July 26, 2021
Breaking News

धमतरी जिपं सीईओ IAS जगदीश सोनकर के खिलाफ अपराध दर्ज

हरित छत्तीसगढ़
अंबिकापुर.बेड में जुटे रखकर मरीजो से हालचाल पूछकर सुर्खियों में आये आईएएस अधिकारी एक बार फिर सुर्खियों में है आईएएस जगदीश सोनकर के खिलाफ बलरामपुर जिले के रामानुजगंज कोर्ट ने विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। रामानुजगंज कोर्ट में अतिक्रमण हटाने के दौरान जगदीश सोनकर के खिलाफ गलत कार्रवाई और अपराधिक नियत से घर में घुसने व धमकी देने का आरोप लगाते हुए परिवाद पेश किया गया था। जिसमे आईएएस जगदीश सोनकर के ख़िलाफ़ रामानुजगंज कोर्ट ने विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है। विदित हो कि एक दिन पूर्व ही जगदीश सोनकर को धमतरी जिपं CEO बनाया गया है। रामानुजगंज कोर्ट में अतिक्रमण के दौरान आईएएस जगदीश सोनकर के ख़िलाफ़ ग़लत कार्यवाही और अपराधिक नियत से घर में घुसने, धमकी…. देने का आरोप लगाते हुए परिवाद पेश किया गया था। अदालत ने परिवाद की सुनवाई के दौरान यह पाया कि प्रकरण में अपराध होना प्रमाणित है। रामानुजगंज के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लीलाधर यादव ने प्रकरण में आईएएस जगदीश सोनकर के खिलाफ धारा 427, 448, 506 बी, 166, 167 व 190 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। परिवाद रामानुजगंज के व्यवसायी प्रेमनाथ केशरी ने नवंबर 2016 में पेश किया था। इसमें नगर पंचायत द्वारा स्वीकृत चौड़ाई के मार्ग से अतिरिक्त सड़क बनाना प्रस्तावित था।
यह पहला मौका नहीं है कि जब आईएएस जगदीश सोनकर विवादों में आए हैं। इससे पहले भी आईएएस जगदीश सोनकर अपने व्यवहार और कारनामों को लेकर विवादों में आ चुके हैं। जगदीश सोनकर उस वक्त पहली बार विवादों में आए जब वे रामानुजगंज के एसडीएम पद पर तैनात थे। वे रामानुजगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती एक महिला मरीज के बेड पर जूता टिकाकर उसका हालचाल पूछ रहे थे। उनकी यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। उनके इस फोटो को लेकर इस कदर विवाद हुआ कि इस मामले में मुख्यमंत्री रमन सिंह को दखल देना पड़ा। उस वक्त मुख्यमंत्री ने नसीहत दी कि अधिकारियों का एक प्रोटोकॉल होता है जिसका उन्हें पालन करना चाहिए।
वही अतिक्रमण के अभियान के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में परिवादी के घर का गेट व अहाता तोड़ दिए जाने के मामले में पेश हुए परिवाद में तात्कालीन एसडीएम जगदीश सोनकर पर यह आरोप भी लगाया गया था कि कार्रवाई के दौरान उन्होंने महिलाओं से दुव्र्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी। परिवाद में दावा किया गया है कि जो तोडफ़ोड़ की गई है वो अतिक्रमण के दायरे में नहीं आती। प्रकरण की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *