September 17, 2021
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छग अब निगम मंडल अध्यक्ष पर गिरेगी गाज अमित शाह ने मंगाई रिपोर्ट कार्ड

हरित छत्तीसगढ़ रायपुर //अब भाजपा निगम और मंडल अध्यक्षों का परर्फोमेंस चेक करने जा रही है सभी का रिर्पोट कार्ड व गोपनीय रिर्पोट भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पास पहुंच गया है माना जा रहा है कि परर्फोंमेंस की पटरी से उतरे निगम और मंडल अध्यक्षों छुट्टी लगभग तय है। वहीं कई ऐसे भी नेता है जो जोड़-तोड़ करके निगम-मंडल में काबिज होकर निगम की हालात को बदतर किए हुए है। गौरतलब हो कि कई मतर्बा संगठन द्वारा समझाइस दिए जाने के बाद भी कई निगम अध्यक्ष के परर्फोंमेंस मे सुधार नही आ रहा था अब उनका परर्फोमेंस रिर्पोट संगठन के मध्य पेश होने के बाद कई निगम और मंडल अध्यक्ष सकते में हैं। वहीं गौसेवा आयोग में सदस्यों पर पैसा वसूलने के आरोप लगते ही संगठन ने गौ सेवा आयोग की भी रिर्पोट कार्ड मंगाने के साथ ही सभी पदाधिकारियों की नियुक्ति की रिपोर्ट भी तलब की है। देखा जाए तो छत्तीसगढ़ मे 150 से ज्यादा नेताओं को निगम-मंडल और आयोग में जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश संगठन को शाह की ओर से रिपोर्ट कार्ड का एक फार्मेट सौंपा गया था इसमें भाजपा नेताओं की नियुक्ति का आधार, नियुक्ति के बाद प्रदर्शन, जिम्मेदारी पूरा करने की क्षमता और संगठन के लिए उपयोगिता के बारे में पूछा गया है। इस गोपनीय रिपोर्ट को तैयार करने का जिम्मा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक और संगठन महामंत्री पवन साय को देने के साथ ही इन दोनों नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी कि वे केंद्रीय संगठन, संघ और सरकार की हिदायतों को भी छग के नेताओं को दे दें, ताकि पार्टी के चाल, चेहरा और चरित्र पर कोई आंच न आएं।
वर्तमान परिदृश्य में कई निगमों के हालात इतने बदतर हैं कि अब उन्हें बंद करने के अतिरिक्त और कोई चारा सरकार के पास नहीं है। सर्वप्रथम निगम-मंडलों की पंरपरा प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने सरकारी योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए की थी। मंशा यह थी कि अर्धसरकारी उपक्रमों के जरिए जनता को योजनाओं का प्रभावी लाभ दिलाया जा सके, लेकिन वर्तमान में इसका ढर्रा ही बदल गया। राजनीतिक रसूख के चलते निगम-मंडल की साख पर बट्टा लग गया। इसके चलते ही निगम-मंडल बदहाल स्थिति में पहुंच गए हैं।

 

 

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