November 29, 2021
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मोदी मंत्रीमंडल 3 का प्रमोशन, 2 का डिमोशन और इन 5 मंत्रियों का तो पत्ता ही साफ, पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने लिया मंत्रियों को हटाने का फैसला

सूत्रों के मुताबिक रविवार को सुबह 10 बजे मोदी कैबिनेट में फेरबदल होने वाला है. गुरुवार रात इस पर पीएम मोदी और अमित शाह के बीच मैराथन बैठक में सभी मंत्रियों के कामकाज और परफॉर्मेंस पर बात हुई. मीटिंग के बाद थोक भाव से इस्तीफे शुरू हो गए.मंत्रियों के प्रदर्शन के हिसाब से आकलन किया गया है. मंत्रियों के काम के आधार पर उनका काम सकारात्मक या नकारात्मक कहा गया. आकलन एक्सेल शीट पर तैयार हुआ. फेरबदल इसी आधार पर किया जा रहा है.

नए मंत्रियों के रूप में जिन नामों की अटकल है उसमें महाराष्ट्र से विनय सहस्त्रबुद्धे, मध्य प्रदेश से प्रहलाद पटेल, कर्नाटक से प्रहलाद जोशी या सुरेश आंगड़ी, गुजरात से डॉ. भारती धीरूभाई, पश्चिम बंगाल से रूपा गांगुली का नाम शामिल है। अधिकतर मंत्रियों के नामों पर फैसला राज्यों में आगामी चुनाव और जातिगत संतुलन के लिहाज से किए जा रहे हैं। हिमाचल और उत्तराखंड से भी एक एक मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा जदयू और अन्नाद्रमुक के कोटे से दो दो और शिवसेना से एक मंत्री बनाए जाने की संभावना है। इन दलों को शनिवार की सुबह तक मंत्री पद के लिए नाम भेजने को कहा गया है।

बताया जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार के अगले चार पांच दिनों के अंदर ही संगठन का भी बहुप्रतीक्षित विस्तार हो जाएगा। मंत्रिमंडल से हटाए गए कुछ मंत्रियों को संगठन में महत्वपूर्ण पद मिलेगा। ध्यान रहे कि महासचिव पद पर भी दो सीटें रिक्त हैं। जबकि संविधान के अनुसार उपाध्यक्ष पद पर शाह अभी छह और लोगों को नियुक्त कर सकते हैं। इसमें दक्षिणी और पूर्वी राज्यों का संतुलन साधने की कोशिश होगी।

मंत्रालय में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं रहा
उमा भारती का स्वास्थ्य कारणों से हटना आधिकारिक कारण बताया गया है. जबकि नमामि गंगे की प्रगति संतोषजनक न होना भी एक कारण है. उन्हें बुंदेलखंड में पार्टी संगठन को मज़बूत करने की ज़िम्मेदारी मिल सकती है. कलराज मिश्र 75 साल से अधिक उम्र के हो गए हैं और मंत्रालय में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं  कर पा रहे हैं. नोटबंदी के बाद लघु और मंझौले उद्योगों को समस्या हुई है. वहीं, संजीव बालियान का कार्यशैली संतोषजनक नहीं रहा है. उन्हें संगठन में बड़ी ज़िम्मेदारी मिल सकती है. फग्गन सिंह कुलस्ते को मप्र चुनावों के मद्देनज़र प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल सकती है. वहीं, महेंद्र नाथ पांडे के यूपी बीजेपी अध्यक्ष बन गए है और एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत है. राजीव प्रताप रुडी के मंत्रालय का काम संतोषजनक नहीं रहा है. नए मंत्रालय में अधिक उपलब्धि नहीं मिली. पीएम चाहते थे कौशल विकास में बड़ी उपलब्धि हासिल हो. उन्हें भी संगठन में बड़ी ज़िम्मेदारी दी जा सकती है.
मोदी सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री राजीव प्रताप रूडी को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया गया, क्योंकि कौशल विकास मंत्रालय के नतीजों से प्रधानमंत्री बहुत ख़ुश नहीं थे. रोज़गार को लेकर विपक्ष कई बार हमले कर चुका है.प्रधानमंत्री जल और गंगा मंत्रालय की मंत्री उमा भारती के सफलता ग्राफ से भी नाख़ुश थे. पिछले तीन साल में गंगा सफ़ाई पर सिर्फ़ नाममात्र के ही काम हुए थे. उमा भारती के साथ ही जूनियर मंत्री संजीव बाल्यान को भी मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है जबकि वो पिछले एक साल से सिर्फ़ इसी मंत्रालय का काम देख रहे थे. मोदी सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते की संसद में मौजूदगी और पार्टी के संगठन कार्यक्रमों में ना के बराबर हाज़िरी होने से भी अमित शाह और प्रधानमंत्री नाराज बताए जा रहे थे.

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