July 26, 2021
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बीजेडी सांसद बैजयंत जय पांडा के खुलासे के बाद अजीत जोगी ने चुनाव आयोग से पी चिदंबरम की राज्य सभा सदस्यता रद्द करने की मांग की।

Harit chhattisgarh raipur: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने आज भारत निर्वाचन आयोग से पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम को अपनी संपत्ति का ब्यौरा पिछले तीन चुनावी शपथ पत्रों में छुपाने के मामले में नोटिस जारी करने व लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के उल्लंघन की कार्यवाही करते हुए चिदंबरम की राज्य सभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है । मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे अपने पत्र में जोगी ने ओडिशा से बीजू जनता दल के सांसद बैजयंत पांडा द्वारा 3 अगस्त 2017 को जारी अधिकृत वक्तव्य का हवाला दिया है जिसमे पांडा ने यह माना था कि पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम,सांसद बैजयंत जय पांडा की कंपनी इंडियन मेटल फेरो अलॉयज लिमिटेड में 10 शेयर्स की मालकिन हैं। जोगी ने चुनाव आयोग को लिखा है कि जब स्वयं एक सांसद अधिकृत तौर पर यह कबूल रहा है कि दूसरे सांसद की पत्नी के उसके कंपनी में शेयर्स हैं और जिसका उल्लेख उस सांसद के चुनावी एफिडेविट में नहीं है तो ऐसे में आयोग को मामले को संज्ञान में लेकर कार्यवाही करनी चाहिए। विशेषकर तब जब चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को अपनी संपत्ति के एक एक रुपये की जानकारी अपने चुनावी शपथ पत्र में देने का कड़ा कानूनी प्रावधान हो। जोगी ने अपने पत्र में लिखा है कि जब चिदंबरम एक कंपनी में शेयर्स की जानकारी छुपा सकते हैं तो इसकी प्रखर संभावना है कि वो कई और कंपनियों में अपने शेयर्स एवं संपत्ति की जानकारी छुपा रहे हों।    जोगी ने पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम के बीजेडी सांसद बैजयंत जय पांडा की कंपनी में केवल 10 शेयर्स होने को भी संदेहास्पद बताकर जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ये कैसा संभव है कि दूसरे कंपनियों में सैंकड़ों हज़ारों शेयर्स के मालिक चिदंबरम दंपत्ति, पांडा की कंपनी में केवल दो हज़ार रुपये के 10 शेयर्स खरीदेंगे। जोगी ने कहा कि चूँकि सीबीआई, नलिनी चिदंबरम के विरुद्ध पहले ही मनी लॉन्डरिंग की जांच कर रही है इसलिए यह और भी आवश्यक हो जाता है कि बैजयंत पांडा की कंपनी में उनके शेयर्स की जांच हो खासकर तब जब इन शेयर्स की जानकारी चुनावी एफिडेविट में छुपाई गयी हो।  चुनाव आयोग को लिखे अपने पत्र में जोगी ने उच्चतम न्यालय द्वारा काले धन का पता लगाने गठित एसआईटी से की गयी शिकायत की भी जानकारी दी है जिसमे उन्होंने पी चिदंबरम व उनके पुत्र कार्थी चिदंबरम द्वारा लेनदेन कर सांसद बैजयंत जय पांडा की कंपनी ऑरटेल कम्युनिकेशन्स सहित दो सौ से ज्यादा कंपनियों को दिए गए ऍफ़आईपीबी अप्रूवलस की जांच की मांग की है। गौरतलब है कि इस माह की 2 तारीख को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने दिल्ली में एक प्रेस वार्ता कर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के विरुद्ध अगस्त वेस्टलैंड व पनामा मामले में कई अहम् खुलासे किये थे। इसी प्रेस वार्ता में जोगी ने भ्रष्टाचार और काले धन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और बीजेडी सांसद बैजयंत जय पांडा के बीच लेन देन की भी जांच की मांग उठाई थी। इन आरोपों से सम्बंधित सभी दस्तावेज जोगी ने प्रवर्तन निदेशालय और एसआईटी को सौंप दिए हैं।

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