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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ‘राइजिंग कश्मीर’ अखबार के संपादक शुजात बुखारी और उनके दोनों सुरक्षाकर्मियों की आतंकियों ने हत्या कर दी है. बुखारी पर ये हमला उस वक्त हुआ जब श्रीनगर के लाल चौक इलाके में मौजूद अपने दफ्तर से वो देर शाम इफ्तार पार्टी के लिए जा रहे थे. पुलिस के मुताबिक आतंकियों ने बुखारी को बेहद करीब से गोली मारी है.

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों पर शक

सूत्रों के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने शुजात बुखारी की हत्या की है. जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस हमले की निंदा की है. शुजात बुखारी के भाई सईद बसारत बुखारी महबूबा मुफ्ती के मंत्रिमंडल में हॉर्टिकल्चलर मंत्री हैं. आतंकियों को शह देने वाले पाकिस्तान ने भी बुखारी की हत्या पर दुख जताया है.

पुलिस ने जारी की संगदिग्ध हमलावरों की तस्वीर

चश्मदीदों के मुताबिक, शुजात बुखारी पर हुए हमले में दो आतंकी शामिल थे, जिन्होंने आईएनएसएएस रायफल से इस हमले को अंजाम दिया है. इससे पहले आतंकी हमले के लिए AK-47 का इस्तेमाल करते थे. पुलिस ने संगदिग्ध हमलावरों की तस्वीर भी जारी की है. इसमें बाइक पर दो लोग दिख रहे हैं. शक है कि इन्हीं बाइक सवारों ने पत्रकार बुखारी की कार पर गोलियां चलाईं.

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शुजात बुखारी के परिवार से मिलने कल रात मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अस्पताल पहुंचीं. वहां पत्रकारों से बात करते हुए वो रो पड़ीं. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इससे बुरा और कुछ नहीं हो सकता है. शुजात बुखारी मुझसे मिलने वाले थे.

यह एक कायरता पूर्ण घटना: राजनाथ सिंह

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, ”राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की हत्या एक कायराना हरकत है. यह कश्मीर की बौद्धिक आवाज को खत्म करने की कोशिश है. वह एक साहसिक और निडर पत्रकार थे. उनकी मौत से बेहद हैरान और दुखी हूं. बहादुर परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं.”

Rajnath Singh

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने की घटना की निंदा

जम्मू कश्नमीर में 1990 से लेकर अब तक 17 पत्रकारों की हत्या हो चुकी है. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने बुखारी की हत्या की निंदा है. प्रेस क्लब की ओर जारी बयान में कहा गया कि प्रेस क्लब ऑफ इंडिया रमजान के पवित्र महीने में शुजात बुखारी की हत्या से हैरान और दुखी है. यह दर्शाता है कि पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया भी बुखारी की हत्या की निंदा की. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने बयान में कहा कि  बुखारी संयम की आवाज और बड़े दिल वाले संपादक थे, जिन्होंने कश्मीर में युवा पत्रकारों के बड़े काडर को शिक्षा देने का काम किया. एक पत्रकार पर हमला फ्री प्रेस और जीवित लोकतंत्र की नींव को चुनौती देता है.

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