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रायपुर।

देशभर में अप्रैल में ही लागू हो चुके ई-वे बिल अगले महीने एक जून से प्रदेश भी लागू होने वाला है। अब इसमें पंजीयन के लिए आखिरी दस दिन शेष हैं। हालांकि अब तक प्रदेश के 15 हजार से भी अधिक कारोबारियों ने पंजीयन करा लिया है। बताया जा रहा है कि इन दिनों व्यावसायियों में एफएमसीजी के साथ ही डेमो गाड़ी में ई-वे बिल की व्यवस्था को लेकर संशय बना हुआ है। जिसके संबंध में पिछले दिनों कैट ने जीएसटी आयुक्त से मुलाकात भी की थी। अब ई-वे बिल के संबंध में कारोबारियों को जागरुक करने विभाद द्वारा भी कार्यशालाएं लगाई जा रही है। विभाग का कहना है कि ई-वे बिल काफी फायदेमंद ही रहेगा। ई-वे बिल के लिए ही सॉफ्टवेयर पूरी तरह से अपडेट कर लिए गए है। इसके आने से अब गलत धंधे पूरी तरह से रुक जाएंगे क्योंकि इसमें पैनाल्टी कर की 100 फीसदी रहेगी। बताया जा रहा है कि ई-वे बिल पूरी तरह से डिजिटल डॉक्यूमेंट है। इसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां नेटवर्क की उपलब्धता नहीं रहती। वहां परेशानी भी आ रही है। ई-वे बिल 50 हजार से कम के माल पर आवश्यक नहीं है।

चेम्बर में आज कार्यशाला

ई-वे बिल में मंगलवार दोपहर तीन बजे बांबे मार्केट स्थित व्यापार उद्योग भवन में कार्यशाला आयोजित है। चेम्बर अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा ने बताया कि इसमें ई-वे बिल की सभी बारीकियों को विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया जाएगा।

ऐसे समझें ई-वे बिल

– ई-वे बिल ऐसा डिजिटल डॉक्यूमेंट है जो यूनिक नंबर है। यह कम्प्युटर में ईवे बिल पोर्टल के जरिए या मोबाइल एप में एसएमएस के जरिए गुड्स के मुवमेंट के लिए जारी करना होगा। छत्तीसगढ़ में अभी 31 मई तक ई-वे बिल में छूट है।

– ई-वे बिल 50000 रुपए से कम के माल पर आवश्यक नहीं है, लेकिन यह हैंडी क्राफ्ट गुड्स या जॉब वर्क के लिए माल दूसरे राज्य में भेजेंगे तो अनिवार्य है।

– ई-वे बिल जारी करते समय कुछ गलत जानकारी डाल दी गई तो इसे बदल नहीं सकते, लेकिन जारी करने के 24 घंटे पहले इसे केंसल जरूर कर सकते है।

– ई-वे बिल 100 किमी की दूरी तक 24 घंटे के लिए वैलिड है। अतिरिक्त 24 घंटे के लिए ईवे बिल अलग रहेगा।

– ई-वे बिल 50 किमी के दायरे के लिए आवश्यक नहीं है, यह अफवाह है। एक स्थान से दूसरे स्थान अगर बाइक में बी माल भेजा जाता है, जिसकी कीमत 50 हजार से अधिक है तो उसमे ई-वे बिल लगेगा।

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