October 19, 2021
Breaking News

वंदना विद्युत कंपनी को ईडी का तगड़ा झटका,,मनी लांड्रिग केस की जांच में पकड़ी गई धोखाधड़ी,,,कोल ब्लॉक मामले में कोरबा स्थित पॉवर प्लांट सहित 603 करोड़ रूपये की संपत्ति अटेच 

वंदना विद्युत कंपनी को ईडी का तगड़ा झटका

मनी लांड्रिग केस की जांच में पकड़ी गई धोखाधड़ी

कोल ब्लॉक मामले में कोरबा स्थित पॉवर प्लांट सहित 603 करोड़ रूपये की संपत्ति अटेच

रायपुर(realtimes)  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)  ने वंदना विद्युत लिमिटेड के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज अपराध के एक मामले की जांच करते हुए इस उद्योग समूह की 603 करोड़ रूपए की संपत्ति अटैच की है। राज्य में ईडी की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। बताया गया है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो ( सीबीआई) ने तीन साल पहले 2015 में वंदना विद्युत् लिमिटेड (रायपुर,कोरबा) के विरुद्ध मनी लौन्डरिंग का केस दर्ज कर इन्वेस्टीगेशन शुरू किया था। ईडी का कहना है कि कम्पनी के डायरेक्टर विनोद अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल और अधिकरी अम्बरीश गुप्ता ने ने कोयला ब्लॉक आवंटन प्राप्त करने के लिए तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और धोखाधड़ी से छत्तीसगढ़ के फतेहपुर कोयला ब्लॉक को प्राप्त किया।

ईडी द्वारा की गई जांच में पाया गया कि वंदना विद्युत् लिमिटेड के निदेशक  विनोद अग्रवाल ने 2007 में कोयला मंत्रालय में आवेदन करते समय कंपनी का टर्न ओवर 37 करोड़ रूपये के बजाय 238 करोड़ रूपये घोषित किया था जो कि वंदना ग्रुप कर्मियों का टर्न ओवर था, एेसा इसलिए किया गया ताकि नया कोयला ब्लॉक का आवंटन हो सके।  आबंटन नियमो के अनुसार कंपनी का टर्नओवर २७० करोड़ होना चाहिए था। कोयला मंत्रालय के अधिकारियो की मिलीभगत से कोल ब्लाक हासिल किया था। मेसर्स वंदना विद्युत् लिमिटेड ने कोल ब्लाक हासिल करने के उद्देश्य से कोयला मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन में फर्जी दस्तावेज जमा किये जिसे बाद में जाँच से बचने नष्ट कर दिया था ईडी द्वारा किए गए जांच ने इस अपराध से अर्जित अवैधनिक राशि को लगभग 603 करोड़ रूपये निर्धारित किया जो कि कम्पनी ने भरी मात्र में शेयर जारी कर जमा किया था और कम्पनी के कोरबा स्थित पॉवर प्लांट, जमीन और ग्रुप कंपनी के शेयर्स में इन्वेस्ट किया। जांच अभी भी जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *