October 26, 2021
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शिक्षाकर्मियों का खुला ऐलान- अब आश्वासन नहीं, संविलियन व शिक्षकों का सम्मान चाहिये…. मोर्चा प्रदेश संचालक संजय शर्मा बोले- 1 मई की बैठक आखिरी हो

शिक्षाकर्मियों का खुला ऐलान- अब आश्वासन नहीं, संविलियन व शिक्षकों का सम्मान चाहिये…. मोर्चा प्रदेश संचालक संजय शर्मा बोले- 1 मई की बैठक आखिरी हो


रायपुर 29 अप्रैल 2018–कमेटी के साथ शिक्षाकर्मियों की महत्वपूर्ण बैठक में अब बमुश्किल 72 घंटे शेष बचे हैं। जाहिर है शिक्षाकर्मियों की दिलों की धड़कनें बैठक और बैठक के बाद परिणाम को लेकर तेज हो गयी है। इधर शिक्षाकर्मियों ने एक सुर में ये कहना शुरू कर दिया है कि संविलियन के अलावा कोई और प्रस्ताव शिक्षाकर्मियों को मंजूर नहीं होगा। बैठक में अब अपनी वादो पर सरकार खरा उतरती है या फिर वही इंतजार की घुट्टी पिलाती है, ये तो वक्त बताएगा, लेकिन इतना तो तय है कि बैठक ये जरूर साफ हो जायेगा कि 20-22 साल के संघर्ष को विराम मिलेगा या फिर एक बार संघर्ष की आवाज बुलंद होगी। हैरानी की बात है कि लंबे संघर्ष के इस यात्रा में सेवा स्थायित्व का इंतजार करते करते कईयों की सेवानिवृत्ति तक हो गई तो कईयों की जिंदगी सांसें थम गयी।

शिक्षाकर्मी मोर्चा के प्रांतीय संचालक संजय शर्मा के मुताबिक सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति ने ये सब अब तक कराया है, इसलिए सभी परिस्थितियो की संपूर्ण जवाबदारी सरकार की है। उन्होंने कहा कि मांगों के निराकरण पर बनी कमेटी ने लगातार अपना समय बढाया। लेकिन सब्र की सीमाएं अब टूट रही है।

शिक्षक मोर्चा के प्रदेश संचालक संजय शर्मा ने कहा कि लंबे संघर्ष ने शिक्षा कर्मियो के इच्छाशक्ति को भी प्रबल किया है, ये संकल्प अब सभी को है कि संविलियन से कम किसी भी कीमत पर मंजूर नही,,।

अब कोई आश्वासन नही,,संविलियन व शिक्षक का संपूर्ण सम्मान चाहिए,,ये 1 लाख 80 हजार शिक्षा कर्मियो का नया स्लोगन है। अपने मातृ प्रदेश मे घोषणा व अन्य राज्यो मे बनाए गए व्यवस्था के आधार पर संविलियन के लिए केवल सरकार को अपनी इच्छाशक्ति मजबूत करने की आवश्यकता है,,और सरकार सीधे संविलियन की घोषणा कर आदेश कर मिशाल दे।

शिक्षक मोर्चा के प्रदेश संचालक संजय शर्मा ने कहा कि 2012-13 के 34 दिवसीय ऐतिहासिक संघर्ष व 2016-17 के 15 दिवसीय संघर्ष को धरातल पर सूत्रपात करने वाले मोर्चा व संघर्ष के सहभागी 180000 शिक्षा कर्मियो ने सरकार को अब अंतिम अवसर देने का मन बनाया है,,मोर्चा ने खुला अल्टीमेटम दे दिया है कि अब जल्द अंतिम निर्णय हो,, यदि देगें संविलियन तो करेंगे सम्मान,,नही तो होगा प्रतिकार ।अधिकारियो के साथ संघ की उक्त दिवस की बैठक निर्णयात्मक व अंतिम बैठक साबित हो,,ये मोर्चा ने मांग रखी है।

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