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जिस नगर पंचायत में इंजीनियर के खिलाफ कई जांच चल रहे वही फिर से पदस्थापना उठा रहे कई सवाल


हरितछत्तीसगढ़ सजंय तिवारी पत्थलगांव।।
भ्रस्टाचार ने पत्थलगांव नगरपँचायत को किस कदर अपने आगोश में ले लिया है इसका ताजा उदाहण नगरपँचायत के इंजीनयर दीपक अग्रवाल का दुबारा पत्थलगांव नगरपंचायत की इंजीनियर की कुर्शी सम्हालना है।
ज्ञात हो कि इंजीनियर दीपक अग्रवाल बीते वर्ष नगरपँचायत पत्थलगांव में इंजीनियर के पद पर थे इस दौरान इस इंजीनियर पर निर्माण कार्यों में भ्रस्टाचार के अनेको आरोप भी लगे जिसमे मुख्य रूप से पत्थलगांव के वार्ड क्रमांक 7 में 41 शौचालय निर्माण और निरस्त शौचालय पर गलत तरीके से राशि निकालने के आरोप भी लगे थे जिसकी जांच होने पर आरोप सही पाया गया था और जिला कलेक्टर प्रियंका सुक्ला ने इंजीनिय की दो बेतन मान रोकने सहित अन्यत्र जगह ट्रांफर की कार्यवाही की थी।ज्ञात हो कि इंजीनियर दीपक अग्रवाल के खिलाफ नगरपंचायत प्रतिनिधि मंडल ने भी cm के नाम ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग की थी।अब ऐसे भ्रस्टाचार के आरोपी इंजीनियर का दुबारा पत्थलगांव नगरपंचायत में आ कर कार्य करना किसी के भी समझ से परे है ।इंजीनियर दीपक अग्रवाल के कार्यशैली एवं लोगों के प्रति व्यवहार सहीं नहीं होने के कारण प्रधानमंत्री जी के पास भी इंजीनियर की शिकायत की गई थी जिस पर भी इंजीनियर पर कार्यवाही हुवा था।लोगो का मानना है कि इंजीनियर दीपक अग्रवाल के कार्यकाल में कई भ्रस्टाचार को इंजीनियर के द्वारा अंजाम दिए गए थे जिसमें नगर के कुछ ठेकेदार भी शामिल थे इंजीनियर दीपक अग्रवाल के समय मे हुवे कई कामो को सही नहीं पाते हुवे उन निर्माण कार्यो का बिल रोक दिया गया था जिसे पाने ठेकेदार परेसान थे लोगो का मानना यह है कि उन भ्रस्टाचार पर परदा डालने और उन भ्रस्टाचार के शिकार हुवे निर्माण कार्यों का बिल पास कराने के लिए ऊंची पहुंच लगा कर दुबारा ऐसे भ्रस्टाचारी इंजीनियर को बुलाया गया है।नगर के कुछ जिम्मेदार नागरिकों का कहना है कि हम कलेक्टर महोदया से मिलकर ज्ञापन सौपेंगे की ऐसे इंजीनियर जिस पर भ्रस्टाचार सावित हुवे है कार्यमुक्त की कार्यवाही की जाए।विदित हो कि जिस नगर पंचायत में इंजीनियर के खिलाफ कई भरस्टाचार सम्बन्धी जांच चल रहे हो उसी कार्यालय में फिर से उसी विवादित इंजीनियर का पदस्थापना जांच को प्रभावित कर सकता है।

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