October 19, 2021
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पत्थलगांव बीईओ कार्यालय में अवैध वसूली का आरोप

पत्थलगांव बीईओ कार्यालय में अवैध वसूली का आरोप


हरितछत्तीसगढ़ विवेक तिवारी

पत्थलगांव। विकासखंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में आयकर विवरणी भरने के नाम पर राशि वसूलने का मामला सामने आया है। शिक्षाकर्मी संघ के जिलाध्यक्ष ने इस पर नाराजगी जताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।
विकासखंड शिक्षाधिकारी कार्यालय मंे विवाद के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में पूर्व विकासखंड शिक्षाधिकारी राधेश्याम दिवाकर पर मीडिया और उच्चाधिकारियांे के नाम पर मानसिक प्रताड़ना और राशि वसूली के कई आरोप लगे हैं। इस मामले में अभी जांच चल ही रही है कि बीईओ कार्यालय में आयकर फाॅर्म के नाम पर वसूली का मामला सामने आ गया है। उल्लेखनीय है कि मार्च के साथ ही वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है। इस माह में सभी शासकीय कर्मचारियांे को अपनी आयकर विवरणी जमा करानी होती है। नियमित शिक्षक और 8 वर्ष की सेवावधि पूरी करने वाले ऐसे शिक्षाकर्मी जिनका वार्षिक वेतन 2.5 लाख रू या उससे अधिक है इसके दायरे में आते हैं और ऐसे सभी कर्मचारियों को निर्धारित तिथि तक आयकर विवरणी विकासखंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में जमा करानी होती है। परंतु कार्यालय में पदस्थ कुछ कर्मचारियों ने इसे अपनी आय का जरिया बना लिया है। बताया जाता है कि आयकर विवरणी जमा कराने के एवज में इन कर्मचारियों के द्वारा प्रति शिक्षक 6सौ रू और प्रति शिक्षाकर्मी 4सौ रू वसूले जा रहे हैं। यह भी बताया जाता है कि पिछले वर्ष प्रति व्यक्ति 2सौ रू वसूले गए थे वहीं अब इसे बढ़ाकर लिया जा रहा है। इससे असंतुष्ट कई शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह सिलसिला विकासखंड में पिछले वर्ष से चल रहा है। उनका कहना है कि कई अन्य विकासखंडों में यह राशि नहीं वसूली जा रही है। वहीं कुछ शिक्षकों ने बताया कि आयकर विवरणी संबंधित व्यक्ति द्वारा स्वयं भरकर जमा कराई जा सकती है परंतु बीईओ कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा इसके लिए दबाव डाला जा रहा है। क्रांतिकारी शिक्षक पंचायत संघ के जिलाध्यक्ष अनिल बेहरा ने इस पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि बीईओ कार्यालय में हो रही इस वसूली को आयकर अधिवक्ता के हस्ताक्षर कराने के एवज में लिया जाने वाला शुल्क बताया जा रहा है जबकि अधिवक्ता का शुल्क इससे काफी कम होता है वहीं यह निजी कार्य है और शिक्षकों को स्वयं इस जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। विकाखंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियांे का इससे कोई लेना-देना नहीं है। परंतु प्रति शिक्षक हो रही वसूली से लाखों रू के खेल को अंजाम दिया जा रहा है। उनका कहना है कि विकासखंड में करीब 3सौ नियमित शिक्षक और करीब 450 शिक्षाकर्मी हैं जो इसके दायरे में आते हैं। इससे वसूली की रकम का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि इस परंपरा से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्हांेने इस पर रोक लगाने के साथ ही मामले की जांच कराने की मांग की है। उधर विकासखंड शिक्षाधिकारी को अपने ही कार्यालय में चल रहे इस भ्रष्टाचार के बारे में कोई जानकारी ही नही है। बीईओ श्रीमती एस मिंज इस प्रकार की वसूली के बारे में कोई भी जानकारी होने से इंकार किया है। उन्होंने अपने कर्मचारियों से इस संबंध में पूछताछ करने की बात कही है।
गणना पत्रक देने में विलंब
बेहरा ने बताया कि आयकर विवरणी भरने के लिए प्रतिमाह मिलने वाली रकम,कटौती तथा अन्य जानकारियों की आवश्यकता होती है। यह जानकारी शिक्षकों को विकासखंड शिक्षाधिकारी कार्यालय से ही मिल सकती है। उनका कहना है कि शिक्षाधिकारी कार्यालय से कर्मचारियों को प्रतिमाह वेतन के संबंध में वेतन पर्ची दी जानी चाहिए परंतु न तो शिक्षकों को और न ही शिक्षाकर्मियों को वेतन पर्ची दी जाती है और वर्ष के अंत में आयकर विवरणी भरते समय गणना पत्रक लेने कार्यालय पहुंचने वाले शिक्षकों को कर्मचारियों द्वारा पहले तो पत्रक देने में विलंब किया जाता है और फिर समय सीमा का दबाव बनाकर व्यक्तिगत दस्तावेज कार्यालय में जमा कराने की बात कही जाती है। इसके एवज में शिक्षकों से राशि वसूल की जाती है।

‘‘मुझे इस प्रकार की वसूली के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं अपने स्टाॅफ से जानकारी लूंगी।‘‘
श्रीमती एस मिंज,बीईओ,पत्थलगांव

मामले की पड़ताल की जाएगी। सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।‘‘
पी वी खेस,एसडीएम,पत्थलगांव

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