October 20, 2021
Breaking News

शवदाह के लिए वन विभाग के पास नहीं है लकड़ी,पत्थलगांव का मामला

शवदाह के लिए वन विभाग के पास नहीं है लकड़ी,पत्थलगांव का मामला
हरितछत्तीसगढ़ संजय तिवारी पत्थलगांव : पत्थलगांव वन विभाग के पास शवदाह के लिए लकड़ी नहीं है. शव जलाने  के लिए पत्थलगांव के ग्रामीणों को मंहगे दामों में दूसरे जगह से लकड़ी खरीदनी पड़ रही है.  साथ ही शव जलाने के लिए लकड़ी व्यवस्था करने में परेशानियों का सामना करना पड़  रहा है. हैरानी की बात है कि लकड़ी तस्करों से पकड़े गये लकड़ी सड़ कर  समाप्त हो जा रहा है, कारण बताया जा रहा है कि न्यायालय के आदेश के बाद ही  जब्त लकड़ी को बेचा जा सकता है. पूरे मामले में जनप्रतिनिधि पूरी तरह से  चुप्पी साधे हैं. बताया जाता है कि पत्थलगांव वन विभाग से नगर के साथ साथ कई गांव के लोग शव जलाने के लिए लकड़ी ले जाते है. अमूमन  प्रतिदिन किसी ना किसी बीमारी या हादसों में एक-दो ग्रामीणों की मौत हो जाती  है. शव जलाने के लिए दूर-दूर से ग्रामीण लकड़ी  खरीदने पत्थलगांव आते हैं. और आज वन विभाग का यह हाल है कि लकड़ी मिल नहीं रही  है . बाजार में एक बोझा लकड़ी का दाम बीस से 100 से 150 रुपया है. प्रति किलो  पांच से छह रुपया पड़ता है.  सबसे ज्यादा परेशानी गरीब परिवार को होती है.  उन्हें लकड़ी व्यवस्था करने मे भारी परेशानी होती है.कल पत्थलगांव में साहू परिवार से एक बुजुर्ग कि मृत्यु हो गई थी, परिजन जब लकड़ी खरीदने पत्थलगांव वन विभाग पहुंचे तो उन्हें लकड़ी नहीं होने का हवाला देकर वापस भेज दिया गया. उसके बाद मृतक के परिजनों को 30 किलोमीटर दूर कांसाबेल से लकड़ी लाना पड़ा, तब जाकर शव का अंतिम संस्कार किया गया .  बताया जाता है कि पिछले पांच  साल के भीतर वन विभाग ने जंगलो से लकड़ी लाते हुए, अवैध वन कटाई कर जमा  किये गये चार से पांच ट्रक लकड़ी पत्थलगांव वन विभाग के पास बेकार पड़ा सड़ रहा है.  जब्त लकड़ी न्यायालय के अधीन है व न्यायालय आदेश पर नीलामी या फिर बेची जा  सकती है वन विभाग ने सड़ रहे लकड़ी को बेचने के प्रति कभी रूचि नही दिखायी है. इस संबंध में  पत्थलगांव वासियों ने वन विभाग के बड़े अधिकारी व जिला प्रशासन से शिकायत करने की बात कही है।
नगरवासियों ने वन विभाग के स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुवे कहा कि अगर आगे भी वन विभाग की यही स्थिति रही तो वन विभाग को नगरवाशियों के कोप का भागी बनाना पड़ेगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *