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आखिर नुकसान सह कर भी रिलायंस जियो लोगों को सस्ता प्लान क्यों दे रहा है?

नई दिल्लीः रिलायंस जियो अपने नए डबल डेटा ऑफर में प्रीपेड ग्राहकों को एक्स्ट्रा डेटा दे रहा है. कंपनी अपनी अक्रामक प्राइस नीतियों के लिए जानी जाती है. मुकेश अंबानी की कंपनी जियो अपनी इस प्राइस नीतियो से मार्के शेयर पर कब्जा करना चाहती है. इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए जियो शॉर्ट-टर्म नुकसान सहने को भी तैयार है.

बैंक ऑफ अमेरिका की एनालिस्ट मैरिल लिंच का कहना है कि जियो के प्रति यूजर एवरेज रेवेन्यू में 2019 के पहले क्वार्टर में गिरावट आ सकती है. इसके बाद भी जियो के आने वाले प्लान सस्ती कीमत मेम ज्यादा डेटा देते हैं जो कि ज्यादा से ज्यादा स्मार्टफोन यूजर्स को लुभाने ती नीति है. इकॉनमिक टाइम्स से अमेरिका के एक ब्रोकर ने बताया कि भारत में 10 मिलियन स्मार्टफोन हर महीने बेचा जाता है और जियो उनमें से 6 मिलियन यूजर को जोड़ता है. ये दिखाता है कि सस्ती कीमत के साथ कंपनी मार्केट शेयर की ओर अपनी पहुंच बना रही है. इस अमेरिकी ब्रोकर के मुताबिक जियो का 399 रुपये वाला प्लान सबसे ज्यादा पॉपुलर है. इस प्लान में 1.6 रुपये की दर से 1 जीबी डेटा दिया जा रहा है. वहीं एयरटेल में 2.3 रुपये प्रति जीबी डेटा दे रहा है. जो जियो से मंहगा है.

जियो ने मंगलवार को ही अपने लगभग सभी प्रीपेड डेटा प्लान को रिवाइज किया है और अब इनमें 1.5 जीबी डेटा ज्यादा दिया जा रहा है. इसतरह अब उसी कीमत में जियो हर ग्राहक को ज्यादा डेटा दो रहा है. जियो ने ये ऑफर एयरटेल के जवाब में उतारा है. हाल ही में एयरटेल ने अपने की प्लान रिवाइज किए हैं जिसके कारण प्लान में मिलने वाला डेटा बढ़ा दिया है. इस ऑफर में का लाभ ग्राहक 12 जून से 30 तक उठा सकेंगे. एयरटेल के जवाब में जियो के हर प्लान में रोजाना 1.5 जीबी डेटा ज्यादा दिया जाएगा.

Jio prepared to risk short-term revenue loss to gain market shareआईडिया से जियो निकला आगे

जियो रेवेन्यू मार्केट शेयर के मामले में देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई है. इस रेस में जियो ने बिड़ला ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी आईडिया सेल्यूलर को पीछे छोड़ दिया है औ वोडाफोन को कड़ी टक्कर दे रही है. इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक महज 19 महीने के वक्त में मुकेश अंबानी की कंपनी जियो ने देश के टेलीकॉम के 20% रेवेन्यू मार्केट शेयर पर दबदबा बना लिया है.
ट्राई के आंकड़ों के की मानें तो आईडिया का रेवेन्यू मार्केट शेयर गिरकर 16.5% रह गया है. वोडाफोन के शेयर बढ़कर 21% और एयरटेल ने सबे बड़ी उछाल मारकर 32% रेवेन्यू शेयर मार्केट पर आ गई है. भारती एयरटेल को टाटा टेलिसर्विसेज के साथ इंट्रा-सर्कल रोमिंग पैक्ट करने से फायदा मिला है. आपको बता दें कि एयरटेल ने टाटा टेलीसर्विसेज का कंज्यूमर मोबिलिटी बिजनेस खरीद लिया है.
जियो के रेवेन्यू मार्केट शेयर में जबरदस्त उछाल आया है और वो तीसरे नंबर की कंपनी बन गई है. खास बात ये है कि इस महीने वोडाफोन और आइडिया का मर्जर होने के बाद ये 63000 करोड़ के रेवेन्यू वाली कंपनी बन जाएंगी जिसका यूजर बेस 430 मिलियन का होगा. इसके साथ ही वोडाफोन और आइडिया मार्केट लीडर बकर उभरेंगी जिनका रेवेन्यू मार्केट शेयर 37.5% होगा. मर्जर के बाद ये नंबर वन कंपनी बन जाएंगी. वहीं दूसरे नंबर पर एयरटेल और तीसरे नंबर पर जियो होगी.

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