October 22, 2021
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जोगी के जाति मामले में कलक्टर ने नहीं की कार्रवाई तो ST कमीशन हुआ सख्त

अजीत जोगी के जाति मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने खुद ही इस प्रकरण की जांच करने का फैसला किया है।

रायपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के जाति मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने खुद ही इस प्रकरण की जांच करने का फैसला किया है। कमीशन ने बिलासपुर कलक्टर पी. दयानंद को नोटिस जारी कर पांच दिन के भीतर दिल्ली तलब किया है। नोटिस में यह भी लिखा गया है कि वे तय समय के भीतर पेश नहीं होंगे तो उनके खिलाफ समंस जारी किया जाएगा।

 वहीं, भारत के संविधान के अनुच्छेद 388 के खण्ड (8) के तहत उसे प्रदत्त दीवानी अदालत की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है तथा व्यक्तिगत रुप से तथा प्रतिनिधि के माध्यम से आयोग के समक्ष उपस्थित होने पर समन जारी किया जा सकता है। कमीशन ने शिकायतकर्ता संतकुमार के आवेदन का हवाला दिया है, जिसमें नेताम ने शिकायत की थी कि छानबीन कमेटी द्वारा जोगी की जाति निरस्त करने के बाद भी कलक्टर उस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। आदिवासी नेता संत कुमार नेताम राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को पत्र लिखकर बिलासपुर कलक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के प्रमाण पत्र की जांच रिपोर्ट मिलने के दो हफ्ते बाद भी कलक्टर बिलासपुर द्वारा जानबूझकर उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री को बचाने में जो लगे उन पर भी नजर रखी जा रही : साय

अनुसूचित जनजाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंद कुमार साय ने छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को बचाने के लिए जो लोग लगे हैं, उन सभी पर नजर रखी जा रही है। जोगी के जाति प्रकरण को निरस्त कर दिया गया है, इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। इसमें प्रशासनिक अफसर और नेता भी लगे हैं। इस मामले में हीलाहलावा करके जनजातियों को आहत किया जा रहा है। एक अधिकारी की लापरवाही से जोगी को लाभ मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में कार्रवाई के लिए कलक्टर विलंब क्यों कर रहे हैं? साय ने बिना किसी के नाम लिए भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अफसरों द्वारा जोगी को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होने कहा कि अफसर जोगी को मौका दे रहे है कि उन्हें कोर्ट से स्टे मिल जाए।

मंत्री चंद्राकर बोले- बचाने का प्रश्न नहीं, लेंगे जानकारी

प्रभारी मंत्री अजय चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि रमन सरकार ने ही जोगी की जाति प्रकरण की जांच कराई। यही सरकार कार्रवाई भी करा रही है। किसी प्रकार की चूक न हो जाए और चूक होने से फिर से आरोपियों को अवसर न मिल जाए, इसलिए सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। इस मामले में कार्रवाई होगी, बचाने का प्रश्न ही नहीं है। चंद्राकर से पूछा गया कि साय प्रशासनिक अफसर और भाजपा नेताओं के द्वारा जोगी को बचाने का आरोप लगा रहे हैं, इस मामले में चंद्राकर ने किसी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनसे पूछा गया 21 दिन बाद भी कलक्टर जोगी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा इसकी जानकारी कलक्टर से ली जाएगी।

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