September 24, 2021
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अमित जोगी पर केस दर्ज, जाति मामले में हाई पावर कमेटी ने कराया

 

हरित छत्तीसगढ़ रायपुर।जाति के मामले में जोगी परिवार की मुश्किलें घटने का नाम नही ले रही है अजीत जोगी केे बाद अब उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने उनके बेटे मरवाही विधायक अमित जोगी के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया है। अब अमित जोगी को नोटिश काटने की तैयारी की जा रही है। विदित हो कि अमित अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित मरवाही विधानसभा सीट से विधायक हैं। गौरतलब है कि नंदकुमार साय ने एक याचिका दायर की थी कि अजीत जोगी आदिवासी नहीं हैं तो उनके पुत्र अमित जोगी भी गैर आदिवासी हैं। मरवाही विधानसभा सीट आदिवासी के लिए आरक्षित है। इस कारण से उच्चस्तरीय जाति छानबीन समिति अमित जोगी का भी जाति प्रमाणपत्र निरस्त किये जाने की मांग की गई थी।
वही इससे पूर्व में भी राज्य निर्वाचन आयोग ने अमित जोगी की विधायकी रद्द करने की मांग पर भारत निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा था। बताया जा रहा है कि हाईपावर कमेटी ने बिलासपुर कलेक्टर के प्रतिवेदन पर केस दर्ज किया है। मामले में अमित को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। ज्ञात हो कि अजीत जोगी के मामले में हाईपावर कमेटी के निर्णय पर हाईकोर्ट ने स्टे नहीं दिया। गौरतलब हो कि इससे पूर्व में मरवाही विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी के जाति प्रमाणपत्र को निरस्त करने और उनकी विधायकी को समाप्त करने के लिए दायर की गई याचिका पर छत्तीसगढ़ में बिलासपुर उच्च न्यायालय ने सुनवाई की। याचिका में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का भी उल्लेख है। लिखा गया है कि अजीत जोगी कंवर आदिवासी नहीं हैं यह बात जाति छानबीन समिति ने पहले ही स्पष्ट कर दी और उनके जाति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया।ऐसे में अमित जोगी का जाति प्रमाणपत्र भी निरस्त किया जाना चाहिए। बता दें कि जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था तब से ही अजीत जोगी के आदिवासी जाति से होने पर सवाल खड़े होते रहे हैं। उनके राजनीतिक दुश्मनों ने इस मामले की याचिका कोर्ट में दाखिल की जिसमे कहा गया कि जोगी का परिवार बिना एसटी कोटे में आए हुए इसका लाभ ले रहा है। कोर्ट में इस मामले को लेकर दो अलग-अलग याचिका दाखिल होने के बाद उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी की विधायकी भी खतरे में पड़ सकती है। छत्तीसगढ़ गठन के बाद कांग्रेस सरकार ने अजीत जोगी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया था। इसके बाद से ही बीजेपी जोगी की जाति को लेकर उनपर सवाल उठाती रही है।हालांकि एक साल पहले अजीत जोगी कांग्रेस से अलग हो गए थे और उन्होंने अपनी नई पार्टी बना ली। पिछले दो सालों से अजीत जोगी की जाती को लेकर सुनवाई चल रही थी। कमेटी द्वारा जारी किए गए इस निर्देश पर अमित जोगी  ने कहा कि कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन्स को फॉलो नहीं किया है क्योंकि यह कमेटी सरकार द्वारा बनाई गई है।

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