July 26, 2021
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महाप्रबंधक  सुनील  सिंह सोईन की उपस्थिति में अधिकारी विश्राम गृह बीएमवाई में रेल परिचालन की सावधानियों पर  विशेष  संरक्षा संगोष्ठी

Harit chhattisgarh raipur.

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्री सुरक्षा को सर्वोपरी मानती रही है। इसके मद्देनजर मंडल के विभिन्न खंडो पर स्थित स्टेशनों, वर्कशाॅपों पर संरक्षा संगोष्ठी आयोजित कर रेल परिचालन से सीधे जुडे़ विभाग के कर्मचारियों के मध्य संवादहीनता दूर करने के लिये व उनके समक्ष आने वाले कठिनाईयों के विषय में चर्चा कर संगोष्ठी, तत्संबंधित काउन्सीलिंग करती आई है।
इसी कड़ी में अधिकारी क्लब – बी. एम. वाई. में आज दिनांक 22.08.17 को मंडल के संरक्षा विभाग द्वारा दुर्घटनाओ से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियो पर सेमीनार आयोजित की गई। सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में श्री सुनील सिंह सोइन, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, सहित श्री हिमांाु जैन, सचिव महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, श्री राहुल गौतम, मंडल रेल प्रबंधक,रायपुर मंडल, श्री अनिल कुमार, मुख्य यात्रिक इंजीनियर,बिलासपुर,श्री ब्रिजेा गुप्ता,मुख्य विद्युत इंजीनियर,बिलासपुर , मुख्य संरक्षा अधिकारी,बिलासपुर, मुख्य ट्रैक इंजीनियर,बिलासपुर, अपर मंडल रेल प्रबंधक बिलासपुर एवं नागपुर,सहित रायपुर मंडल के सभी संबधित शाखा अधिकारीयों के साथ साथ संरक्षा सलाहकार,पर्यवेक्षक एवं कर्मचारी को मिलाकर कुल 320 लोग उपस्थित हुये।
श्री राहुल गौतम, मंडल रेल प्रबंधक,रायपुर मंडल,ने स्वागत भाषण दिया और कहा कि आज रेलवे के संरक्षा और सुरक्षा पर उठ रहे सवालो के मध्य नजर रखकर सभी आशंकाओ को समाप्त करना है। संरक्षा ऐसा विषय है जिस पर चर्चा करना अति आवयक है। इसके लिए संरक्षा से जुडे हर पहलू सभी को ज्ञात हो।
श्री सुनील सिंह सोइन, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, ने अपने संबोधन में कहा कि ब्लाक लेकर,फ्लैग लगाकर काम किया जाता, तो नार्दन रेलवे में हुए दुर्घटना को टाला जा सकता था। इसलिए कार्य के पूर्व ब्लाक बहुत जरूरी है। इसी प्रकार बिलासपुर मंडल में नींद आ जाने के कारण  घटना हुई थी, इसके लिए 6 से 7 घंटे की नींद ले, पर्याप्त विश्राम करे। आपसी संरक्षा संकेतो का प्रयोग करे। सतर्क रहे। चालू लोको को किसी भी हालत में छोडकर न जाए। रेलवे ट्रैक में झ्ाटका मिलने पर स्टेशन मास्टर को बताना है और सेक्शन क्लीयर न करे का संकेत दे। रेलपथ निरीक्षक एवं सहायक मंडल ईंजीनियर से क्लीयरेंस मिलने पर ही दूसरी गाडी को चलाया जाए। लोकोमोटिव में यदि व्ही सी डी (टपहपसंदबम बंतम क्पअपबमद्ध आईसोलेटेड है तो उसकी जानकारी अवश्य दे। रोल बैक लाक को ध्यान दे। जेसीबी से काम करते समय सुपरवाईजर की उपस्थिति को सुनिश्चित करे। जब यात्री रेल में यात्रा करता है तो उसके जान को सुरक्षित करते हुए उनके गंतव्य तक पहुचाना हम सभी का कर्तव्य है।
मुख्य विद्युत इंजीनियर,बिलासपुर ने सर्कुलर पर चर्चा करते हुए कहा कि इसको ग्रहण करते हुए कार्यरूप में परिणित करना है। मुख्य यांत्रिक इंजीनियर,बिलासपुर,ने कहा कि जीवन अमुल्य है। लटकते हिस्से, हाट एक्सल या एक एक्सीडेंट सारे अच्छे कार्यो पर पानी फेर देते है। आज मीडिया की भुमिका और ग्राहको की अपेक्षाए बढ रही है। रेलवे का सिस्टम इतना सुदृढ है कि किसी एक की गलती से दुर्घटना नही हो सकती।मुख्य संरक्षा अधिकारी,बिलासपुर ,ने चालक एंव सहचालक, गार्ड , ब्रीज एवं ट्रेन पासिंग स्टाफ की जिम्मेदारियो पर चर्चा की। मेम्बर ट्रैफिक रेलवे बोर्ड ने 90 दिनो की संरक्षा अभियान चलाने की बात कही है। मुख्य ट्रैक इंजीनियर,बिलासपुर,ने कहा कि बिना ब्लाक के काम न करे।अपर मंडल रेल प्रबंधक नागपुर ने कहा कि स्टाफ की सजगता से कई हादसे टले है।
अपर मंडल रेल प्रबंधक बिलासपुर ने कहा कि पेट्रोलिंग ट्रैक्रिग डिवाईस प्रदान किया जाएगा जिससे दूसरी पेट्रोलिंग पार्टी के मिलने पर होने वाले संवाद दर्ज किए जाऐंगें साथ ही साथ इस डिवाईस से तुरंत सूचना भी दिए जा सकेंगें। उन्होने सिग्नल,रिले विंग डिफेक्ट, किसी भी मामले में शार्टकट न करने, प्रापर सीटी बजाने के संदर्भ में दिाानिर्देा दिया एवं पावर प्रजेंटेान के माध्यम से पूर्व में हुए दुर्घटनाओ और उनसे बचाव के उपाय का विवेचन किया।
इस कार्यक्रम में उपस्थित लोको पायलट, सहायक लोकोपायलट एवं गार्ड एवं ट्रैकमेनो के साथ श्री सुनील सिंह सोइन, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, ने संवाद किया ।

 

 

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