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भाजपा की ‘संपर्क से समर्थन’ अभियान 30 जून से, इस अभियान में तकरीबन 1.8 करोड़ नव मतदाताओं से संपर्क करने की योजनाभाजपा अब पहली बार वोटर लिस्ट में शामिल होने वाले तकरीबन 1.8 करोड़ युवा वोटरों तक पहुंचने की योजना बना रही है। युवा नव मतदाताओं तक पहुंच बनाने का काम बूथ संपर्क अभियान के तहत किया जाएगा। वहीं पार्टी ने ‘संपर्क से समर्थन’ अभियान की तारीख 11 जून से बढ़ा कर 30 जून कर दी है। 2019 के लोकसभा चुनावों के देखते हुए पार्टी ने एक नई रणनीति तैयार की है, जिसमें पार्टी बूथ स्तर पर भी सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाने का कार्यक्रम शुरू करेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बूथ लेवल कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ता बूथ स्तर पर परिवारों से मिलेंगे और उन्हें सरकार की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। सूत्रों के मुताबिक नई रणनीति के तहत पार्टी ने इस साल पहली बार मतदाता सूची में शामिल हो रहे तकरीबन 1.8 करोड़ नव मतदाताओं से भी संपर्क करने की योजना बनाई है। साथ ही पार्टी कार्यकर्ता 2014 के चुनावों के बाद वोटर लिस्ट में शामिल हुए 18 साल से 25 साल के तकरीबन 7.2 करोड़ युवा वोटरों से भी संपर्क करेगी। इसके लिए विस्तृत रणनीति तय की जा रही है और इसकी कमान भारतीय जनता युवा मोर्चा को सौंपी जाएगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि एक बूथ में 25 से 30 परिवार होते हैं। बूथ लेवल कार्यक्रम के अंतर्गत सभी बूथों पर बूथ प्रमुख व पार्टी पदाधिकारियों को केंद्र सरकार की उपलब्धियों से संबंधित पुस्तिका के साथ 50-50 घरों में जाकर लोगों से संपर्क करना है और उन्हें केंद्र सरकार की उपलब्धियों व योजनाओं की जानकारी देनी है, घर घर पंपलेट और स्टिकर लगाने हैं। इस अभियान में लोगों को उनके मोबाइल फोन पर मोदी ऐप भी डाऊनलोड कराया जाएगा। साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता भी लोगों से उनके घरों या चौपालों पर जाकर सरकार की योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके अलावा लोगों से योजनाओं के बारे में जागरुक करने के अलावा जरूरी फीडबैक भी लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से सलाह-मशवरे के बाद पार्टी के 3 महासचिवों अरुण सिंह, अनिल जैन और कैलाश विजयवर्गीय ने मिलकर यह विस्तृत योजना तैयार की है। वहीं यह पूछे जाने पर कि क्या बीजेपी केवल ऐसे लोगों से संपर्क कर रही है, जो उनकी विचारधारा के विरोधी हैं। इस पर पार्टी का कहना है बीजेपी यह बताने में सक्षम है कि उनका चार साल का सरकार का प्रदर्शन कैसा रहा है। सूत्रों का कहना है कि हमारे पास लोगों को बताने के लिए चार साल की उपलब्धियां हैं और इस दौरान सरकार पर भ्रष्टाचार के कोई आरोप नहीं लगे हैं, और जनता को यह बताने में किस बात का डर है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा जल्द से जल्द अपने मतदाताओं तक पहुंच बनाना चाहती है ताकि आम चुनाव से पहले पार्टी दूसरी रणनीतियों पर फोकस कर सके और विपक्षी एकता को चुनौती मिल सके। इसलिए पार्टी किसी की आलोचना करने के बजाय लोगों तक पहुंचने पर ज्यादा फोकस कर रही है। गौरतलब है कि पार्टी के ‘संपर्क से समर्थन’ अभियान के तहत 4 हजार कार्यकर्ताओं को समाज के एक लाख प्रतिष्ठित लोगों तक व्यक्तिगत पहुंच बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसके तहत पार्टी कार्यकर्ता मोदी सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचा रहे हैं।

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