October 21, 2021
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प्रदेश के शिक्षाकर्मी अब कमेटी से मांग नही कर रहे बल्कि,,पूछ रहे सवाल,

अब कमेटी से मांग नही,,पूछेंगे अब सवाल,,कमेटी टाइम लिमिट में सौपने जा रही है कि नहीं शासन को प्रस्ताव?

 

*सवाल*कमेटी संविलियन का प्रस्ताव तो करेगी न?

*सवाल*कमेटी के प्रस्ताव मे संविलियन शामिल रहेगा न?

*सवाल*कमेटी 8 वर्ष का बंधन तो समाप्त करेगी न?

*सवाल* कमेटी वर्ग 3 के वेतन विसंगति को सुधार कर प्रस्ताव करेगी न?

*सवाल*कमेटी समय सीमा में क्रमोन्नति वेतनमान का प्रस्ताव करेगी न?

*और ऐसे ही अन्य मांगों पर सवाल*

*शासन प्रशासन के सुस्त रवैये से आक्रोशित शिक्षाकर्मी नेता इस बार कमेटी के समक्ष अपनी किसी भी मांग को नहीं दोहराएंगे बल्कि सीधे हाई पावर कमेटी से यह सवाल पूछेंगे कि क्या 5 माह के बाद अब कमेटी आगामी 5 मई तक शासन को शिक्षाकर्मियों के हित में फैसला लेने का प्रस्ताव सौंपने जा रही है या नहीं ?*

क्योंकि शिक्षाकर्मियों की मांग अब पूरे प्रदेश में किसी से भी छिपी नहीं है, विभागीय अधिकारियों को कई बार शिक्षाकर्मी अपना मांग पत्र सौंप चुके हैं और शासन द्वारा इसके संबंध में दस्तावेज मंगाने पर 157 पेज के उनके मांगों से संबंधित तथ्य से परिपूर्ण दस्तावेज भी सौपें जा चुके हैं, जिसमें देश के अलग-अलग कोने में कार्यरत शिक्षाकर्मियों के शासकीयकरण किए जाने से संबंधित दस्तावेज भी शामिल है,

*बावजूद इसके कमेटी द्वारा 4 सदस्यीय कमेटी को वहां के हालातों के अध्ययन के लिए राजस्थान भेजा गया था और निश्चित तौर पर उन्हें भी वही दस्तावेज हाथ लगे होंगे जो मोर्चा ने पूर्व में ही हाई पावर कमेटी को सौंपा था*

*16 मार्च को कमेटी की बैठक में भी संविलियन का पक्ष प्रमुखता से रखा गया था,*

मातृ राज्य मध्यप्रदेश में भी वहां के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा जनवरी माह में कर दी थी और उसके बाद विधानसभा पटल पर भी यह जानकारी रखी जा चुकी है साथ ही मुख्य सचिव को भी मुख्यमंत्री द्वारा जल्दी संविलियन की रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया जा चुका है और उम्मीद है कि कुछ दिनों के भीतर ही वहां आदेश भी जारी हो जाएगा।

वही छत्तीसगढ़ के 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मी और उनके परिजन शासन को कई बार अपनी मांगों से अवगत करा चुके हैं यहां तक की जनसुराज कार्यक्रम में भी शिक्षाकर्मियों के परिजनों ने लाखों की संख्या में शासन को संविलियन की मांग को लेकर आवेदन सौंपा है इसके बावजूद आज पर्यंत *शासन ने शिक्षाकर्मियों के हित को ध्यान में रखते हुए कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया है उल्टे कमेटी की समय सीमा, को लगातार बढ़ाया जा रहा है जिससे पूरे प्रदेश भर के शिक्षाकर्मी के मन में सरकार,शासन-प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है*

इसलिए अब शिक्षाकर्मी मोर्चा सीधे संविलियन के विषय में सरकार के रुख को जानना चाहता है और प्रदेश के 1लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों की मुख्य मांग है कि यहां के भी शिक्षाकर्मियों के वेतन विसंगति को दूर करते हुए संविलियन मूल शिक्षा विभाग में 8 वर्ष बंधन के बंधन समाप्त करते हुए किया जाए और यही आवाज़ शिक्षाकर्मी मोर्चा के प्रदेश संचालक आगामी बैठक मे बुलंद करेंगे ।

*अल्टीमेटम* कमेटी की चर्चा पर विस्वास नही होने की स्थिति में कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा,।*

*संजय शर्मा*
प्रदेश अध्यक्ष
Cgpnnss 5093

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