October 20, 2021
Breaking News

अब वाट्सएप पर पाकिस्तानी खतरा कर रहे भारत के खिलाफ भड़काऊ सामग्री पोस्ट  

अब वाट्सएप पर पाकिस्तानी खतरा कर रहे भारत के खिलाफ भड़काऊ सामग्री पोस्ट  

 

बीकानेर: सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के भड़काने के मामले में खुफिया एजेंसियां जांच कर रही है। पाकिस्तान से संचालित हो रहे इन वॉट्सअप ग्रुपों की जानकारी मिलने पर खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं हैं और एजेंसियों के अधिकारी इस पूरे मामले की पड़ताल के लिए सूरतगढ़ छावनी के नजदीक निरवाणा और सादकवाली जोहड़ी गांवों में पहुंचे। इन गांवों के कई युवा इन ग्रुपों में जोड़े गए हैं। खुफिया एजेंसियों को पाकिस्तान के वे नंबर मिल गए हैं, जिनसे ये ग्रुप संचालित किए जा रहे हैं। इन नंबरो का तकनीकी विश्लेषण करके पता लगाया जा रहा है कि ये कहां से संचालित हो रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि चार-पांच वर्ष पहले फेसबुक के जरिए यहां के लोगों को अपने जाल में फंसाने की चेष्टा करते थे।

आसपास के लोगों को वॉट्सअप ग्रुप में जोड़ रहे हैं पाक लोग
इन मामलों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने से स्थानीय खुफिया सूत्र इंकार नहीं कर रहे। कुछ दिनों से गंगानगर जिले के सूरतगढ़ छावनी के आसपास के लोगों को पाकिस्तान के लोग वॉट्सअप ग्रुप में जोड़ रहे हैं। इन ग्रुप में भारत के खिलाफ दुष्प्रचार और भड़काऊ सामग्री पोस्ट की जा रही है। इनमें लम्बे उत्तेजनात्मक भाषणों के वीडियो भी पोस्ट किये जा रहे हैं।  इन ग्रुपों में पाकिस्तानी युवा वायस मैसेज के जरिए भारतीयों को गालियां देते हैं। एक-एक ग्रुप में रोजाना 500 से ज्यादा वायस मैसेज पोस्ट किए जा रहे हैं। हालांकि इन ग्रुप में शामिल किए गए भारतीय युवा ग्रुप छोड़ देते हैं, लेकिन उन्हें बार-बार शामिल कर लिया जाता है।

ग्रुप में आ रही हैं भडकाऊ पोस्टें
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे इन वॉट्सअप ग्रुप के नाम उमर साहब, डब्ल्यूडब्ल्यूएसएस और‘एल अक्षर हैं। सबसे ज्यादा भडकाऊ और दुष्प्रचार की पोस्टें इसी ‘एल ग्रुप में आ रही हैं। इसमें वीडियो के जरिए बर्मा के रोहिंग्या मुसलमानों पर हुए अत्याचारों के सम्बंध में आपत्तिजनक बातें कहीं गई हैं। इन ग्रुपों में शामिल किए गए सूरतगढ़ छावनी के आसपास के युवाओं ने बताया कि वे तुरंत ग्रुप छोड़ देते हैं, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उन्हें फिर जोड़ लिया जाता है। उनके मोबाइल नंबर पाकिस्तान तक कैसे पहुंचे, इससे वे अनभिज्ञ हैं।

पूरे मामले में पुलिस ने रखी है नजर
इस संबन्ध में गंगानगर की खुफिया शाखा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीक्षा कामरा ने बताया कि पुलिस की इस पूरे मामले पर नजर है। उन्होंने लोगों को सतर्क करते हुए हिदायत दी कि ऐसे किसी ऐसे ग्रुप में शामिल नहीं हो, जिसके एडमिन के मोबाइल नंबर की शुरूआत +92 से होती हो। इस तरह के कुछ ग्रुपों का पता चला है और उनके मोबाइल नंबरों की जानकारी मिली है। इन नंबरो का तकनीकी विश्लेषण उच्च स्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को इस तरह के ग्रुपों में बार-बार जोड़ा जाता है तो इसकी जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में दी जाए। 

स्रोत-पंजाब केसरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *