October 26, 2021
Breaking News

आजादी के 70 साल बाद भी इन गांव में अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पण्डो जनजाति

आजादी के 70 साल बाद भी इन गांव में अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पण्डो जनजाति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक dijïtal इंडिया एक और पण्डो जनजाति के लिए अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है यह कैसा डिजिटल इंडिया जो की चांदनी क्षेत्र में आज आजादी के 70 वर्ष बीत जाने के बाद भी अंधेरे में अपना जीवन यापन करना पड़ रहा है

सूरजपुर जिले की दूरस्थ एवं वना अंचल क्षेत्र चांदनी बिहारपुर के ग्राम कोल्हुआ के भाटपारा में आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी आज राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र अंधेरे में अपना जीवन यापन कर रहे हैं वही प्रशासन द्वारा शहरी और ग्रामीण अंचल में विद्युत द्वारा और अंचल में सौर ऊर्जा द्वारा लाइट की सुविधा कराया गया है लेकिन इन गांव में अभी कोई सुविधा नहीं है प्रशासन द्वारा बड़ा वादा किया जाता है कि हमारे छत्तीसगढ़ में कोई भी अंधेरे में जीवन यापन नहीं कर रहा है उन्हें विद्युत या सौर ऊर्जा द्वारा लाइट वितरण कर उन्हें उजाला में रखा जा रहा है लेकिन एक ऐसा भी गांव है जो कि आज के 70 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रशासन शासन द्वारा अभी तक राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र अंधेरे में अपना जीवन बिताने में असमर्थ हैं प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है प्रशासन द्वारा कहा जाता है कि हमारे छत्तीसगढ़ में कहीं भी अंधेरे में कोई नहीं है लेकिन इन गांव में अभी भी अंधेरा छाया हुआ है
प्रशासन द्वारा राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पंडो जनजाति का उनको नहीं मिल रहा है लाभ दिन पर दिन पंडो जनजाति बिलुप्त होते दिख रहा है छत्तीसगढ़ प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है

*भाटपारा कोल्हुआ में रात होते ही जंगली जानवर का दहाड़ शुरू हो जाता है घर से निकलना मुश्किल हो जाता है गांव में रात को निकलना मुश्किल हो जाता है वही बच्चों की पढ़ाई भी लाइट ना होने से नहीं हो पाता है वही लाइट से कई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है इन ग्रामवासियों को*

*राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र ने कलेक्टर महोदय सूरजपुर से तत्काल विद्युत द्वारा अंधेरे को दूर कराने की मांग की है उनकी मांग पूरी ना होने पर वह चक्का जाम उग्र आंदोलन भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे*

डिजिटल इंडिया का कोई लाभ नहीं मिल रहा है चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में ग्राम पंचायत कोल्हुवा के आश्रित गांव भाटपारा में 90% पंडो जनजाति के लोग निवास करते हैं वहीं प्रशासन द्वारा इन्हें अभी तक कोई लाइट वितरण नहीं किया गया है अंधेरे में अपना जीवन यापन करने मे मजबुर हैं वही एक और प्रधानमंत्री द्वारा डिजिटल इंडिया बताया जाता है तो वहीं एक ओर अंधेरा चौपट राजा बताया जा रहा है यह कैसा डिजिटल इंडिया जहां आजादी के 70 वर्ष बीत जाने के बाद भी राष्ट्रपति पंडो जनजाति को विद्युत कनेक्शन भी नसीब नहीं है

वैसे चांदनी क्षेत्र में जितने भी जगह क्रेडा द्वारा सोलर के माध्यम से विद्युत व्यवस्था की गई है वहां कहीं भी दिन मे भी लाइट नहीं जलता है
प्रशासन द्वारा विद्युत व्यवस्था के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति किया गया है अभी भारी गर्मी को देखते हुए पूरे क्षेत्रवासी गर्मी से परेशान हैं क्योंकि उन्हें गर्मी से निजात दिलाने हेतु ना तो विद्युत की व्यवस्था है और नहीं कुछ दूसरी व्यवस्था सोलर का प्रकाश दिन बंद हो जाता है जिसकी वजह से लोगों को विद्युत की बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है आजकल रोजमर्रा की जिंदगी में मोबाइल चार्ज करना असंभव हो गया है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *