September 17, 2021
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रेल मंत्री ने मानव रहित लेवल क्रसिंग और ट्रेनों के पटरी से उतरने की समस्या को दूर करने के लिए पांच तात्कालिक उपाय करने के निर्देश दिये

हरित छत्तीसगढ़

‘‘रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने ट्रेनों के संचालन में संरक्षा के मुद्दे पर रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की‘‘
‘‘बैठक में संरक्षा की विस्तृत समीक्षा की गई‘‘
‘‘रेल मंत्री ने संरक्षा को सर्वाेच्य प्राथमिकता देने पर जोर दिया‘‘
‘‘रेल मंत्री ने मानव रहित लेवल क्रसिंग और ट्रेनों के पटरी से उतरने की समस्या को दूर करने के लिए पांच तात्कालिक उपाय करने के निर्देश दिये‘‘
‘‘मानव रहित लेवल क्रसिंग को समाप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर तेजी से काम किया जाएं। इसके लिए एक साल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि पहले यह लक्ष्य तीन वर्षों का था‘‘
रेल और कोयला मंत्री श्री पीयूष गोयल ने ट्रेनों के संचालन में संरक्षा उपायों की विस्तृत समीक्षा करने के लिए दिनांक 07 सितंबर, 2017 को रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों और रेलवे बोर्ड संरक्षा निदेशालय के सदस्यों के साथ विस्तार से बैठक की। बैठक में संरक्षा के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बैठक में हाल ही में हुई अनेक ट्रेन दुर्घटनाओं के कारणों के बारे में बारीकी से विश्लेषण किया गया। बैठक में रेल मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि संरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और इस मोर्चे पर किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
दुर्घटना के जिन दो कारणों की प्रमुख रूप से पहचान की गई वे हैंः
मानव रहित लेवल क्रसिंग पर 2016-17 में 34 प्रतिशत दुर्घटनाएं हुई है।
पटरियों में खराबी के कारण ट्रेन का पटरी से उतरना।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ट्रेनों के पटरी से उतरने के कारणों की पहचान की जाए, जो ट्रेन दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। रेल मंत्री ने ट्रेनों के संचालन में संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे बोर्ड को निम्नलिखित निर्देश दिए:-
आज से एक वर्ष के भीतर समूचे भारतीय रेलवे नेटवर्क पर सभी मानव रहित लेवल क्रसिंग को तेजी से हटा दिया जाए। पहले इसका लक्ष्य तीन वर्षों का तय किया गया था, लेकिन अब परिवर्तनशील ‘स्पीड, स्किल एवं स्केल’ के तहत यह काम एक वर्ष से कम वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।पटरियों के बदलने/उनके नवीनीकरण के कार्य को प्राथमिकता दी जाए। जिन स्थानों को नई रेलवे लाईन बिछाने के लिए चिन्ह्ति किया गया है, उन स्थानों से रेल की पटरियों को स्थानांतरित करके उन स्थानों/खंडों पर इस्तेमाल करना है, जो दुर्घटना की दृष्टि से संवदेनशील हैं और जहां पटरियों को बदला जाना बाकी है।
नई पटरियां खरीदने के कार्य में बड़े पैमाने पर तेजी लाई जाए, ताकि नई लाइनों के निर्माण का कार्य समय पर पूरा हो सके।
परम्परागत आईसीएफ डिजाइन कोच का निर्माण रोक दिया जाए और केवल नये डिजाइन के एलएचबी कोच बनाए जाएं।
इंजनों में कोहरा रोधक एलईडी लाइटें लगाई जाएं, ताकि कोहरे के मौसम के दौरान ट्रेनों का संचालन सुरक्षित तरीके से हो सके।
रेल मंत्री ने रेलवे बोर्ड को निर्देश दिया कि वह नियमित आधार पर इस कार्य योजना के कार्यान्वयन की निगरानी करे।

 

 

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