August 3, 2021
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बस्तर हाई स्कूल में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस,,शिक्षक वह दिया है जो स्वम जलकर औरो को प्रकाश देता है…….सांसद

हरित छत्तीसगढ़ जगदलपुर 

गुरु-शिष्य परंपरा भारत की संस्कृति का एक अहम और पवित्र हिस्सा है। जीवन में माता-पिता का स्थान कभी कोई नहीं ले सकता, क्योंकि वे ही हमें इस रंगीन खूबसूरत दुनिया में लाते हैं। कहा जाता है कि जीवन के सबसे पहले गुरु हमारे माता-पिता होते हैं। भारत में प्राचीन समय से ही गुरु व शिक्षक परंपरा चली आ रही है, लेकिन जीने का असली सलीका हमें शिक्षक ही सिखाते हैं। सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। आज भी यह उक्ति सारगर्भित हैं, कि शिक्षक वह मोमबत्ती अथवा दीया हैं जों स्वयं जलकर औरों को प्रकाश देते हैं. दुनिया से पूरी तरह नासमझ बालक को जीवन में सही राह दिखाने का कार्य गुरु ही करता हैं यह बातें आज स्थानीय बस्तर हाई स्कूल में आयोजित शिक्षक दिवस में बस्तर सांसद श्री दिनेश कश्यप ने शिक्षकों एवं विद्यर्थियों को कही
कार्यक्रम को जगदलपुर विधायक एवं पर्यटन मंडल के अध्य्क्ष ने बताया कि शिक्षक वास्तव में शिक्षा और विद्यार्थियों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक सिर्फ ज्ञानी ही नहीं, उचित दृष्टि वाले और अनुभवी व्यक्ति होते हैं। शिक्षकों का काम सभी पेशेवर काम से ज्यादा जिम्मेदारी वाला होता है पूर्व जिला पंचायत अध्य्क्ष श्री लछु राम कश्यप ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी के बारे में प्रकाश डाल कर बताया कि प्रतिवर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म-दिवस के अवसर पर शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए भारतभर में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है। ‘गुरु’ का हर किसी के जीवन में बहुत महत्व होता है। समाज में भी उनका अपना एक विशिष्ट स्थान होता है। सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षा में बहुत विश्वास रखते थे। वे एक महान दार्शनिक और शिक्षक थे। उन्हें अध्यापन से गहरा प्रेम था। एक आदर्श शिक्षक के सभी गुण उनमें विद्यमान थे। इस दिन समस्त देश में भारत सरकार द्वारा श्रेष्ठ शिक्षकों को पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है।
कमिश्नर बस्तर संभाग श्री दिलीप वासनीकर कर बताया कि शिक्षक की विद्यार्थियों, समाज और देश की शिक्षा में बहुत सारी महत्वपूर्ण भूमिकाएं हैं। लोग, समाज और देश का विकास एवं वृद्धि शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करता है, जो केवल अच्छे शिक्षक के द्वारा दी जाती है। देश में राजनेताओं, डॉक्टरों, इंजीनियरों, व्यापारियों, किसानों, कलाकारों, वैज्ञानिकों, आदि की जरूरत को पूरा करने के लिए अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा बहुत आवश्यक है। समाज के लिए आवश्यक ज्ञान के लिए शिक्षक किताबों, लेखों, आदि के माध्यम से प्राप्त करने के लिए निरंतर कठिन परिश्रम करते हैं। वे अपने विद्यार्थियों को हमेशा दिशा-निर्देशित करते हैं और उन्हें अच्छे भविष्य के लिए रास्ता बताते हैं
इस अवसर पर कलेक्टर बस्तर श्री धनंजय देवांगन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेन्द्र झा, प्राचार्य बस्तर हाई स्कूल श्रीमती सुष्मा झा, सहित स्कूल के स्टाफ एवं छात्र – छात्रएं मौजूद थे

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