प्रशासन के विभिन्न विभाग के अधिकारियों के द्वारा योजनाओ की जानकारी देने के साथ-साथ विभिन्न बैंक जैसे स्टेट बैंक, नाबार्ड के अधिकारियों द्वारा बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस दौरान लगभग 100 ग्रामीणो का स्वास्थ्य परीक्षण कर औषधि दिया गया उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत जिला प्रशासन के प्रयासों के द्वारा ग्राम कोनगुड़ में 17 समूह का निर्माण हो चुका है। इनमें ग्राम मोदेबेड़मा, कन्हारगांव, चनियागांव, बोकराबेड़ा, बड़ेओड़ागांव, कुलानार, परोदा, बड़गई, कोण्डापखना, फुण्डेर, तुरकी, छिन्दलीबेड़ा के स्व-सहायता समूह शामिल है।
इस मौके पर सहायक आयुक्त जी.एस.सोरी, उप संचालक कृषि बी.के.बिजरोनिया, कार्यपालन अभियंता नवीन पोयाम, हरिमंगल सिंह, विजय ध्रुव, नायब तहसीलदार हार्दिक श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

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