October 21, 2021
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बच्चों को परीक्षा से वंचित न करें प्राईवेट स्कूल : पॉल,,,, फीस को लेकर यदि विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित किया गया तो किया जाएगा उग्र आंदोलन

बच्चों को परीक्षा से वंचित न करें प्राईवेट स्कूल : पॉल

फीस को लेकर यदि विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित किया गया तो किया जाएगा उग्र आंदोलन

राजनांदगांव। परीक्षा का दौरे शुरू होते ही शहर सहित जिले के भर के निजी स्कूलों द्वारा फीस को लेकर अपनी मनमानी शुरू कर दी है। कई निजी स्कूलों के प्रबंधकों एवं प्राचार्यों द्वारा कई बच्चों को भी परीक्षा देने से वंचित किया जा रहा है। इस प्रकार की शिकायत हाल ही में कई पीड़ित पालकों के मुंह से सुनने को मिल रहा है, मगर जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की मिलीभगत से निजी स्कूलों के हौसले बुलंद होते जा रहा है। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स ऐसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने कहा है कि निजी स्कूलों द्वारा फीस को लेकर यदि विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित किया गया तो, एसोसिएशन द्वारा इसकी शिकायत जिलाधीश सहित जिला शिक्षा अधिकारी एवं उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी। इसके साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी नहीं रूकी तो उक्त निजी स्कूल के सामने पीड़ित पालकों साथ उग्र धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा। जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शिक्षा विभाग की होगी।
श्री पॉल ने कहा कि कई प्राईवेट स्कूलों में बच्चों को परीक्षा से वंचित किया जा रहा है, क्योंकि पालकों के द्वारा पूरा फीस जमा नहीं किया जा सका है। एडमिट कार्ड रोक दिया जा रहा है जिससे पालक परेशान है और पालक स्कूल और अधिकारीयों के चक्कर काट रहे है। बच्चों को मात्र ऊंची फीस देने में आसमर्थ होने के कारण शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिये, क्योंकि शिक्षा पाना बच्चों का मौलिक अधिकार है। निजी स्कूलों में फीस निर्धारण करने के संबंध में राज्य शासन, संबंधित बोर्ड और जिला प्रशासन के द्वारा कई आदेश पारित किये जा चकुे है। जिसके अनुसार निजी स्कूलों को स्कूल आरंभ होने से दो माह पूर्व फीस का निर्धारण पालकों की अनुमति और जिला शिक्षा अधिकारी की सहमति से किया जाने का प्रावधान है और लाभ की स्थिति होने पर नये सत्र में शुल्क की वृद्धि नहीं किये जाने का निर्देश दिया गया है।
क्रिष्टोफर पॉल ने कहा कि प्रत्येक निजी विद्यालय को प्रतिवर्ष पालकों द्वारा अधिसूचित फीस को प्रकाशित करने का प्रावधान है और मदवार फीस की जानकारी पालकों और जिला शिक्षा अधिकारी को दिये जाने का प्रावधान है, लेकिन फीस निर्धारण के संबंध में राज्य शासन, संबंधित बोर्ड और जिला प्रशासन के किसी भी आदेश व दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है और फीस को स्वयं निर्धारण कर हमें उस अवैध डिमानडेड कैपिटेशन फीस को जमा करने हेतु पालकों को बाध्य किया जा रहा है और न जमा करने की स्थिति में बच्चों को स्कूल से निष्कासित करने देने की धमकी दी जा रही है, जो गैरकानूनी है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स ऐसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा विभाग से मांग की है कि यदि इस प्रकार की शिकायत पीड़ित पालकों द्वारा की जाती है तो उक्त स्कूलों पर तत्काल कार्यवाही कर पीड़ितों को न्याय दिलायें, ताकि बच्चों का भविष्य खराब न हो।
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