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आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा आर्थिक परिवर्तन ला रहा-विष्णु देव साय
हरितछत्तीसगढ़ विवेक तिवारी/संजय तिवारी
पत्थलगांव। आदर्श ग्राम कुमेकेला में ग्राम सुराज अभियान 14 अप्रैल से 5 मई तक चलने वाले कर्यक्रम के तहत 4 मई को आजीविका दिवस मनाया गाया। जिसके मुख्य अतिथि के तौर पर क्षेत्र के सांसद व केन्द्रीय राज्य इस्पात मंत्री विष्णु देव साय उपस्थित रहे। मॉ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। उन्होने इस दौरान कहा कि हमारी सरकार गरीब हिताय की सरकार है, मोदी सरकार में गरीबों के हित के लिये कई योजनाये लागु की गई है क्योंकि एक गरीब ही गरीब की स्थिति से भले भांति परिचित रहता है। कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास योजना से जुड़े समस्त क्रियाकलापों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

विदित हो कि ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा 2011 में आजीविका मिशन की शुरुआत की गई। इस योजना का उद्देश्य स्व सहायता समूहों एवं संघीय संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के लिये आवश्यक साधन जुटाने में सहयोग प्रदान करना है। विष्णुदेव साय ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय का उददेश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को देश की मुख्यधारा से जोड़ना और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये उनकी गरीबी दूर करना है। आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा सामाजिक आर्थिक परिवर्तन ला रहा है। सामुदायिक संस्थाओं के वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित करना और महिला सदस्य वाले परिवारों के आजीविका संसाधनों को मजबूत बनाना है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने जून, 2011 में आजीविका-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की शुरूआत की थी। आजीविका-एनआरएलएम का मुख्य उददेश्य गरीब ग्रामीणों को सक्षम और प्रभावशाली संस्थागत मंच प्रदान कर उनकी आजीविका में निरंतर वद्धि करना, वित्तीय सेवाओं तक उनकी बेहतर और सरल तरीके से पहुंच बनाना और उनकी पारिवारिक आय को बढ़ाना है। उन्होने बताया कि देश में 20 हजार से ज्यादा गांवों को अदर्श ग्राम में चयन किया गया है जिसमें रायगढ़ लोक सभाके अन्तर्गत 22 ग्राम पंचायत चयनित हैं जिसमें जशपुर जिले से कुमेकेला, खरसिया विकासखण्ड से 1 ग्राम पंचायत एवं सारंगण विकास खण्ड से 20 ग्रामपंचायत चयन किये गये हैं। जिसके लिये एक अधिकारी के साथ-साथ सांसदों को भी कार्य को सुचारु ढंग से चलाने हेतु जिम्मेदारी दी गई है। इस अवसर पर विभिन्न विभागों को ओर से स्टॉल लगाये गये थे।

संसदीय सचिव शिवशंकर साय पैंकरा ने महिला स्वयं सहायता समूहों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह और उनकी सरकार महिलाओं को राष्ट्र शक्ति के रूप में मानती है और निर्धन वर्ग की महिलाएं जो बेबस सी लगती हैं यदि यही महिलाएं आपसी समझ बूझ और सामूहिक एकताबद्ध होकर किसी भी कार्य का प्रण कर लें तो निश्चित रूप से कार्य पूर्ण करके ही दम लेंगी। उन्होंने महिलाओं की रचनात्मक शक्ति को नमन करते हुए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्य इस्पात मत्री विष्णु देव साय, संसदीय सचिव शिवशंकर साय पैंकरा, हरजीत भटिया, अनिल मित्तल, संजू लोहिया, सुनील अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, अजय बंसल, घनश्याम बेहरा, सुनील गर्ग, रवि परहा, रोशन प्रताप, चमर साय एक्का, अवधेश गुप्ता, राहुल अग्रवाल, रेणु विश्वास, पुष्पा सिदार, गायत्री बघेल समस्त विभाग के अधिकारी कर्मचारी  के साथ-साथ ग्रामीण उपस्थित रहे।

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