July 25, 2021
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शिक्षक दिवस का बहिष्कार कर जिले में धरना देंगे पत्थलगांव विकासखण्ड के शिक्षा कर्मी।

मोती बंजारा

हरित छत्तीसगढ़ कांसाबेल | छत्तीसगढ पंचायत/नगरीय निकाय शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर विकासखंड के समस्त शिक्षाकर्मी शिक्षक दिवस का बहिष्कार करेंगे ।
प्रदेश सरकार के द्वारा शिक्षाकर्मियों की मांगो को लगातार अनसुनी और अपनी घोषणा से वादा खिलाफी करने के कारण सभी शिक्षाकर्मी काफी अाक्रोशित हैं।
अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से ग्रामीण व् नगरीय क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को सुचारू ढंग से चलाने और स्तर उठाने के लिए अल्प वेतनमान पर सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता पद के विरुद्ध क्रमशः शिक्षाकर्मी वर्ग 03,वर्ग 02, व वर्ग 01 की भर्ती की गयी | एक ही छ्त के नीचे एक ही शाला में सामान प्रकृति का कार्य करते हुए विगत 22 वर्षों से शिक्षागुणवत्ता स्तर में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है |
शिक्षाकर्मी के भरोसे चल रहे विद्यालय या संस्था आज राज्य स्तर पर सम्मानित हो रहे है, किन्तु शिक्षाकर्मी आज भी शिक्षकों के समतुल्य सम्मानजनक वेतन और स्वाभिमान के लिए संघर्षरत है |
समय –समय पर शासकीय कर्मचारियों को देय महंगाई भत्ता के लिए भी शिक्षाकर्मियों को जाद्दोजहद करना पड़ता है | 2012-13 के 38 दिनों के प्रदेश व्यापी आन्दोलन के पश्चात शिक्षकों के समतुल्य वेतनमान एवं भत्ते प्रदान करने के आदेश से थोड़ी राहत जरुर मिली थी किन्तु शासन द्वारा उसमे से गृहभाड़ा, चिकित्सा व गतिरोध भत्ते की कटौती कर दी गयी।
इसमें भी 8 वर्ष से कम वाले शिक्षा कर्मियो को अलग कर पुराने वेतनमान में ही छोड़ दिया गया, क्रमोन्नती वेतनमान को भूतलक्षी प्रभाव से निरस्त कर दिया गया | केवल मूल वेतन का १० प्रतिशत सी.पी.एस. कटौती कर उसमे भी डंडी मार दी गयी | इस प्रकार शिक्षाकर्मियों का आर्थिक शोषण बदस्तूर जारी है | जिससे प्रदेश भर के शिक्षाकर्मी आक्रोशित हैं | अधिकारियों एवं मंत्रियों से गुहार लगाने के बावजूद हमारे लिए कोई ठोस नीति नहीं बना पा रहें है जो दुर्भाग्य जनक है|
चाहे संविलयन हो या शासकीयकरण, क्रमोन्नति हो या पदोन्नति, प्रशिक्षण हो या वर्ग 3 का न्यूनतम वेतन, अनुकम्पा नियुक्ति हो या स्थानांतरण नीति ऐसी अनेक मांगो की पूर्ति आज पर्यंत नहीं हो पाई है |
रायपुर में आयोजित 10 अगस्त के महापंचायत में निर्णय लिया गया है कि 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश भर के शिक्षाकर्मी जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन एवं रैली करते हुए शिक्षक क्रांति दिवस मनायेंगे |
शिक्षक दिवस को ही शिक्षक क्रांति दिवस आयोजन की तिथि क्यों इस पर शिक्षाविद्,प्रबुद्ध वर्ग व शैक्षिक चिंतको के विभिन्न मत हो सकते है,पर प्रदेश के 1लाख 80 हजार शिक्षक पंचायत संवर्गो के दृष्टिकोण से उक्त दिवस पर विरोध प्रदर्शन के तर्क निःसंदेह सभी वर्ग को वैचारिक चिंतन करने को मजबूर कर सकते है।
निम्न कारणों से शिक्षाकर्मी शिक्षक दिवस को बहिष्कार करने के लिए मजबूर हैं….
1.विगत 20-22 वर्षो से शैक्षिक धरातल पर समाज के कई नवीन पीढी को शिक्षित कर वर्तमान समाज की आधारशिला रखने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षा कर्मी/शिक्षक पं/ननि आज भी आर्थिक आजादी के साथ समाज में सम्मान पाने संघर्षरत हैं।
2.सामाजिक चिंतन का ये बहुत बड़ा विषय है कि शैक्षिक पृष्ठभूमि पर शिक्षा विभाग के दोहरे मापदंड के शिकार शिक्षाकर्मी, इसी विभाग के एक अन्य संवर्ग की तुलना मे हर दृष्टिकोण से उपेक्षित हैं।
3.एक विभाग,एक समान कार्य विभाजन,एक समान दायित्व,एक समान योग्यता होने पर भी शिक्षाकर्मी पर दोहरा व्यवहार किसी जा रहा है।
4.सन् 1995 से अब तक नियमित शिक्षको की तुलना मे लगभग एक तिहाई वेतन है। पांचवे,छठे व सातवे वेतन मान देने के बजाय कुछ को समतुल्य और कुछ को कुछ भी नही,नाम पर निरंतर आर्थिक शोषण हो रही है।
5.नियमित शिक्षकों कको सेवा काल में 2 क्रमोन्नति/समयमान देने का प्रावधान है किंतु शिक्षाकर्मियों पूरी सेवाकाल में कभी प्रावधान ही नही।
6.नियमित शिक्षकों को समग्र भत्ते,महंगाई,मेडिकल,आवास आदि, शिक्षाकर्मियों को केवल महंगाई भत्ता वो भी संघर्ष व मांगनें पर।
7.नियमित शिक्षकों को खुली स्थानांतरण सुविधा,शिक्षाकर्मियों को सिर्फ पति-पत्नी व आपसी आधार पर वो भी प्रतिबंध व नियम के शर्ताधीन।
8.नियमित शिक्षकों के लिए नियमित पदो मे अनुकंपा नियुक्ति की सुविधा किंतु शिक्षाकर्मियों के लिए लिए प्रशिक्षण सहित केवल एक पद पर नियुक्ति की बाध्यता ।
9.नियमित शिक्षकों के लिए सवैतनिक विभागीय प्रशिक्षण किंतु शिक्षाकर्मियों को केवल अवैतनिक अध्ययन अवकाश।
10.नियमित शिक्षकों को ग्रेच्युटी,पेंशन की सुविधा किंतु शिक्षाकर्मियों के लिए लिए अंशदायी पेंशन वो भी अब तक सही क्रियान्वयन नहीं। 11.नियमित शिक्षकों की उनकी पदोन्नति साल दर साल,शिक्षाकर्मी के लिए पद के अभाव, नियमो की जटिलता से पदोन्नति नहीं।
एकसमान सम्मान, सुविधा व अधिकार को पाने 5 सितंबर को अधिकार प्राप्ति हेतु शिक्षक क्रांति दिवस के रूप मे शिक्षाकर्मियों का प्रदर्शन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय मे होगा
विकासखण्ड अध्यक्ष धनुराम यादव जिला महामंत्री लिलाम्बर यादव, विकासखण्ड सचिव नित्यानंद , विकासखण्ड प्रवक्ता मुकेश ने सभी संघ के नेतृत्वकर्ताओं सहित विकासखण्ड के समस्त शिक्षाकर्मियों से अपने अधिकार ,शिक्षकों के समान सम्मान, की लड़ाई में शामिल होने की अपील की है |

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