October 18, 2021
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अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए डीएलएड की डिग्री अनिवार्य

अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए डीएलएड की डिग्री अनिवार्य
हरितछत्तीसगढ़ विवेक तिवारी
पत्थलगांव। पत्थलगांव के शासकीय कन्या उच्चतर माध्मिक विद्यालय में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयीन शिक्षा संस्थान द्वारा 1 मई से 12 मई 2018 तक 100 अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्हे प्रशिक्षित शिक्षकों के द्वारा योग्यता प्रदान करने हेतु डी.एल.एड (डिप्लोमा इन इलिमेन्टरी एजुकेशन) प्रदान करना, कार्यशाला अधारित गतिविधियों का कार्यक्रम संचालित है।
पत्थलगांव में इस प्रशिक्षण हेतु 4 सेंटर बनाये गये हैं जिसमें हर सेंटर में 100 शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रह है। यह प्रशिक्षण 12 दिवसीय संचालित है प्रशिक्षण पश्चात 31 मई 1 व 2 जून परीक्षा आयोजित की जायेगी। अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए डीएलएड की डिग्री अनिवार्य हो गई है। वहीं बी एड डिग्रीधारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय में नियोजित हो सकते है। प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए बीएड की जगह डीएलएड डिप्लोमा इन एलीमेन्ट्री एजुकेशन की डिग्री अनिवार्य हो गयी है।
टीचर का काम कितनी जिम्मेदारी का होता है क्योंकि उनको एक बच्चे को पढ़ाना होता है, एक एक बच्चे को शिक्षा देनी होती है। एक प्राइमरी स्कूल के बच्चे को पढ़ाना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए सरकार ने प्राइमरी के बच्चों को पढ़ाने के लिए बहुत कोर्स बनाये है जिनको करने के बाद आप एक प्राइमरी टीचर बन सकते हैं। इन्ही कोर्सों में से एक कोर्स डी. एल. एड है। जब आप डी. एल. एड करेंगे तब उसमें आपको बच्चो को पढ़ाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। आपको सिखाया जाएगा कि बच्चो को कैसे पढ़ाना है, बच्चो को पढ़ाने का लेटेस्ट मैथेड क्या होता है, डी. एल. एड करने के बाद आप एक अध्यापक बन सकते हैं। केन्द्र संचालक अध्यक्ष केन्द्र प्रभारी के.के. इन्दवार, समन्वयक एस.बी. पातर, एवं प्रशिक्षक व्याख्याता दरश राम कुर्रे, करमुराम प्रधान, कु. सविता लकड़ा द्वारा किया जा रहा है।

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