October 19, 2021
Breaking News

व्यापारी एवम् उपभोक्ताओं को डिजिटल लेनदेन के बदले जल्द मिल सकता है छूट का तोहफा

व्यापारी एवम् उपभोक्ताओं को डिजिटल लेनदेन के बदले जल्द मिल सकता है खास छूट का तोहफा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार जल्द ही आपको डिजिटल लेनदेन के बदले मूल्य में खास छूट का तोहफा दे सकती है। इसके अलावा डिजिटल लेनदेन कराने वाले दुकानदारों को भी बदले में कैशबैक जैसा आकर्षक लाभ मिल सकता है। इस व्यवस्था को लागू करने के एक प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, राजस्व विभाग की तरफ से तैयार किए गए इस प्रस्ताव में डिजिटल तरीके से पेमेंट करने वाले उपभोक्ताओं को अधिकतम खरीद मूल्य यानी एमआरपी पर छूट का लाभ मिलेगा। ये छूट एक बार में अधिकतम 100 रुपये तक हो सकती है। दूसरी तरफ व्यापारी को भी उसके द्वारा डिजिटल तरीके से की गई बिक्री पर कैशबैक दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई चर्चा

सूत्रों के अनुसार, डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन लाभ देने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में चर्चा की गई थी, जहां व्यापारियों को डिजिटल लेन-देन का प्रोत्साहन लाभ देने के लिए तीन तरीकों पर विचार किया गया।

इसमें कैशबैक के बजाय व्यापारी को जीएसटी भरने के दौरान अपने टर्नओवर के हिसाब से टैक्स क्रेडिट देना का तरीका शामिल था। ये इनपुट टैक्स क्रेडिट सिस्टम की तरह काम करता, जिसमें व्यापारी रॉ मैटीरियल पर छूट हासिल करता है।

इसके अलावा व्यापारियों को डिजिटल लेनदेन के बदले अपनी जीएसटी देयता को एक सीमा तक समायोजित करने का मौका देने के तरीके पर भी विचार किया गया। सूत्रों का कहना है कि दूसरे तरीके को आजमाने पर राजस्व विभाग सहमत दिखा। उसका मानना है कि ये आसान तरीका होगा और बेईमान लोग इसका दुरुपयोग भी नहीं कर पाएंगे।

हालांकि सतर्कता के तौर पर इस तरीके में पहले विभाग व्यापारी की तरफ से दर्ज कराए गए डिजिटल लेनदेन के आंकड़े की पुष्टि करेगा और उसके बाद कैशबैक उसके बैंक खाते में जमा कराया जाएगा। बैठक के दौरान तीसरे तरीके के तौर पर ये डिजिटल लेनदेन के बदले प्रत्यक्ष कर में भी कोई प्रोत्साहन लाभ देने पर चर्चा की गई। लेकिन प्रत्यक्ष कर विभाग ने इसे खारिज कर दिया।

जीएसटी काउंसिल करेगी फैसला

डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए इस प्रस्ताव को अब वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी काउंसिल के सामने 4 मई को रखा जाएगा, जो इस पर निर्णय करेगी।

स्रोत-अमरउजाला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *