October 18, 2021
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वाइडनेयर स्कूल वाली जमीन में चर्च का निर्माण, शर्तो का उल्लघंन

वाइडनेयर स्कूल वाली जमीन में चर्च का निर्माण, शर्तो का उल्लघंन

राजनांदगांव। लालबाग स्थित वाइडनेयर स्कूल के जमीन घोटले की एक के बाद एक पोल खुलते जा रही है। राजगामी संपदा ने रायपुर डायोसिस, एज्युकेशन सोसायटी, रायपुर, पं.क्र. 5261 को यह जमीन शैक्षणिक कार्य हेतु दिया था, जिसमें सिर्फ स्कूल का निर्माण होना था। इस संपदा की भूमि को पहले दुसरे संस्था शिक्षा प्रचार एंव प्रसार समिति, राजनांदगांव, पजीयंन क्रमांक 5400 को हस्तांतरित किया गया और स्कूल के अलावा उसमे चर्च का निर्माण कर दिया गया जो आबंटन के शर्तो का स्पष्ट रूप से उल्लघंन है।

शैक्षणिक कार्य के आड़ में धार्मिक सभा एंव चर्च का निर्माण किया जाना उचित नही है उनके इस कृत्य से कभी भी धार्मिक उन्माद फैलने की संभवना है। जांच अधिकारी अपने कार्यालय मे बैठे -बैठे जांच कर इतने गंभीर मामले में सिर्फ खानापूर्ति करने का काम चल रहा है।

शिकायतकर्त्ता का कहना है कि वे इस मामले को मा.उच्च न्यायालय, बिलासपुर में याचिका दायर कर जमीन राजगामी को वापस करने की भी मांग करेगें क्योंकि गैरकानूनी ढ़ंग से संपदा की संपत्ति को हस्तांतरित किया गया है और आबंटन शर्तो का उल्लघंन किया गया है।

शिकायतकर्त्ता की मांग है कि दोनो संस्था के संचालगणों पर अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जावे क्योंकि उन्होने सरकारी जमीन को अपने स्वयं के अधिकार से हस्तांतरित कर अवैध निर्माण करवाया है।

इसके अलावा संपदा की जमीन को अपना बताकर बोर्ड और विभागिय मान्यता लिया गया जो मान्यता शर्तो का भी उल्लघंन है। मान्यता देने वाले अधिकारीयों ने अपने कार्यालय में बैठकर इस स्कूल को मान्यता दे दिया गया उन दोषी अधिकारीयों पर भी कार्यवाही किया जाना चाहिये।

जानकार बताते है इस स्कूल की कई बार शिकातय किया जा चूका है लेकिन शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारीयो की मेहरबानी से इस स्कूल पर आज तक कोई कार्यवाही नही हुआ।

शिकायतकर्त्ता ने दो माह पूर्व इस स्कूल की शिकायत कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से की थी लेकिन विभाग अब हरकत में आया है और अभी भी जांच सही दिशा में नही किया जा रहा है। अधिकारयों ने अभी तक स्थल निरीक्षण नही किया, अपने कार्यालय में बैठे -बैठे पूरे प्रकरण की जांच चल रही है जबकि जांच अधिकरीयों को स्थल निरीक्षण कर स्कूल द्वारा अब तक किये गये निर्माण को स्वयं देखना चाहिये।

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