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government to celebrate 1 july as gst day, jaitely says collection soars 44 percentदेश में वस्तु व सेवाकर (जीएसटी) लागू होने की पहली वर्षगांठ पर को आज जीएसटी दिवस मनाया जाएगा। जीएसटी के एक साल ने भारतीय कराधान क्षेत्र में अप्रत्याशित सुधारों के प्रति करदाताओं के उत्साह और भागीदारी का पूरी दुनिया में बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।वित्त मंत्रालय ने कहा कि सरकार 1 जुलाई, 2018 को जीएसटी दिवस मनाएगी। केंद्रीय रेल, कोयला, वित्त व कारपोरेट मंत्री पीयूष गोयल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला भी मौजूद रहेंगे। संसद के केंद्रीय कक्ष में 30 जून और 1 जुलाई, 2017 की मध्यरात्रि को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति में इस नई कर व्यवस्था को लागू किया गया था।

एक दर्जन करों को किया समाहित
जीएसटी में करीब एक दर्जन करों को समाहित किया गया है। केंद्रीय स्तर पर लगने वाले उत्पाद शुल्क, राज्यों में लगने वाले मूल्य वर्धित कर (वैट) और कई स्थानीय शुल्कों को जीएसटी में समाहित किया गया। इसके बाद देश में एक राष्ट्र, एक कर की नई प्रणाली लागू हुई।
ई वे-बिल है अहम बदलाव
मंत्रालय ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक वे-बिल जीएसटी के तहत पहले के विभागीय नीतिगत मॉडल से आगे बढ़कर एक स्वघोषित मॉडल की दिशा में अहम बदलाव है। ई-वे बिल हासिल कर पूरे देश में माल की बिना किसी रोकटोक के आवाजाही सुनिश्चित हो सकती है। देश में अंतरराज्यीय ई-वे बिल व्यवस्था 1 अप्रैल, 2018 से लागू हुई है, जबकि राज्यों में माल परिवहन के लिये ई-वे बिल व्यवस्था 15 अप्रैल से चरणों में लागू की गई।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी प्रणाली के लागू होने के एक वर्ष पूरा होने की पूर्व संध्या पर फेसबुक पर एक पोस्ट में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान प्रत्यक्ष कर संग्रह में 44 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी होने का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि समाप्त वित्त वर्ष में जीएसटी का प्रत्यक्ष कर संग्रह पर असर नजर नहीं आया था।
उनका कहना था कि जीएसटी वित्त वर्ष की शुरुआत से लागू नहीं हुआ था । इसलिए इसका पूरा असर नहीं दिखाई दिया लेकिन मौजूदा वित्त वर्ष में जीएसटी का करसंग्रह में असर साफ नजर आयेगा।
जेटली के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तमाही में व्यक्तिगत आयकर में 44 प्रतिशत और कंपनी कर श्रेणी में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने लिखा है 2017..18 में आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या 6.86 करोड़ पहुंच जाने की उम्मीद है। वर्ष के दौरान आयकर रिटर्न भरने वालों में 1.06 करोड़ नये थे। कुल आयकर 10.02 लाख करोड़ एकत्रित किया गया। चार वर्षों में आयकर प्राप्ति में 57 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

देश में पिछले साल एक जुलाई को जीएसटी लागू किया गया था। संसद के केन्द्रीय कक्ष में 30 जून और एक जुलाई 2017 की मध्यरात्रि को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति में जीएसटी को देश में लागू किया गया।

वित्त मंत्रालय के अनुसार , ‘‘ केन्द्रीय रेल , कोयला , वित्त एवं कारपोरेट कार्य मंत्री पीयूष गोयल इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे जबकि वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला भी इस अवसर पर उपस्थित होंगे। ’’ जीएसटी में करीब एक दर्जन करों को समाहित किया गया है। केन्द्र स्तर पर लगने वाले उत्पाद शुल्क , राज्यों में लगने वाले मूल्य र्विधत कर (वैट) और कई स्थानीय शुल्कों को जीएसटी में समाहित किया गया जिसके बाद देश में ‘‘ एक राष्ट्र , एक कर ’’ की यह नई प्रणाली लागू हुई। मंत्रालय ने इस अवसर पर जारी विज्ञप्ति में कहा है , ‘‘ जीएसटी का पहला साल भारतीय करदाताओं के इस अप्रत्याशित कर सुधार की व्यवसथा में भागीदार बनने को लेकर तैयार रहने का बेहतर उदाहरण दिखाता है। ’’

इसमें कहा गया है कि इलेक्ट्रानिक वे – बिल इस प्रणाली के तहत पहले के विभागीय नीतिगत मॉडल से आगे बढ़कर एक ‘‘ स्व – घोषित मॉडल ’’ की दिशा में अहम बदलाव है। इसमें ई – वे बिल हासिल कर पूरे देश में माल की बिना किसी रोक टोक के बाधामुक्त आवाजाही सुनिश्चित हो सकती है। देश में अंतरराज्यीय ई – वे बिल व्यवस्था एक अप्रैल 2018 से लागू हुई है जबकि राज्यों के भीतर माल परिवहन के लिये ई – वे बिल लेने की व्यवस्था को 15 अप्रैल से चरणों में लागू किया गया।

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