October 18, 2021
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मुख्यमंत्री का उड़न खटोला जब अचानक पहुंचा सरगुजा के ग्राम ससौली    

मुख्यमंत्री का उड़न खटोला जब अचानक पहुंचा सरगुजा के ग्राम ससौली

हरितछत्तीसगढ़ रौशन वर्मा अम्बिकापुर :-  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज लोक सुराज अभियान के तहत अचानक सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखण्ड के ग्राम ससौली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ससौली में आयोजित समाधान शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् बन रहे आवास निर्माण की प्रगति, सौर सुजला योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही, शौचालय निर्माण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत संचालित कार्यो की जानकारी प्राप्त करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने इस अवसर पर करीब 1 करोड़ रूपए के पुल-पुलिया बांध, मंगल भवन और सीसी रोड निर्माण कार्यो की स्वीकृति दी। इसमें ससौली से असकला के बीच कोठी नाला पर पुलिया निर्माण के लिए 15 लाख रूपए, ससौली के छिरोपारा में बांध निर्माण के लिए 50 लाख रूपए, लुण्ड्रा से चिरंगा के बीच पुलिया निर्माण के लिए 20 लाख रूपए, ससौली में मंगल भवन निर्माण के लिए 8 लाख रूपए तथा सीसी रोड निर्माण के लिए 6 लाख रूपए की घोषण की।

मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने इस समाधान शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के बारे में विस्तार से पूछताछ की। उन्होंने बिजली की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विद्युत मण्डल के अधिकारियों से कहा कि वे काराबेल में 14 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे 132/33 के.व्ही.के विद्युत उपकेन्द्र  की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए जून 2018 तक निर्माण पूर्ण कराने के निर्देष दिए। इस विद्युत सब-स्टेशन के बन जाने से सीतापुर, बतौली, मैनपाट एवं लुण्ड्रा क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तायुक्त विद्युत सप्लाई प्राप्त हो सकेगी तथा इन चारों विकासखण्डों में लो-वोल्टेज की समस्या समाप्त हो जाएगी। वर्तमान में इन क्षेत्रों को अम्बिकापुर से विद्युत की आपूर्ति की जाती है। इस नए विद्युत उपकेन्द्र के बन जाने से जिला मुख्यालय अम्बिकापुर के विद्युत केन्द्र से इस क्षेत्र को विद्युत सप्लाई की आवष्यकता नहीं होगी जिससे अम्बिकापुर  में भी विद्युत सप्लाई का भार कम होगा।

मुख्यमंत्री द्वारा गांव में निर्मित शौचालयों की जानकारी प्राप्त करते समय ग्रामीणजनों ने बताया कि सिंगल टैंक वाले शौचालय भर गए हैं जिसके कारण दूसरे टैंक की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर से कहा कि पूर्व में निर्मित एक टैंक वाले शौचालयों के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत शीघ्र दूसरे टैंक निर्माण की स्वीकृति प्रदान करें। उन्होंने लुण्ड्रा के 4 हजार 909 विद्युतविहीन घरों और 58 मजरा-टोलों में सौभाग्य योजना के तहत 30 जून तक विद्युत कनेक्षन उपलब्ध कराने के निर्देष दिए। इसी प्रकार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत लोगों को दिए जा रहे गैस कनेक्षन के संबंध में जानकारी प्राप्त करने पर बताया गया कि लगभग 5 हजार लोगों को गैस कनेक्षन दिया जाना शेष है। उन्होंने संबंधित लोगों को शीघ्र गैस कनेक्षन देने के निर्देश दिए तथा बेहतर रिफलिंग सुविधा भी उपलब्ध कराने के निर्देष दिए। उन्होंने बताया है कि अगले अप्रैल माह से इस योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों को विषेष रियायत दिया जाना है। जिससे उन्हें अधिक से अधिक लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने षिविर में दिए जाने वाले राषनकार्डो तथा उनमें जोड़े गए नामों को षिविर में पढ़कर सुनाने के निर्देश दिए तथा अप्रैल से ही संबंधितों को राषन उपलब्ध कराने निर्देषि किया।

मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने पर अधिकारियों ने बताया कि करीब 35 पारा उंचाई पर होने के कारण वहां वाटर लेबल काफी नीचे है। लुण्ड्रा जनपद पंचायत क्षेत्र में 12 नल-जल योजनाएं संचालित हैं और 220 हैण्डपम्प स्थापित किए गए हैं तथा महोरा में नए नल-जल योजना की शुरूआत की कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रघुनाथपुर से लुण्ड्रा तक 14 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 37 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस कलस्टर में 5 सड़के है जिनमें से 3 सड़कों का नवीनीकरण किया जाना है। इनमें से लुण्ड्रा से करौंधा तक 11 किलोमीटर लम्बी और 3.5 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण के लिए 114 लाख रूपए और लुण्ड्रा से दोरना तक पांच किलोमीटर के लिए 76 लाख रूपए, पतराडीह से राईखुर्द तक सड़क निर्माण के लिए 48 लाख रूपए इस प्रकार कुल 20 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 229 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बुलगा से उदारी 12.5 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु 11 करोड़ रूपए, रघुनाथपुर से असकला सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए स्वीकृत किया गया है। मुख्यमंत्री ने सखौली से डड़गावं 8 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए मुख्ययमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रस्ताव पारित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने क्रेडा द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में। पूछताछ करते हुए कहा कि विद्युत पहुंचविहीन क्षेत्र के गांव  में सौर सुजला के माध्यम से सोलर पम्प उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने ससौली ग्राम की सरपंच श्रीमती बाबी सिंह को मंच पर बुलाकर वहां की समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा 5 विभिन्न निर्माण कार्यो की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणजनों की मांग पर लुण्ड्रा में कॉलेज खोलने हेतु अगले वर्ष के बजट में शामिल करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने गांव में संचालित रोजगार मूलक कार्यो, पेयजल, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला, राषनकार्ड, पेंषन, उचित मूल्य दुकानों से राषन वितरण के बारे में ग्रामीणजनों से पूछताछ की।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अजय सिंह ने  षिविर के नोडल अधिकारी से कहा कि वे इस कलस्टर में प्राप्त कुल आवेदन और उनमें से निराकृत किए गए आवेदनों की विभागवार जानकारी देवें। इस अवसर पर नोडल अधिकारी ने बताया कि इस कलस्टर में 1 हजार 86 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिनमें प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण कर दिया गया है। इस अवसर पर लुण्ड्रा विधायक श्री चिंतामणी महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती फुलेष्वरी सिंह, मुख्यमंत्री के विषेष सचिव श्री मुकेष बंसल, जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव सह संचालक राजेश कुमार टोप्पो, कलेक्टर किरण कौशल, पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार, राज्य सहकारी बैंक के संचालक अखिलेश  सोनी, स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष  अनुराग सिंहदेव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य  प्रबोध मिंज और बड़ी संख्या में ग्रामीण-जन उपस्थित थे।

वहीं मधु ने मुख्यमंत्री से कहा सौर सुजला योजना से हुई अब मैं टेन्शन फ्री

मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने सौर सुजला योजना के तहत सोलर सिंचाई पम्प प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने पर ग्राम गड़बीरा की श्रीमती मधु गुप्ता ने अत्यंत हर्षित मनोभाव से बताया कि वह अब पेयजल को लेकर टेन्शन फ्री हो गई है। उसने बताया कि बचपन से अब तक वे पेयजल की समस्या का सामना करते रहे हैं और 38 वर्ष की उम्र में सौर सुजला योजना ने पेयजल की समस्या से पूरी तरह निजात दिला दिया। उन्होंने बताया कि उसे इस योजना के तहत सोलर सिंचाई पम्प प्राप्त हुआ है जिससे वह सफलतापूर्वक गन्ना, धान, गेहूॅ के साथ ही साथ साक-सब्जी का उत्पादन भी कर रही है। उसने बताया कि सूरजपुर जिले में स्थित मायके में उसे बचपन में पेयजल की पर्याप्त सुविधा नही थी तथा उसके बाद ससुराल आने पर भी पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं हुई, किन्तु 38 वर्षो के बाद जब उसे सौर सुजला योजना के तहत सोलर पम्प बहुत ही कम राशि में प्राप्त हुई तो उसे भरपूर पानी प्राप्त हो रहा है और अब वह पर्याप्त पानी की उपलब्धता से अत्यंत प्रसन्न है। ज्ञातव्य है कि सरगुजा जिले में सौर सुजला योजना के तहत 700 से अधिक किसानों को सोलर पम्प उपलब्ध कराए गए हैं।

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