October 20, 2021
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11 मई को शिक्षा कर्मियो का महापंचायत,,शामिल होंगे शिक्षा कर्मी

11 मई को शिक्षा कर्मियो का महापंचायत,,शामिल होंगे जिले के शिक्षा कर्मी

*जिले के पांचो विकास खंडो मे महापंचायत की चल रही तैयारी*

बालोद–शिक्षक पंचायत न नि मोर्चा बालोद के जिला संचालक दिलीप साहू एवं जिला सहसंचालक रघुनंदन गंगबोईर ने जिले के समस्त शिक्षक पंचायत संवर्ग से आह्वान किया है कि आगामी 11 मई को शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के बैनर तले राजधानी रायपुर में प्रान्त स्तरीय महापंचायत में अपनी उपस्थिति प्रदान कर मिशन संविलियन के लिए अपनी आवाज बुलंद करें। लगभग 20-22 वर्षों से शिक्षाकर्मी अपनी एक ही मांग शिक्षा विभाग में संविलियन के लिए संघर्ष कर रहे है।
शासन ने शिक्षाकर्मियों की मांगों के निराकरण के लिए हाई पॉवर कमेटी बनाई जिसका कार्यकाल 3 महीने का रखा गया।परंतु आज 5 माह बीत जाने के बाद भी शासन के द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई है।जिससे प्रदेश के शिक्षा कर्मियो मे खासी नाराजगी है।कही राजस्थान मॉडल का अध्ययन करने तो कभी मध्यप्रदेश जाने की बात कमेटी कर रही है।शिक्षा कर्मियो ने इसे केवल समय बिताने का बहाना बताया है। कमेटी के साथ सभी संघो की दो दौर की बातचीत पर भी अब तक कोई समाधान नही हो पाने से पूरे प्रदेश के शिक्षा कर्मी आक्रोशित है। ।राजस्थान और मध्यप्रदेश की शिक्षाकर्मियों के संविलियन के मॉडल के अवलोकन के नाम पर समय व्यतीत कर छलावा कर रही है।जो कि शिक्षाकर्मियों को स्वीकार नही है ।और इसीलिए एक बार फिर निर्णायक लड़ाई के लिए राजधानी रायपुर में प्रान्तस्तरीय महापंचायत में आगे की रणनीति पर मंथन के लिए एकजुट होने की रणनीति बनाई जा रही है जिसमे सर्वसम्मत निर्णय लेकर आगे संघर्ष जारी रखा जाएगा।

शासन और नेतृत्व संविलियन पर निर्णय लेने में लाचार नजर आ रहे है जो कि छत्तीसगढ़ के विकास और शिक्षा के भविष्य के लिए बहुत ही दुर्भाग्य की बात है।जहाँ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने संविलियन की घोषणा कर सालों की लंबित मांग पर निर्णय लिया वहीं छत्तीसगढ़ सरकार अब तक सिर्फ कमेटी बना कर अपनी खानापूर्ति कर रही है।

शिक्षाकर्मी शासन की उदासीन और असंवेदनशील व्यवहार के कारण आक्रोशित है।अभी तक लगातार दो वर्ष से महंगाई भत्ते से वंचित रखा गया है। वर्षों से दिवंगत शिक्षाकर्मी के परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल पाई है। खुली स्थानांतरण नीति पर कोई निर्णय नही हो पाया है।महीनों वेतन भुगतान नहीं किया जाता है।पदोन्नति की समस्या जस की तस है।हजारो प्रधान पाठकों के पद रिक्त पड़े है। और आये दिन नए नए तुगलकी फरमान शासन जारी कर शिक्षाकर्मियों को परेशान किया जाता रहा है।
पिछले दिनों आंदोलन को कुचलने के लिए जिस तरह संघ के प्रतिनिधियों को आधी रात को घर से गिरफ्तार कर थानों में अपराधियों की तरह बैठाया गया। बसों से जबरदस्ती उतारा गयाव रायपुर और प्रदेश के हर ब्लॉक,और जिलों में शिक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर जेलों में रखा गया,आंदोलन के लिए जगह न देकर धारा144 लगाया गया।शौचालयों में ताले जड़े गए।और मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना किया गया इससे भी शिक्षाकर्मियों में भारी रोष व्याप्त है।
11 मई के महापंचायत के लिए जिले के पांचो विकास खंडो मे ब्लाक संचालको के मार्गदर्शन मे तैयारी की जा रही है।पांचो विकास खंडो से हजारो शिक्षा कर्मी महापंचायत मे शामिल होगे।जिला मोर्चा ने जिले के सभी शिक्षा कर्मियो को उपस्थित होने की अपील की है।

जिले के सभी विकास खंडो मे महापंचायत की तैयारी चल रही है ।जिले से सभी शिक्षा कर्मियो उपस्थित होने अपील की गई है ।शिक्षा कर्मियो का शासन के प्रति आक्रोश बढता जा रहा है ।महापंचायत मे सर्वसम्मत आगे की रणनीति तय की जाएगी ।
–दिलीप साहू,जिला संचालक बालोद–

प्रांतीय मोर्चा के आह्वान पर 11 मई को राजधानी मे महापंचायत है।संविलियन पर निर्णय लेने मे शासन के द्वारा किए जा रहे विलंब व कमेटी के द्वारा भी हो रहे विलंब से नाराज शिक्षा कर्मी महापंचायत मे आगे की रणनीति तय करेगे।
–प्रदीप साहू,प्रांतीय सहसंचालक–

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