October 26, 2021
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अच्छी मुहिम/ पक्षी बचाओ अभियान में 100 से अधिक लोग जुड़े गर्मियों में पक्षियों को दाना पानी देने के लिए बांट रहे मिटटी के बर्तन

अच्छी मुहिम/

पक्षी बचाओ अभियान में 100 से अधिक लोग जुड़े
गर्मियों में पक्षियों को दाना पानी देने के लिए बांट रहे मिटटी के बर्तन

।हरितछत्तीसगढ़ पत्थलगांव /

गर्मी के मौसम में पक्षियों के सरंक्षण के लिए पक्षी बचाओं अभियान के साथ प्रमुख समाजसेवी श्रवण अग्रवाल अपने युवा मित्रों की टीम के साथ घर घर पहुंच कर मिटटी के बर्तन का वितरण कर रहे हैं।
इस वर्ष गर्मियों में पक्षियों का सरंक्षण के लिए सोमवार को यहां का प्राचीन षिव मंदिर से इस अभियान की शुरूवात की गई। इसके बाद प्रत्येक घर तक इस अभियान को पहुंचाने का संकल्प भी लिया। पक्षियों का सरंक्षण करने वाली युवाओं की इस टीम ने अपने परिचितों के घरों पर दस्तक देकर पक्षियों के लिए मिटटी के सकोरे में पानी डाल कर छतों और खिड़कियों में रखने की अपील करने के साथ ही पक्षियों के लिए नियमित दाना पानी देने का आग्रह भी किया जा रहा है।
इस अभियान में जुड़े युवाओं का कहना है कि बीते वर्ष पक्षियों को सरंक्षण देने का अच्छा परिणाम देख कर काफी सुकुन मिला है। पक्षी बचाओ अभियान के बारे में जिससे भी जुड़ने को कहा जाता है वह व्यक्ति निराष नहीं करता है। आपस में युवाओं की इस पहल के बाद घरों में चिड़ियों की चहल पहल में भी काफी इजाफा हो रहा है। पक्के घर बन जाने के बाद आंगन व हरियाली की कमी से चिड़ियों का शोरगुल कम हो गया था। लेकिन अब हफर से इन पक्षियों को दाना पानी मिल जाने से घरों से घरों में गौरया की संख्या में इजाफा होने लगा है।
मुहिम में सौ से अधिक लोग जुड़े
श्रवण अग्रवाल का कहना था कि पानी की कमी से इन बेजुबान पक्षियों की जान न जाने पाए। इस मुहिम में अब अनेक लोग आगे बढ़ कर अपना सहयोग देने लगे हैं। पक्षियों के सरंक्षण का इस अभियान में पार्षद विष्षु शर्मा, सुनिल अग्रवाल, अनिल मित्तल, अरूण गोयल भी भरपूर सहयोग कर रहे हैं। अपने मित्र एवं अन्य परिचितों को फोन करके भी इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करने से अब सौ से अधिक युवाओं ने अपनी भागीदारी देनी शुरू कर दी है।
मरी चिड़िया देखकर शुरू किया अभियान
श्रवण अग्रवाल ने बताया कि उन्होने 3 वर्ष पहले गर्मी के दिनों में कई जगह मरी हुई चिड़िया देख कर इसका कारण तलाषा था। कई ग्रामीणों से चर्चा के दौरान जब पीने का पानी की वजह का पता चला था। इसके बाद सबसे पहले उन्होने अपनी राईस मिल से पक्षियों को दाना पानी देने की शुरूवात की थी। गर्मी के मौसम में मिटटी के सीकोरे से चिड़ियों का पानी पीना देख कर उन्हे काफी सुकुन मिलने लगा था। इसके बाद से पक्षियों को सरंक्षण देने का अभियान को विस्तार किया गया है। लोगों से छतों और आस पास में मिटटी के बर्तन में पानी रखने की अपील का अच्छा असर होने लगा है।

फोटो/ पक्षी बचाओ अभियान में मिटटी के बर्तन का वितरण

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