October 18, 2021
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मन की शुद्धि के लिए श्रीमद् भगवत से बढ़कर कोई साधन नहीं-श्री आनन्द कृष्णश्रीमद्भागवत कथा में भक्तिमय हुआ प्रतापपुर,उमड़ रही भक्तों की भीड़

मन की शुद्धि के लिए श्रीमद् भगवत से बढ़कर कोई साधन नहीं-श्री आनन्द कृष्णश्रीमद्भागवत कथा में भक्तिमय हुआ प्रतापपुर,उमड़ रही भक्तों की भीड़


हरित छत्तीसगढ राजेश गुप्ता प्रातपपुर सुरजपुर

। प्रतापपुर नगर के बस स्टैंड मिनी स्टेडियम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा से पूरा नगर भक्तिमय हो गया है,श्री आनन्द कृष्ण ठाकुर महाराज के मुख से कथा सुनने भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव व श्रीकृष्ण रुकमणी विवाह की झांकी के दौरान श्रद्धालु भाव विभोर हो झूमते नजर आए।कथा वाचक श्री आनन्द कृष्ण ने श्रद्धालुओं के समक्ष कथा वाचन करते हुए कहा कि सच्चिदानंदस्वरुप भगवान श्रीकृष्ण को हम नमस्कार करते हैं जो जगत की उत्पत्ति, स्थिति और विनाश के हेतु तथा आध्यात्मिक, आधिदैविक और आधिभौतिक, तीनों प्रकार के तापों का नाश करने वाले हैं।कहते हैं कि अनेक पुराणों और महाभारत की रचना के उपरान्त भी भगवान व्यास जी को परितोष नहीं हुआ। परम आह्लाद तो उनको श्रीमद् भागवत की रचना के पश्चात् ही हुआ, कारण कि भगवान श्रीकृष्ण इसके कुशल कर्णधार हैं, जो इस असार संसार सागर से सद्यः सुख-शांति पूर्वक पार करने के लिए सुदृढ़ नौका के समान हैं।
यह श्रीमद् भागवत ग्रन्थ प्रेमाश्रुसक्ति नेत्र, गदगद कंठ, द्रवित चित्त एवं भाव समाधि निमग्न परम रसज्ञ श्रीशुकदेव जी के मुख से उद्गीत हुआ। सम्पूर्ण सिद्धांतो का निष्कर्ष यह ग्रन्थ जन्म व मृत्यु के भय का नाश कर देता है, भक्ति के प्रवाह को बढ़ाता है तथा भगवान श्रीकृष्ण की प्रसन्नता का प्रधान साधन है। मन की शुद्धि के लिए श्रीमद् भगवत से बढ़कर कोई साधन नहीं है।यह श्रीमद् भागवत कथा देवताओं को भी दुर्लभ है तभी परीक्षित जी की सभा में शुकदेव जी ने कथामृत के बदले में अमृत कलश नहीं लिया। ब्रह्मा जी ने सत्यलोक में तराजू बाँध कर जब सब साधनों, व्रत, यज्ञ, ध्यान, तप आदि को तोला तो सभी साधन तोल में हल्के पड़ गए और अपने महत्व के कारण भागवत ही सबसे भारी रहा।अपनी लीला समाप्त करके जब श्री भगवान निज धाम को जाने के लिए उद्यत हुए तो सभी भक्त गणों ने प्रार्थना कि- हम आपके बिना कैसे रहेंगे तब श्री भगवान ने कहा कि वे श्रीमद् भगवत में समाए हैं। यह ग्रन्थ शाश्वत उन्हीं का स्वरुप है।पठन-पाठन व श्रवण से तत्काल मोक्ष देने वाले इस महाग्रंथ को सप्ताह-विधि से श्रवण करने पर यह निश्चय ही भक्ति प्रदान करता है।श्रीमद्भागवत कथा में नगरवासी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं,श्री कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह,संतोष गुप्ता प्रभारी लोक सभा,डॉ नरेंद्र सिंह, भी उपस्थित थे। पूरे आयोजन को सफल बनाने में राजेश मित्तल,नवीन जायसवाल,राजेश गुप्ता,हरिशंकर गर्ग,अम्बिका जायसवाल,राजेश गर्ग,विंध्याचल गुप्ता,सुनील गुप्ता,संतोष सिंह,डीएस तिवारी,कंचन सोनी,गिरीश पटेल,अमित सोनी,जयभगवान तायल, विनोद जायसवाल,राजेश मुंडा,अनिल अग्रवाल,कौशल किशोर,अमन,विक्रम,अंकित,अनमोल,अमन,आकाश,आनंद शुक्ला,सहित अन्य लोग सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

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