Sharing is caring!

इंडिया इंटरनेशनल स्कूल के संचालकगणों पर होगी एफआईआर दर्ज?


राजनांदगांव। शिक्षा का अधिकार कानून वर्ष 2010 से प्रदेश में प्रभावशाली है, लेकिन इसका असर वीवीआईपी जिला राजनांदगांव में देखने को नही मिल रहा है। जिले में लगभग 50 से अधिक अवैध निजी स्कूलों का संचालन बिना रोक-टोक के हो रहा है जिसमें से लगभग 10 स्कूलें तो राजनांदगांव शहर में ही संचालित हो रही है।
हर गली-मोहल्ला में छोटे-छोटे कमरों में स्कूलों का संचालन कर पालकों को लुटने वालों पर जिला शिक्षा विभाग मेरहबान है, क्योंकि ऐसे स्कूलों को शिक्षा का अधिकार कानून की धारा 18 व 19 के तहत 31 मार्च 2013 तक बंद कर दिया जाना चाहिये था लेकिन वे सभी जिला शिक्षा अधिकारी की मेहरबानी से चल रहे है।
इंडिया इंटरनेशनल स्कूल जो शिक्षा विभाग से महज 200 किलोमीटर की दूरी में बिना विभागीय मान्यता के संचालित हो रहा है। अब इस स्कूल की कलेक्टर से शिकायत हुई है तो शिक्षा विभाग अवैध या बिना मान्यता की स्कूलों को बंद करवाने के संबंध में नोडल अधिकारियों को तत्काल पत्र लिखने का बहाना बनाकर अपना पल्लड़ा झाड़ना चाहता है।
जिले मे अगर मान व मानको को और मान्यता की शर्तो का उल्लघंन कर कोई निजी स्कूल संचालित हो रहा है तो इसके लिये सीधे जिला शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होता है। दूसरे जिलों में अवैध व जो स्कूल मान व मानकों को पूर्ण नहीं कर रहे है उनको बंद कर दिया जा रहा है, लेकिन वीवीआईपी जिला राजनांदगांव में विगत कुछ वर्षो से ऐसे स्कूलों को सिर्फ प्रतिवर्ष नोटिस भेज कर पुनः मान्यता नवनीकरण कर दिया जा रहा है जो शिक्षा का अधिकार कानून का स्पष्ट रूप से उल्लघंन है।
राजनांदगांव शहर में 10 से अधिक निजी स्कूलों का नाम आरटीई वेब पोर्टल में नहीं दिख रहा है। इनमें से कई स्कूल तो नामचिन लोगों के द्वारा संचालित किया जा रहा है। पालकों को दिग्भ्रमित कर बच्चों के जीवन व भविष्य के साथ खिलवाड़ कर बिना विभागीय मान्यता लिये संचालित निजी स्कूलों पर तत्काल कार्यवाही किया जाना चाहिये।
*वर्सन…..*
निजी स्कूलों को स्कूल संचालन करने से पूर्व मान्यता लेना चाहिए, यह स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। हम नोडल अधिकारियों को पत्र लिखकर ऐसे स्कूलों की जानकारी मांग रहे है, जो उनके नोडल क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित हो रही है।
*एसके भारतद्वाज, जिला शिक्षा, अधिकारी, राजनांदगांव*
*वर्सन…..*
मैं अवैध निजी स्कूलों की शिकायत विगत तीन वर्षो से कर रहा हूं, लेकिन जिले मे आज तक एक भी अवैध निजी स्कूलों को बंद नहीं किया गया जो शिक्षा का अधिकार कानून का उल्लघंन है। पालकहित में बिना मान्यता के स्कूलों को तत्काल बंद किया जाना चाहिये।
*क्रिष्टोफर पॉल, प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन*
———————–

Sharing is caring!