Sharing is caring!

सावधान! अब नहीं चलेगा कच्चे में काम, ई-वे बिल आज से, नहीं चलेगा कच्चे में काम

Image result for ई-वे बिलशुक्रवार एक जून से छत्तीसगढ़ में ई-वे बिल लागू हो रहा है।प्रदेश के अधिकारियो का कहना है की अब  कच्चे में काम करना संभव नहीं होगा। अगर नहीं मानेंगे तो उन्हें भारी पेनाल्टी देनी पड़ सकती है। सूत्रों का कहना है कि अभी भी केवल 10 फीसदी काम ही पक्के में हो रहा है तथा 90 फीसदी काम कच्चे में ही हो रहा है।इसमें पेनाल्टी कर की 100 फीसदी रहेगी। बताया जा रहा है कि ई-वे बिल पूरी तरह से डिजिटल डॉक्यूमेंट है। सबसे खास बात यह है कि प्रदेश में ई-वे बिल 50 हजार से कम के माल पर आवश्यक नहीं है। ईवे बिल के अनुसार 10 किमी की दूरी पर चेक का प्रावधान है, इसलिए जब राज्यों के अंदर यह लागू हो जाएगा तो ब्लैक में पूरी तरह से लगाम लग जाएगी।कर विशेषज्ञों से मिली जानकारी के अनुसार नए किए गए बदलावों में प्रमुख रूप से यह है कि अब 20 लाख से कम के सप्लायर के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं है। इसके तहत अब ई-कॉमर्स प्लेटफार्म से सामान बेचने का टर्नओवर 20 लाख तक है तो रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा।इसके साथ ही अनरजिस्टर्ड से सेवा या माल लेने पर रिवर्स चार्ज में कर देने से मुक्ति मिल गई है। यह राहत 31 मार्च तक दी गई है। साथ ही स्माल सर्विस प्रोवाइडर जिनका सालाना टर्नओवर 20 लाख से कम है और जो राज्य के बाहर सेवा कर रहे है। उन्हें पंजीयन कराने से छूट दी गई है।

1 जून से राज्य के अंदर सप्लाई पर भी लगेगा ईवे बिल

ईवे बिल भले ही 1 फरवरी से केवल राज्यों के लिए लागू हो रहा है, लेकिन 1 जून से इसे राज्य के अंदर भी सप्लाई देने वाले ट्रांसपोर्टर और ट्रेडर के लिए लागू हो जाएगा।

क्या है ईवे बिल

ईवे बिल सभी पर लागू होगा। यह एक तरह का नंबर होता है, 50 हजार से ऊपर के माल पर देना होगा। अगर इसे उपयोग में नहीं लाया गया तो भारी पेनाल्टी देनी पड़ सकती है।

ईवे बिल से गलत कामों पर लगेगी लगाम

ईवे बिल लागू होने के बाद कच्चे में काम करना बंद हो जाएगा। कारोबारी इसके बाद भी नहीं सुधरे तो उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। साथ ही अभी 20 लाख से कम के सप्लायर के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं है। इसके साथ ही जीएसटी में और भी कई फायदेमंद बदलाव है।

 

Sharing is caring!